पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

अवैध टिकट बनाने वाले दबोचे गए:आरपीएफ ने ई-टिकट बनाने वाले दलालाें पर कसा शिकंजा, पर्सनल आईडी पर ई-टिकट बनाकर बेच रहे थे

जबलपुर2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
पाटन से दबोचे गए ई-टिकट बनाने वाले दलाल। - Dainik Bhaskar
पाटन से दबोचे गए ई-टिकट बनाने वाले दलाल।

रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने अवैध तरीके से ई-टिकट बनाने वाले दलालों पर जबलपुर से लेकर नरसिंहपुर तक दबिश दी। टीम ने तीन स्थानों पर दबिश देकर 87 ई-टिकट जब्त किए। इसकी कीमत 37 हजार से अधिक बताई जा रही है। आरोपी पर्सनल आईडी पर ई-टिकट बनाकर बेच रहे थे। सभी के खिलाफ रेलवे एक्ट की कार्रवाई की गई है।

आरपीएफ कमांडेंट अरुण कुमार त्रिपाठी के मुताबिक अवैध तरीके से ई-टिकट बनाने वालों पर कार्रवाई के लिए एसआई निरीक्षक बीपी मेहरा, प्रधान आरक्षक शिवचरण शर्मा, प्रधान आरक्षक फूल चंद पटेल, आरक्षक अमित सिंह व ओम नारायण सिंह की टीम को निर्देश दिए गए थे।

पर्सनल आईडी पर ई-टिकट बनाकर बेच रहे थे

टीम ने पाटन क्षेत्र में पटेल मोबाइल शॉप और अंशिका ऑनलाइन सेंटर पर दबिश दी। यहां पर्सनल आईडी पर टिकट बनाकर ई-टिकट का व्यापार किया जा रहा था। दुकान पर अंशुल पटेल और भूपेंद्र अहिरवार से 21 रेलवे टिकट जब्त किए गए। इसकी कीमत 13 हजार 671 रुपए हैं। टीम ने सीपीयू भी जब्त किए हैं।

आरोपी के यहां से सीपीयू भी टीम ने जब्त कर लिया।
आरोपी के यहां से सीपीयू भी टीम ने जब्त कर लिया।

नरसिंहपुर में आरपीएफ ने 66 -टिकट जब्त किए

इसी तरह टीम ने नरसिंहपुर जिले में बरमान घाट रोड करेली में मां नर्मदा कम्प्यूटर एंड फोटोकाॅपी सेंटर में दबिश दी। दुकान संचालक प्रवीण पटेल पर्सनल आईडी पर ई-टिकट बनाते हुए पकड़ा गया। उसके पास से कुल 66 ई-टिकट जब्त किए गए। इसकी कीमत 23 हजार 430 रुपए है। टीम ने एक मोबाइल और सीपीयू भी जप्त किए हैं। तीनों ही आरोपियों के खिलाफ आरपीएफ ने रेल अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए रेलवे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया। जहां से सभी से अर्थदंड लगाकर जमानत पर छोड़ा गया।

ये है नियम

सीपीआरओ राहुल जयपुरिया के मुताबिक रेलवे ई-टिकट बनाने के लिए वेंडर नियुक्त करती है। इसके लिए रेलवे से लाइसेंस लेना पड़ता है। जबकि पर्सनल आईडी से सिर्फ व्यक्तिगत यात्रा की टिकट बुक कर सकते हैं। व्यवसायिक उपयोग के लिए ई-टिकट बनाकर बिना अनुमति बेचना रेलवे अधिनियम में अपराध है।

खबरें और भी हैं...