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  • In 15 Days, Only One Officer Was Able To Resolve The Problem, The Number Of Other Complaints Also Exceeded Seven Hundred And Fifty.

तहसीलों में साल भर से पेंडिंग हैं कई शिकायतें:15 दिन में महज एक का निराकरण कर पाए अधिकारी, अन्य शिकायतों का आँकड़ा भी साढ़े 7 सौ के पार

जबलपुर9 महीने पहले
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शासन-प्रशासन द्वारा जनता को राहत देने के लिए हर दिन अधिकारियों को हिदायत दी जा रही है कि उनके काम प्राथमिकता से हों और शिकायतों का निराकरण जल्द से जल्द हो। हर बार बैठक में समय-सीमा में समस्याओं के निराकरण की बात कही जाती है, लेकिन इसका असर अधिकारियों पर नहीं पड़ता। हालात यह हैं कि 300 दिन से अधिक की लंबित िशकायतें अभी भी लगभग 62 हैं।

जिन्हें काफी पहले हल हो जाना चाहिए। लेकिन उसका निराकरण नहीं हुआ। आँकड़े बताते हैं कि तहसील दफ्तरों में 15 दिन पहले 3 सौ दिन से ज्यादा की जो शिकायतें 63 थीं वह 15 दिन बाद घटकर 62 पर पहुँच पाई हैं। इससे समस्याओं के निराकरण से पता चल सकता है कि काम किस गति से हाे रहा है। दूसरी तरफ अन्य शिकायतें भी साढ़े 7 सौ के पार हैं।
किस तहसील में कितनी शिकायतें
तहसीलों में शिकायतें हर दिन बढ़ रही हैं। 3 सौ दिन से ज्यादा पेंडिंग शिकायतों के मामले में रांझी तहसील में सबसे आगे है यहाँ 14 शिकायतें ऐसी हैं जिनका लंबे समय बाद भी निराकरण नहीं हुआ है। इसी तरह अधारताल तहसील में 13 शिकायतें​​​​​​​ हैं, गोरखपुर में 8, जबलपुर तहसील में 4, पनागर में 3, पाटन में 3, बरगी में 1, शहपुरा 4 और मझौली तहसील में 11 शिकायतें लंबित हैं।
कम होने के बजाय बढ़ रहे प्रकरण
जिले में सीएम हेल्पलाइन सहित आम जनता से जुड़ी शिकायतों को कम करने कलेक्टर कर्मवीर शर्मा समय-सीमा बैठक में चेतावनी दे रहे हैं फिर भी अधिकारी इस मामले में गंभीरता नहीं बरत रहे हैं। यही वजह है कि िशकायतें कम होने की बजाय हर दिन बढ़ती जा रही हैं।

वर्तमान में शहपुरा तहसील में सबसे ज्यादा 120 शिकायतें हैं जिनका निराकरण नहीं हो रहा है। इसी तरह गोरखपुर में 110, अधारताल में 101, रांझी में 88, कुंडम में 9, जबलपुर में 48, पाटन में 55, बरगी में 36, मझौली में 65 व सिहोरा में 45 से ज्यादा शिकायतें ऐसी हैं जिनका निराकरण कराने आमजन चक्कर लगा रहे हैं।

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