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  • In 5 And A Half Months, Only 11 Percent Of The Population Received Both Doses Of The Vaccine, So Far 47 Percent Got The First Dose

टीकाकरण अभियान:साढ़े 5 महीने में मात्र 11 फीसदी आबादी को टीके की दोनों डोज, अब तक 47 फीसदी को पहला डोज

जबलपुर18 दिन पहले
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  • 18 से अधिक उम्र कीे लगभग 21 लाख अाबादी को लगनी है वैक्सीन

साल की शुरुआत मेें कोरोना का टीका राहत भरी खुशी लेकर आया था। खुशी तब और बढ़ी जब 16 जनवरी से जबलपुर जिले में वैक्सीनेशन की शुरुआत की गई। चरणबद्ध तरीके से जनवरी और फरवरी माह में क्रमश: हैल्थ केयर वर्कर्स और फ्रंट लाइन वर्कर्स का टीकाकरण किया गया। इसके बाद बारी आई आम जनों की। शुरुआत बुजुर्गों से हुई और फिर 45 प्लस कैटेगरी में टीके लगाए जाने लगे। शुरुआत में टीके के प्रति लोगों का उत्साह देख कर लगा कि बहुत जल्द अधिक से अधिक संख्या में लोग वैक्सीनेट होंगे, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर और टीके की किल्लत ने पानी फेर दिया।

जिले में 18 से अधिक उम्र की लगभग 21 लाख आबादी को टीका लगना है, लेकिन पिछले साढ़े 5 महीने में केवल 11 फीसदी को ही दोनों डोज लगे हैं, वहीं पहला डोज लेने वालों की संख्या करीब 47 फीसदी है। हैल्थ केयर और फ्रंट लाइन वर्कर्स, जिनसे टीकाकरण कार्यक्रम की शुरुआत हुई, उनमें से सभी को अब तक टीके के दोनों डोज नहीं लग सके हैं। फ्रंट लाइन वर्कर्स में 66 फीसदी और हैल्थ केयर वर्कर्स में 64 फीसदी को ही वैक्सीन का संपूर्ण कवच मिला है। हालाँकि विभाग का कहना है कि कोविशील्ड के पहले और दूसरे डोज के बीच समयांतराल को दो बार बढ़ाया गया, जिसके चलते दूसरा डोज लेने वाले अभी कम हैं।

टीकाकरण अभियान के विभिन्न चरण

  • 16 जनवरी से हैल्थ केयर वर्कर्स
  • 8 फरवरी से फ्रंट लाइन वर्कर्स
  • 1 मार्च से 60 वर्ष से अधिक एवं गंभीर बीमारी से पीड़ित 45 से अधिक उम्र के व्यक्ति
  • 1 अप्रैल से 45 से अधिक उम्र के सभी व्यक्ति
  • 5 मई से 18 वर्ष से 44 वर्ष तक की उम्र के व्यक्ति

अब तक मिली वैक्सीन

  • 6 लाख 93 हजार 700 डाेज मिले
  • 5 लाख 91 हजार 144 डोज लगाए गए
  • 63 हजार 990 डोज स्टॉक में
  • 38 हजार 566 वेस्टेज

ऑनस्पॉट बुकिंग के बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में टीकाकरण कम; 18+ कैटेगरी में स्लॉट बुकिंग के चलते यह कहा जा रहा था कि ग्रामीण क्षेत्रों के वे लोग जो स्मार्ट फोन यूज नहीं करते, बुकिंग कैसे कराएँगे। समस्या का निराकरण करते हुए ग्रामीण क्षेत्रों मंे स्लाॅट बुकिंग खत्म कर, ऑन स्पॉट बुकिंग की सुविधा दी गई। इसके बाद भी लक्ष्य के मुकाबले आधा टीकाकरण भी नहीं हुआ।

जून में बढ़ेगा दूसरा डोज लगवाने वालों का टारगेट; जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एसएस दाहिया के अनुसार जितनी आबादी को टीके लगाने का लक्ष्य रखा गया है, उसमें 47 फीसदी को पहला डोज लग चुका है। अब दूसरा डोज कम लगने का मुख्य कारण कोविशील्ड के दूसरे डोज के बीच के अंतर का बढ़ना है। पहले यह 28 दिन था, फिर 42 दिन हुआ और अब 84 दिन हो गया। जून में अधिकांश लोग दूसरे डोज के लिए तैयार होंगे, ऐसे में आँकड़े और बेहतर होंगे।

पहले डोज का मैसेज नहीं मिला; एक तो जागरुकता की कमी के चलते कुछ लोग वैक्सीन लगवाने से पीछे हट रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जो लोग खुद सेंटर जाकर वैक्सीन लगवा रहे हैं, उन्हें एक नई समस्या का सामना करना पड़ा रहा है। समस्या है पहला डोज लगवाने का मैसेज न आना। मैसेज और सर्टिफिकेट की लिंक न होने से दूसरा डोज कैसे लगेगा, यह सवाल लोगों को परेशान कर रहा है।

यह शिकायत कई केंद्रों से मिल रही है, खासकर उन केद्रों से जहाँ हितग्राही का रजिस्ट्रेशन डायरेक्ट पोर्टल पर न करके, मैनुअली तरीके से किया जा रहा है। ऐसा होने से पोर्टल पर एंट्री होेने में कई दिनों का वक्त लग रहा है। कई बार तो एंट्री भी नहीं हो रही है। बेदी नगर में चल रहे टीकाकरण शिविर में हितग्राही नरेंद्र को 28 अप्रैल को टीका लगा, लेकिन उन्हें मैसेज नहीं मिला। इसी तरह राममंदिर केंद्र में टीका लगवा चुके नरेश और नीलम, डॉ. आशीष और ज्योति मिश्रा, सुनीता और राजेंद्र माखीजा को भी मैसेज प्राप्त नहीं हुआ।

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