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दोस्ती+दुश्मनी+ब्लैकमेलिंग= सुसाइड:जबलपुर में 11वीं की स्टूडेंट ने आग लगाकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- मेरी शिकायत पुलिस ने नहीं सुनी

जबलपुर2 महीने पहले

दोस्ती, दुश्मनी और फिर ब्लैकमेलिंग ने जबलपुर में 16 वर्षीय 11वीं की छात्रा की जान ले ली। कम उम्र में पड़ोस में रहने वाले किशोर से दोस्ती छात्रा की जिंदगी पर भारी पड़ी। पिता ने आपत्ति करते हुए नाबालिग प्रेमी के साथ मारपीट की तो उसने एफआईआर दर्ज करा दी। इसके बाद उसका प्रेम नफरत में बदल गया और वह छात्रा को ब्लैकमेल करने लगा। उसने कहा कि पांच हजार रुपए दे दे, नहीं तो पिता को सात साल की एससी-एसटी मामले में जेल हो जाएगी। उसने पिता को जान से मारने की धमकी भी दी। परेशान और डरी छात्रा ने खुद को आग लगा ली और मंगलवार की देर रात उसकी मौत हो गई। मौत से पहले छात्रा का वीडियो भी सामने आया है। इसमें उसने आरोपियों के नाम भी बताए हैं।

मस्ताना चौक रांझी निवासी अभिलाषा जैन (16) ने खुद को आग लगाने से पहले सुसाइड नोट छोड़ा था। इसमें तीन नाबालिगों सहित पांच आरोपियों की करतूत का जिक्र करते हुए लिखा है कि ‘इन लोगों ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। रांझी थाने में शिकायत करने गई, लेकिन मेरी शिकायत पुलिस ने भी नहीं सुनी। सॉरी पापा-मुझे माफ कर देना।’

सुसाइड नोट में अभिलाषा का छलका दर्द।
सुसाइड नोट में अभिलाषा का छलका दर्द।

ये लिखा है नोट में
‘इन लोगों ने मेरा जीना मुश्किल कर दिया है। मैं इनसे परेशान हो चुकी हूं। इन्होंने( उसने तीन नाबालिग और तीन महिलाओं के नाम लिए हैं।) मेरा जीना मुश्किल कर दिया। इन्होंने मेरा जीवन बर्बाद कर दिया है। उसके घर के चारों तरफ लड़के घूमते रहते हैं। थाने में भी शिकायत की थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। मेरी वजह से बहनों की जिंदगी बर्बाद न हो, इसलिए आत्महत्या करने जा रही हूं।’

मां की हो चुकी है मौत, पिता ऑटो ड्राइवर

11वीं में पढ़ने वाली अभिलाषा की मां की दो साल पहले ही मौत हो चुकी है। पिता मुकेश जैन ऑटो ड्राइवर हैं। चार बहनों में अभिलाषा सबसे छोटी थी। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। पिता सुबह ही ऑटो लेकर निकल जाते थे। घर पर तीन बहनें ही होती थीं। नाबालिग उम्र में मुख्य आरोपी 17 वर्षीय किशोर से उसकी दोस्ती हो गई। हालांकि पिता इस दोस्ती के खिलाफ थे और इसे लेकर बेटी को डांट भी लगाई थी।

24 सितंबर को आरोपी से विवाद के बाद किशोरी की बदल गई जिंदगी

रांझी पुलिस के मुताबिक 24 सितंबर को मुकेश जैन ने बेटी अभिलाषा को मुख्य आरोपी के साथ देख लिया था। मुख्य आरोपी ने उसकी फोटो भी खींची थी। उस दिन अभिलाषा देर से घर पहुंची थी। इस पर पिता मुकेश ने उसे डांट भी लगाई थी। इसके बाद मुख्य आरोपी के घर गया था। मुख्य आरोपी ने बाद में रांझी थाने में शिकायत दर्ज करा दी थी कि मुकेश जैन ने उसके घर में घुसकर मारपीट की और धमकी दी।

पुलिस ने मारपीट, धमकी व एससी-एसटी का प्रकरण दर्ज किया था। उसी रात 8.30 बजे नाराज होकर अभिलाषा घर से निकल गई थी और अगले दिन लौटी थी। उसके अपहरण का मामला भी पिता मुकेश जैन ने उस रात दर्ज कराई थी। बाद में किशोरी ने 164 के बयान में कहा था कि वह पिता के डांटने से गुस्सा होकर रात भर रेलवे स्टेशन पर बैठी रही।

अभिलाषा (16) के सुसाइड ने सिस्टम पर उठाए सवाल।
अभिलाषा (16) के सुसाइड ने सिस्टम पर उठाए सवाल।

छात्रा का था दावा, पुलिस ने उसकी शिकायत नहीं दर्ज की

सुसाइड नोट में अभिलाषा ने लिखा है कि पुलिस ने उसकी शिकायत पर कोई मामला दर्ज नहीं किया, जबकि मुख्य आरोपी समझौता करने के एवज में उसे लगातार धमका कर पांच हजार रुपए की डिमांड कर रहा था। 6 दिसंबर को भी मुख्य आरोपी ने उसके घर आकर धमकी दी थी। वह दोनों बहनों के साथ रांझी थाने गई थी, लेकिन पुलिस ने तब भी एफआईआर दर्ज नहीं की। उस समय आरोपी भी थाने के बाहर मोबाइल पर किसी से बात कर रहा था।

पुलिस का ये है दावा

रांझी पुलिस और एएसपी संजय अग्रवाल का दावा है कि छात्रा 6 दिसंबर को शिकायत दर्ज कराने नहीं आई थी। वह मुख्य आरोपी द्वारा पिता पर दर्ज कराई गई एफआईआर मामले में समझौता कराने की बात करने आई थी, लेकिन प्रकरण में कोर्ट में चालान पेश हो चुका है। इस कारण उससे आवेदन लेते हुए कोर्ट में अपना पक्ष रखने की बात कही गई थी। इसके बाद छात्रा अपनी बहनों के साथ चली गई थी।

7 दिसंबर की दोपहर में लगाई आग, रात एक बजे टूटी सांसों की डोर

छात्रा और पुलिस के दावे-प्रतिदावे के बीच कौन सच या झूठ बोल रहा है, ये विवेचना का विषय है। पर परेशान अभिलाषा ने मंगलवार 7 दिसंबर की दोपहर में खुद पर केरोसिन उड़ेल कर आग लगा ली। वह 90 प्रतिशत से अधिक झुलस गई थी। उसे पहले विक्टोरिया और फिर मेडिकल में भर्ती कराया गया था। जहां देर रात एक बजे उसकी सांसों की डोर कट गई। मृत्यु पूर्व नायब तहसीलदार रांझी को उसने अपने बयान में 16 व 17 वर्षीय तीन नाबालिगों के साथ केवट मोहल्ला निवासी आशा खन्ना, ममता केवट की प्रताड़ना को सुसाइड का कारण बताया था।

एक महीने पहले ट्रेन से कटने की कोशिश की थी

छात्रा की बड़ी बहन का दावा है कि रांझी पुलिस ने हमारा आवेदन लेकर रख लिया था। जबकि आरोपी की शिकायत पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर लिया था। अभिलाषा ने एक महीने पहले भी ट्रेन से कटने की कोशिश की थी। पर तब दोनों बहनों और राहगीरों ने उसे बचा लिया था। अभिलाषा के सुसाइड नोट और मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर रांझी पुलिस ने तीन नाबालिगों सहित पुलिस ने इसमें मुख्य आरोपी की मां उर्मिला, दूसरे आरोपी की मां आशा और एक लड़की की मां ममता केवट को भी आरोपी मनाया है। सभी को गिरफ्तार कर लिया है। अब प्रकरण में सुसाइड के लिए मजबूर करने की धारा भी बढ़ाई गई है।