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  • In The Case Of Missing 10 Thousand Doses Of Covishield, The Health Department Sent Information To The Ministry Of Health, No Clue Has Been Found From The Serum Yet

10 हजार काेवीशील्ड गायब होने का मामला:हेल्थ विभाग ने स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजी सूचना; सीरम से अब तक नहीं मिल पाई कोई जानकारी

जबलपुर6 दिन पहले
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मध्य प्रदेश में कोवीशील्ड की 10 हजार डोज (एक हजार वायल) गायब होने के मामले की पहेली नहीं सुलझ पाई है। 21 मई को टीके की ये डोज जबलपुर के मैक्स हेल्थ केयर अस्पताल के नाम पर आवंटित हुई थी। डोज की अधिक मात्रा को देखते हुए जिला टीकाकरण अधिकारी को मैसेज भेजकर डोज रखवाने के अस्पताल के इंतजाम को देखने के लिए निर्देशित किया गया था। तब मामले का खुलासा हुआ।

25 मई को हेल्थ विभाग की ओर से वैक्सीनेशन अधिकारी को कहा गया था कि कोवीशील्ड की मात्रा अधिक है। ऐसे में यह सुनिश्चित करा लें, अस्पताल में रखरखाव का पर्याप्त इंतजाम है या नहीं। यदि अस्पताल में इतनी मात्रा में डोज रखने का इंतजाम न हो, तो अपने स्तर पर इसे रखवाने का इंतजाम करें, जिससे डोज खराब न हों। वैक्सीनशेन अधिकारी डॉक्टर शत्रुघन दाहिया के मुताबिक उन्होंने दो दिनों तक जिले में मैक्स हेल्थ केयर नाम के अस्पताल के बारे में पता लगाया, लेकिन अस्पताल नहीं मिला। इसके बाद भोपाल के अधिकारियों को अवगत करा दिया।

सीरम की ओर से भेजी गई लिस्ट में है अस्पताल का जिक्र।
सीरम की ओर से भेजी गई लिस्ट में है अस्पताल का जिक्र।

स्वास्थ्य मंत्रालय के माध्यम से सीरम को भेजी गई जानकारी
मैक्स हेल्थ केयर अस्पताल के जबलपुर में न होने की जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय को भिजवा दिया गया है। अब वहां से सीरम इंस्टीट्यूट से इस अस्पताल के बारे में और जानकारी मांगी गई है। स्वास्थ्य विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ. संजय मिश्रा के मुताबिक अभी तक सीरम इंस्टीट्यूट की ओर से अधिकृत जानकारी नहीं मिली है।

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एक आशंका ये भी है कि भूल से इस अस्पताल का नाम जबलपुर में लिख दिया गया हो। मैक्स हेल्थ केयर नाम की कई श्रृखंला देश भर में है। हरियाणा के सोनीपत, गुरुग्राम, मानेसर में इस नाम के अस्पताल हैं। वहां तीनों अस्पतालों को 3 लाख डोज आवंटित हुई है।

वैक्सीन के दुुरुपयोग के चलते अलर्ट
10 हजार डोज की कीमत 60 लाख रुपए बताई जा रही है। अभी तक अस्पताल के बारे में पता नहीं चला। अब सवाल उठता है कि इतनी मात्रा में बुकिंग करने वाला अस्पताल ने फर्जी एड्रस लिखवाया या सूची टाइपिंग में कोई मिस्टेक था। बहरहाल वैक्सीन के दुरुपयोग को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। स्वास्थ्य विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ संजय मिश्रा भी मान रहे है कि लिस्ट में किसी और जिले के नाम पर जबलपुर लिख गया हो। लिस्ट बनाते समय टाइप एरर हो गया हो।

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