• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Jabalpur
  • The Reason Given For Three Deaths In The Pink City Fire Accident Of Jabalpur, On The Other Hand, The MPs Met Arunbala Survived By Defeating The Death

फायर विभाग की रिपोर्ट में शाॅर्ट-सर्किट:जबलपुर के पिंक सिटी अग्निकांड में 3 मौत की बताई वजह, मौत को मात देकर बच गईं अरुणबाला से मिले सांसद

जबलपुर4 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
अस्पताल में भर्ती अरुणबाला सोनी से मिलने पहुंचे सांसद राकेश सिंह और विधायक अशोक रोहाणी। - Dainik Bhaskar
अस्पताल में भर्ती अरुणबाला सोनी से मिलने पहुंचे सांसद राकेश सिंह और विधायक अशोक रोहाणी।

जबलपुर के पिंक सिटी में 5 अगस्त की देर रात हुए अग्नि हादसे में तीन जिंदगियों की मौत शाॅर्ट-सर्किट से हुई थी। ऐसा प्रतिवेदन नगर निगम के फायर ब्रिगेड ने गोराबाजार पुलिस को भेजा है। वहीं, पीएम करने वाले चिकित्सकों ने भी शाॅर्ट पीएम में मौत की वजह दम घुटना और झुलसना बताया है। शनिवार को सांसद राकेश सिंह निजी अस्पताल में भर्ती परिवार की बुजुर्ग महिला अरुणबाला सोनी (70) से मिले। हादसे की जानकारी ली और सांत्वना दी। परिवार रात में ही करेली नरसिंहपुर के लिए रवाना हो गया।

जबलपुर में 3 लोग जिंदा जले:घर में आग लगने से रेलवे के प्रोटोकॉल इंस्पेक्टर की पत्नी, बहन और भांजी की मौत; 70 साल की मां और अफसर की जान बची

रेलवे में जीएम कार्यालय में प्रोटोकॉल इंस्पेक्टर आदित्य सोनी ने शनिवार को मां अरुणबाला को इस हृदयविदारक हादसे के बारे में बताया। दरअसल वह बार-बार बहू, बेटी व नातिन के बारे में ही पूछ रही थी। चिकित्सकों की राय पर आदित्य को सच बताना पड़ा। तीनों की मौत की खबर सुनकर कुछ देर तक वह रोती रहीं, इसके बाद बेटे को परेशान देख उन्होंने कलेजा कड़ा कर लिया।

आसान नहीं होगा ये जख्म भरना।
आसान नहीं होगा ये जख्म भरना।

MP: मां-बेटी समेत 3 के जिंदा जलने की आंखों देखी:गार्ड ने कहा- बेटी को कलेजे से लगाकर मां पुकारती रही- कोई तो बचा लो... दोनों नहीं बचीं; हथौड़े से गेट तोड़ा तब बच्ची की नानी को बचा सके

तीनों शवों का चौहानी मुक्तिधाम में हुआ था अंतिम संस्कार

तीनों शवों का शुक्रवार को ही अंतिम संस्कार चौहानी मुक्तिधाम में कर दिय गया था। आदित्य की बहन रितु (37) और भांजी परी (07) के परिजन लालघाटी एयरपोर्ट रोड भोपाल निवासी रत्नेश सराफ और अन् लोग जबलपुर पहुंच गए थे। रत्नेश सराफ डीडी न्यूज एमपी में रीडर हैं। उनकी पत्नी रितु अपनी बेटी परी को लेकर 10 दिन पहले ही भाई आदित्य के घर पिंक सिटी आई थी।

घर की स्याह दिवारों को छोड़कर पैतृक गांव रवाना हुआ परिवार।
घर की स्याह दिवारों को छोड़कर पैतृक गांव रवाना हुआ परिवार।

भीषण अग्नि हादसे में भी मां की ममता सब पर:बालकनी में फंसे बेटे को बूढ़ी मां की चिंता थी, तो दमघोटू धुएं और लपटों से घिरी रितु मौत के बाद भी बेटी को बचाने की कोशिश की

घर में ताला लगाकर परिवार पैतृक गांव हुआ रवाना

आदित्य का पैतृक घर करेली नरसिंहपुर में है। शनिवार शाम को उन्होंने गोराबाजार थाने पहुंच कर बयान दर्ज कराया। पुलिस ने एक बार उनके साथ घर जाकर हादसे के बारे में जानकारी ली। इसके बाद वे मां को अस्पताल से डिस्चार्ज कराकर करेली नरसिंहपुर के लिए रवाना हो गए। पत्नी नेहा सोनी (32) का कर्म-क्रिया वहीं से करेंगे।

जबकि रितु व परी की अस्थियां नर्मदा में प्रवाहित कर पीड़ित परिवार भोपाल रवाना हो गया। गोराबाजार टीआई सहदेव राम साहू के मुताबिक मर्ग जांच में लिया गया है। एफएसएल और पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे कदम उठाए जाएंगे।

भीषण अग्निहादसे में जान गंवाने वाली नेहा, परी व रितु सोनी।
भीषण अग्निहादसे में जान गंवाने वाली नेहा, परी व रितु सोनी।

ये थी घटना

रेलवे में प्रोटोकॉल इंस्पेक्टर आदित्य सोनी ने तीन साल पहले पिंक सिटी बिलहरी गोराबाजार में मकान बनवाया था। आदित्य के पिता नहीं हैं। 70 वर्षीय मां अरुणबाला कैंसर पीड़ित हैं। बड़ी बहन वर्षा आस्ट्रेलिया में है, तो छोटी रितु भोपाल में ब्याही थी। रितु अपनी इकलौती 7 वर्षीय बेटी को लेकर 10 दिन पहले भाई व मां से मिलने आई थी।

आदित्य की शादी नेहा सोनी से 12 साल पहले हुई थी। हालांकि उनकी अभी औलाद नहीं थी। 5 अगस्त की देर रात 2.20 से 2.40 के बीच उनके मकान में आग लग गई। हादसे में आदित्य और उनकी मां अरुणबाला को लोगों ने बचा लिया। पर उनकी पत्नी नेहा, बहन रितु और भांजी परी की दर्दनाक मौत हो गई

घर की दीवारें बयां कर रहे हादसे के जख्म:रेलवे कर्मी आदित्य के पड़ोसियों ने सुनाई आपबीती, बोले ऐसा हादसा कभी नहीं देखा था

खबरें और भी हैं...