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कोविड मरीजों के लिए काम की जानकारी:निजी अस्पतालों की मनमानी पर लगेगा अंकुश, शिकायत की जांच करेगी जिला स्तरीय समिति, एक क्लिक पर देखें बेड की उपलब्धता

जबलपुरएक महीने पहले
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निजी अस्पताल की मनमानियों पर लगेगा अंकुश। - Dainik Bhaskar
निजी अस्पताल की मनमानियों पर लगेगा अंकुश।

जबलपुुर में निजी अस्पतालों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए जिले स्तर पर एक समिति गठित की गई है। आए दिन मरीजों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार और इलाज के नाम पर बेजा लूट के मामलों में उम्मीद है कि समिति कार्रवाई करेगी और कोविड संक्रमितों को बड़ी राहत मिलेगी। हालांकि प्रशासन का रवैया अब तक ढुलमुल ही रहा है। गैलेक्सी हॉस्पिटल में लापरवाही से हुई पांच मौतों के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने कोरोना मरीजों के इलाज को लेकर नर्सिंग होम और अस्पतालों के संबंध में होने वाली शिकायतों के लिए इस समित का गठन किया है। समिति का अध्यक्ष संयुक्त कलेक्टर शाहिद खान को बनाया है। नर्सिंग होम एसोसिएशन के प्रतिनिधि डॉक्टर पवन स्थापक, आईएमए के प्रतिनिधि डाॅक्टर राकेश पाठक, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉक्टर धीरज धवंडे, जिला चिकित्सालय के दंत चिकित्सक डॉक्टर संजय छत्तानी समिति के सदस्य बनाए गए हैं।

शिकायतों की त्वरित जांच के निर्देश
कलेक्टर ने समिति को निजी अस्पताल के संबंध में प्राप्त होने वाली शिकायतों का तुरंत परीक्षण कर उसकी जांच रिपोर्ट अभिमत के साथ कलेक्टर कार्यालय को सौंपने का निर्देश दिया है। निजी अस्पतालों को घोषित पैकेज के अनुसार ही कोरोना का इलाज करने के लिए कहा गया है। इसके लिए सार्थक एप पर शुल्क का विवरण भी अपलोड है।
घोषित पैकेज से अधिक शुल्क लेने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई
शासन स्तर पर निजी अस्पतालों में कोविड संक्रमितों के इलाज का पैकेज निर्धारित है। इन अस्पतालों द्वारा घोषित इलाज का विवरण राज्य शासन के पोर्टल http:/sarthak.nhmmp.gov.in/covid में प्रदर्शित हैं। पैकेज के विरूद्ध शुल्क वसूलने पर संबंधी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। जिला स्तरीय समिति की तरह ही राज्य स्तरीय समिति भी गठित की गई है। इसमें प्रमुख सचिव संजय दुबे, प्रतीक हजेला और सचिव संजय गाेयल शामिल हैं।
प्राइवेट एंबुलेंस की दरें भी निर्धारित
कोरोना संक्रमितों के साथ होने वाली बेजा लूट-खसोट पर अंकुश लगाने के लिए राज्य परिवहन विभाग ने निजी एंबुलेंस की दरों का भी निर्धारण कर दिया है। इससे अधिक दर वसूलने वाले एंबुलेंस का परमिट निरस्त कर दिया जाएगा। अपर मुख्य सचिव, परिवहन एसएन मिश्रा ने प्राइवेट एम्बुलेंस की दर संबंधी आदेश जारी कर दिया है।
एम्बुलेंस और अस्पताल में इलाज की दर तय

  • एएलएस शहरी क्षेत्र में- प्रथम 10 किमी के लिये 500 रुपए और इसके बाद 25 रुपये प्रति किमी लगेगा।
  • एएलएस ग्रामीण क्षेत्र में-प्रथम 20 किलोमीटर के लिए 800 रुपए और इसके बाद 25 रुपये प्रति किमी लगेगा।
  • बीएलएस शहरी क्षेत्र में-प्रथम 10 किमी के लिए 250 रुपए और इसके बाद 20 रुपए प्रति किमी लगेगा।
  • बीएलएस ग्रामीण क्षेत्र में-प्रथम 20 किमी के लिए 500 रुपए और इसके बाद 20 रुपए प्रति किमी लगेगा।
  • राज्य शासन के पोर्टल http:/sarthak.nhmmp.gov.in/covid में देखें अस्पतालों में इलाज का विवरण।
  • वेबसाइट https://jbp.covidstatistics.in/ पर एक क्लिक में प्राप्त होगी वेंटीलेटर और ऑक्सीजन बेड की जानकारी।

वेबसाइट से एक क्लिक में देख सकते हैं वेंटिलेटर और ऑक्सीजन बेड की जानकारी
कोरोना संक्रमितों को सबसे मुश्किल वेंटिलेटर और ऑक्सीजन बेड की जानकारी प्राप्त करने में आती थी। किस अस्पताल में कितने बेड खाली हैं। इसकी जानकारी आमतौर पर कंट्रोल एवं कंमाड सेंटर से प्राप्‍त होती है। यह जानकारी चार बार अपडेट की जाती है। इसे और भी अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए स्मार्ट सिटी की ओर से वेबसाइट https://jbp.covidstatistics.in/ बनाई गई है। इस पर एक क्लिक में कोई भी व्यक्ति बेड की उपलब्धता की जानकारी प्राप्त कर सकता है। इसमें ऑक्सीजन, आईसीयू बेड की अलग-अलग जानकारी मिलेगी।
कोविड कमांड एवं कंट्रोल रूम के अलावा स्वयंसेवी भी कर सकते हैं जानकारी अपडेट
इस वेबसाइट को कोविड कंमाड एवं कंट्रोल रूम से लिंक किया गया है। इसके अतिरिक्‍त शहर के स्‍वंयसेवी भी जानकारी अपडेट कर सकते हैं। यदि किसी व्‍यक्ति के परिवार का सदस्‍य या परिचित आईसीयू या ऑक्सीजन बेड से डिस्‍चार्ज होता है, तो वह वेबसाइट में जाकर वॉलिंटियर के रूप में रजिस्‍ट्रर होकर अपना मोबाइल नंबर और ईमेल डालकर उसमें बेड रिक्‍त होने की जानकारी अपडेट कर सकता है। इसी तरह संबंधी अस्‍पताल भी इसे अपडेट कर सकता है। इसे अब तक 15 हजार लोग देख चुके हैं। इस वेबसाइट को अनुराग सोनी, अमन, संजीव, मीरा,सौरभ, आकाश और आशीष की टीम ने तैयार किया है।

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