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इलाज में लापरवाही, डॉक्टर पर FIR:जबलपुर FSL डॉक्टर की बेटी की मौत मामले में स्टार हॉस्पिटल के डॉक्टर जैन पर गैर इरादतन हत्या का मामला

जबलपुर10 महीने पहले
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स्टार हॉस्पिटल के संचालक डॉ. राजीव जैन पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज। - Dainik Bhaskar
स्टार हॉस्पिटल के संचालक डॉ. राजीव जैन पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज।

जबलपुर संभाग की एफएसएल डॉक्टर सुनीता तिवारी की इकलौती बेटी की मौत अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही के चलते हुई थी। एएसपी और मेडिकल बोर्ड की जांच में अस्पताल की लापरवाही और अपने कृत्य को छुपाने के लिए दस्तावेजों के बदलने का खेल उजागर हुआ था। मामले में लार्डगंज पुलिस ने स्टार हॉस्पिटल के डॉक्टर राजीव जैन के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित दस्तावेजों में हेरफेर करने का प्रकरण दर्ज कर लिया है।

लार्डगंज पुलिस के मुताबिक एफएसएल प्रभारी डॉक्टर सुनीता तिवारी ने अपनी इकलौती बेटी खुशी तिवारी को 17 मई को स्टार हॉस्पिटल में ग्राउंड फ्लोर स्थित आईसीयू में भर्ती कराया था। 19 मई की सुबह 8 बजे अचानक तबीयत बिगड़ी। उस समय आईसीयू में कोई नहीं था। स्टाफ नर्स भगवान को कई बार डॉक्टर राजीव जैन को बुलाने के लिए कहा गया, पर वे मासूम की मौत के बाद आए। मामले की जांच एएसपी संजय अग्रवाल कर रहे थे।

लार्डगंज थाने में एफआईआर दर्ज।
लार्डगंज थाने में एफआईआर दर्ज।

मेडिकल बोर्ड ने भी प्रकरण की जांच की

इस मामले में डॉ. सुनीता तिवारी की शिकायत पर सीएमएचओ ने शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. कमलेश कुमार वर्मा और डॉ. सीबी अरोरा से जांच कराई। 01 सितंबर को जांच रिपोर्ट सीएमएचओ को मिला। उन्होंने 07 सितंबर को ये रिपोर्ट एएसपी को दी। रिपोर्ट में बताया गया कि ओरिजनल केस शीट में बच्ची को आंशिक अंधेपन और झटके आने से ग्रसित बताया गया था। पर जो ECHO रिपोर्ट मिली वो नार्मल थी।

एक ही कर्मचारी की हैंडराइटिंग में मिली केस शीट

शिकायत के साथ संलग्न केस शीट और डाक्टर राजीव जैन के द्वारा दिखाई गई ओरिजनल केस शीट में अंतर मिला। फाइल के टीपीआर शीट में एक ही कर्मचारी की हैंडराइटिंग मिली। डॉक्टर राजीव जैन ने कहीं-कहीं सुधार करते हुए अपनी हैंडराइटिंग में लिखे हैं। इसमें डॉ. जैन के अलावा किसी के हस्ताक्षर नहीं है। जहां नहीं हस्ताक्षर करने चाहिए, वहां भी किया गया है। इससे साफ है कि रिपोर्ट को बदला गया है।

मासूम की तबीयत बिगड़ी ताे डॉ. जैन सुधा नर्सिंग होम में थे

जांच के दौरान पता चला कि संचालक राजीव जैन, जो कि अस्पताल के संचालक होने के साथ-साथ आरएमओ एवं शिशु रोग विशेषज्ञ है। वे 19 मई की सुबह 10.20 बजे तक अस्पताल में मौजूद नहीं थे। डॉ. राजीव जैन और संचालक सुधा नर्सिंग होम के पत्र से स्पष्ट है कि वे उस दिन दो बार अलग-अलग समय पर दो बच्चों को देखने सुधा नर्सिंग होम में गए थे।

अस्पताल के पीआईसीयू रूम में कोई क्वालिफाई डॉक्टर नहीं था

अस्पताल के पीआईसीयू रूम में कोई क्वालिफाई डॉक्टर तक नहीं था। बाद में अपनी नाकामी और लापरवाही छुपाने के लिए ओपीडी पर्ची से लेकर केस शीट तैयार किया गया। डॉक्टर अरोरा के खिलाफ लॉर्डगंज पुलिस ने गैर इरादतन हत्या, फर्जी दस्तावेज तैयार करने का प्रकरण दर्ज कर लिया है।

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