जबलपुर-कोयम्बटूर अब 1 अगस्त तक चलेगी:रेलवे ने स्पेशल ट्रेन संचालन की अवधि बढ़ाई, टिकट रिजर्वेशन शुरू

जबलपुरएक महीने पहले
जबलपुर-कोयम्बटूर के संचालन की अवधि बढ़ाई गई।

रेलवे ने यात्रियों की सुविधाओं काे देखते हुए जबलपुर-कोयम्बटूर स्पेशल ट्रेन को 1 अगस्त तक चलाने का निर्णय लिया है। इस ट्रेन का टिकट रिजर्वेशन चालू हो गया है। पहले ये ट्रेन 25 मई तक ही चलाने का निर्णय रेलवे ने लिया था।

सीपीआरओ राहुल जयपुरिया के मुताबिक रेलयात्री किसी भी कंप्यूटरीकृत आरक्षण केंद्र या ऑनलाइन आईआरसीटीसी की वेबसाइट से आज से आरक्षण करा सकते हैं। जबलपुर से कोयम्बटूर की लगभग 2500 किमी की दूरी ये ट्रेन तय करती है। बीच के 31 स्टेशनों पर रुकती है।

अप-डाउन का इस तरह बढ़ाया गई अवधि

  • गाड़ी संख्या 02198 हर शुक्रवार को जबलपुर से कोयम्बटूर के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन के तौर पर 29 जुलाई तक चलेगी। ये ट्रेन जबलपुर से रात में 11.50 बजे रवाना होती है। तीसरे दिन दोपहर 2.40 बजे कोयम्बटूर पहुंचाती है।
  • गाड़ी संख्या 02197 हर सोमवार को कोयम्बटूर से जबलपुर के बीच साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन के तौर पर 1 अगस्त तक चलेगी। ये ट्रेन कोयम्बटूर से शाम 5.05 बजे रवाना होती है और तीसरे दिन सुबह 8.45 बजे जबलपुर पहुंचती है। बीच में 31 स्टेशनों पर हॉल्ट करती है।

जबलपुर के दोनों ओर कटनी-इटारसी में ग्रेड सेपरेटर का निर्माण

  • जबलपुर के दोनों और कटनी और इटारसी में ग्रेड सेपरेटर का निर्माण कार्य हो रहा है। इटारसी में नार्थ-साऊथ डाउन साइड ग्रेड सपरेटर का निर्माण किया जा रहा है।
  • इसकी लंबाई 12 किमी है। इस ग्रेड सेपरेटर में 3 मेजर ब्रिज, 26 माइनर ब्रिज, 9 आरयूबी (रोड अंडर ब्रिज) और 3 स्टेशन बिल्डिंग आदि का निर्माण कार्य किया जा रहा है।
  • इसके साथ ही इटारसी नार्थ-साउथ अप साइड ग्रेड सेपरेटर का कार्य भी चल रहा है। इसकी लंबाई 6 किमी है।
  • इस ग्रेड सेपरेटर में 4 मेजर ब्रिज, 41 माइनर ब्रिज, 7 आरयूबी (रोड अंडर ब्रिज) और 5 स्टेशन बिल्डिंग का निर्माण होना है। ये कार्य वर्ष 2023 तक पूरा करना है।

कटनी में देश का सबसे लंबा 34.9 किमी लंबा ग्रेड सेपरेटर

  • जबलपुर मंडल कटनी में ग्रेड सेपरेटर का निर्माण किया जा रहा है। इसकी लंबाई 34.9 किमी है।
  • इसके साथ ही इसमें वॉयडक्ट (17.8 किमी), रिटेनिंग वॉल (3.2 किमी), अर्थवर्क (13.9 किमी) पर ग्रेड सेपरेटर का निर्माण कार्य किया जा रहा है।
  • इस ग्रेड सेपरेटर में कुल 676 पियर्स/अब्यूटमेंट्स, 8 रेल ओवर ब्रिज (आरओआर), 6 मेजर ब्रिज निर्माण कार्य के साथ एलिवेटेड डेक पर पॉइंट्स और क्रोसिंग का भी कार्य किया जा रहा है।
  • इसी तरह डॉउन साइड में भी 2585 फाउंडेशन में से 2206 फाउंडेशन का निर्माण कर 85 प्रतिशत कार्य किया गया है। 412 पिलर्स में से 160 पिलर्स का निर्माण कर 39 प्रतिशत कार्य किया गया है।
  • ये कार्य वर्ष 2023-24 तक पूरा होना है। इसकी लागत 1250 करोड़ रुपए है।

ग्रेड सेपरेटरों रेलवे को फायदा

  • रेलखण्ड के ट्रैक की क्षमता में वृद्धि होगी।
  • रेलखण्ड में मालगाड़ी ट्रेन के परिचालन में वृद्धि के साथ गति प्रदान करेगा।
  • माल यातायात में वृद्धि होने से फ्रेट ट्रेनों के समय मे बचत होगी साथ ही आवागमन में आसानी होगी।
  • पमरे के रेल राजस्व में भी वृद्धि होगी।
  • नई ट्रेन चलाना होगा सुगम होगा और परिचालन में सहुलियत होगी।