पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Jabalpur
  • Jabalpur, Reached During 32nd National Security Month, Said Three Times More Deaths Than Road Killings In Road Accidents

ट्रैफिक जागरुकता संदेश देने एडीजी चले पैदल:32वां राष्ट्रीय सुरक्षा माह के दौरान पहुंचे थे जबलपुर, कहा - नियमों का पालन कर सड़क हादसे कर सकते हैं कम

जबलपुर6 महीने पहले
भोपाल से आए जागरुकता रथ और रैली में शामिल हुए एडीजी डीसी सागर और जिले के पुलिस अधिकारी।
  • तीन पत्ती से ब्लूम चौक और फिर भंवरताल में समाप्त हुई रैली

एडीजी (पुलिस ट्रेनिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट) डीसी सागर ने गुरुवार को शहर की सड़कों पर पैदल चलकर ट्रैफिक जागरुकता का संदेश दिया। वे करीब एक किलोमीटर तक रैली, जागरुकता रथ और अन्य अधिकारियों के साथ पैदल चले। बच्चों के हाथों में ट्रैफिक स्लोगन लिखे थे। रैली तीन पत्ती से ब्लूम चौक होते हुए भंवरताल में समाप्त हुई। एडीजी सागर ने कहा, ट्रैफिक नियमों का पालन कर ही हम सड़क हादसों में कमी ला सकते हैं।

तीन पत्ती से प्रारंभ होकर जागरुकता रैली ब्लूम चौक होकर भंवरताल में समाप्त हुई।
तीन पत्ती से प्रारंभ होकर जागरुकता रैली ब्लूम चौक होकर भंवरताल में समाप्त हुई।

18 जनवरी से मनाया जा रहा 32वां राष्ट्रीय सुरक्षा माह
यातायात विभाग द्वारा 32वां राष्ट्रीय सुरक्षा माह मनाया जा रहा है। 18 जनवरी से प्रारंभ इस माह के दौरान लोगों को जागरुक करने का अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज एडीजी डीसी सागर जबलपुर पहुंचे थे। उन्होंने कहा, जिंदगी अनमोल है। यातायात नियमों का पालन करना ही हम जिंदगी को सेफ कर सकते हैं। बाइक चलाते समय हेलमेट और कार चलाते समय सीट बेल्ट जरूर बांधे। ट्रैफिक सेंस हर एक व्यक्ति को अपने अंदर डेवलेप करना होगा।

भोपाल से आया था जागरुकता रथ।
भोपाल से आया था जागरुकता रथ।

भोपाल से जागरुकता संदेश देने आया है रथ
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान शहरवासियों को जागरुक करने के लिए पैदल रैली के दौरान ‘अश्वमेघ यज्ञ सड़क सुरक्षा-जीवन रक्षा रथ’ भी साथ-साथ चला। ये रथ पीटीआरआई भोपाल से आया हुआ है। इस रथ और पैदल रैली के साथ आईजी भगवत सिंह चौहान, एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा, एनएचएआई के परियोजना निदेशक सोमेश बांझल, एएसपी सिटी अमित कुमार, एएसपी ट्रैफिक संजय अग्रवाल भी एनसीसी, युवा ट्रैफिक फोर्स, स्काउड गाईड, जनाक्रोश, ब्रह्मकुमारी प्रजापति की बहनों और ट्रैफिक व पुलिस कर्मी भी एक किमी तक शामिल रहे।

जागरुकता रथ का ड्राइवर बिना सेल्ट बेल्ट पहने दे रहा था जागरुकता का संदेश।
जागरुकता रथ का ड्राइवर बिना सेल्ट बेल्ट पहने दे रहा था जागरुकता का संदेश।

बिना सीट बेल्ट के दे रहा था जागरुकता संदेश
एक तरफ यातायात पुलिस द्वारा लोगों को हेलमेट व सीट बेल्ट बांधने का संदेश दिया जा रहा है। वहीं, ट्रैफिक जागरुकता पैदल रैली के साथ चलने वाले भोपाल से आए रथ के ड्राइवर ने सीट बेल्ट न पहन कर खुद ही नियमों का उल्लंघन किया। ड्राइवर बिना सीट बेल्ट पहने ही ट्रैफिक जागरुकता का संदेश देने निकला था। बाद में टोके जाने पर उसने सीट बेल्ट पहना।

खबरें और भी हैं...