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अब जबलपुर में हो सकेगा ऑर्गन ट्रांसप्लांट:NSCBMC के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में अब हो सकेगा किडनी ट्रांसप्लांट, दिल्ली-मुंबई नहीं जाना पड़ेगा; ऑर्गन रिट्रवल और ट्रांसप्लांट का मिला लाइसेंस

जबलपुरएक वर्ष पहले
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महाकौशल और विंध्य के प्रमुख शहर जबलपुर में भी अब किडनी ट्रांसप्लांट हो सकेगा। - Dainik Bhaskar
महाकौशल और विंध्य के प्रमुख शहर जबलपुर में भी अब किडनी ट्रांसप्लांट हो सकेगा।

महाकौशल और विंध्य के प्रमुख शहर जबलपुर में भी अब किडनी ट्रांसप्लांट हो सकेगा। नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज (NSCBMC) के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को सरकार ने गुरुवार को रिट्रवल एवं ट्रांसप्लांट का लाइसेंस जारी कर दिया है। जबलपुर में अभी तक किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा उपलब्ध न होने से इस क्षेत्र के लोग दिल्ली, मुंबई सहित दूसरे बड़े शहर जाने को मजबूर थे। कई लोग चाह कर भी साधनों की कमी की वजह से बाहर जाकर किडनी फेल का इलाज और ट्रांसप्लांट नहीं करा पाते थे। ऐसे लोगों को एक बड़ी राहत मिलेगी।

सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल जबलपुर में नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग में किडनी से संबंधी कई मरीज इलाज तो करा रहे थे, लेकिन किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा न होने से वे ट्रांसप्लांट नहीं करा पा रहे थे। नेफ्रोलॉजी और यूरोलॉजी विभाग के प्रयास से अब ये संभव होने जा रहा है। सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट के लाइसेंस के लिए कई दिनों से तैयारियां चल रही थी।

मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में अब होगा किडनी ट्रांसप्लांट।
मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में अब होगा किडनी ट्रांसप्लांट।

सरकार के निर्देश पर गुरुवार को ही स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्रीय संचालक डॉ. संजय मिश्रा ने सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का निरीक्षण किया था। ट्रांसप्लांट से संबंधित व्यवस्थाओं और संसाधनों की जानकारी ली थी। निरीक्षण में व्यवस्थाएं संतोषप्रद मिलने के बाद उन्होंने इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। इसके बाद रात तक किडनी ट्रांसप्लांट का लाइसेंस मिलने की खुशखबरी मिली।

जबलपुर में नहीं थी किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा
शहर में किडनी ट्रांसप्लांट का सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल एकमात्र केन्द्र होगा। वर्तमान में किसी भी अस्पताल के पास किडनी ट्रांसप्लांट का लाइसेंस नहीं था। सिटी अस्पताल में 2017 में किडनी रिट्रीवल हुआ था, लेकिन ट्रांसप्लांट भोपाल में हुआ था। वर्तमान में नकली रेमडेसिविर कांड के बाद यह अस्पताल संदेह के घेरे में है। अब सुपर स्पेशलिटी में ये सुविधा शुरू होने जा रही है। राहत की बात ये है कि आयुष्मान कार्ड वाले मरीजों को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में ट्रांसप्लांट निशुल्क होगा।

किडनी, लीवर का बेहतर इलाज, दूरबीन पद्धति से सफल सर्जरी
ट्रांसप्लांट का लाइसेंस मिलने के साथ ही करोड़ों रुपए से तैयार किए गए सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में बड़ी सुविधा की शुरुआत हो रही है। लाइसेंस के लिए हॉस्पिटल में यूरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम कुछ महीने से लगातार काम कर रही थी। टीम ने मरीजों की ट्रांसप्लांट संबंधी जांच की व्यवस्था और ऑपरेशन थिएटर, डायलिसिस सहित अन्य संसाधनों को बेहतर बनाया। मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. प्रदीप कसार के मुताबिक यहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम मरीजों को किडनी-लीवर का बेहतर इलाज कर रही है। आधुनिक दूरबीन पद्धति से सफल सर्जरी की जा रही है। अब किडनी जैसी गंभीर बीमारियों के पीड़ित मरीजों को ट्रांसप्लांट कराने के लिए गुजरात, महाराष्ट्र व दिल्ली की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।

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