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टेरिस या छत पर उगाएं ऑर्गेनिक सब्जी:आईटी की नौकरी छोड़ युवक ने ‘केंचुआ ऑर्गेनिक’ नाम से खड़ी की कंपनी, किचन गार्डन-ऑर्गेनिक खेती की देते हैं टिप्स

मध्यप्रदेश6 महीने पहले

आईटी की लाखों की सैलरी छोड़कर जबलपुर के एक युवक ने दोस्त के साथ मिलकर ‘केंचुआ आर्गेनिक’ नाम से खुद की कंपनी खड़ी कर दी है। किचन गार्डन से लेकर खेतों में आर्गेनिक तकनीक का टिप्स देते हैं। वे जैविक खाद और दूसरे प्रोडक्ट भी तैयार करते हैं। ऑनलाइन ऑर्डर पर होम डिलीवरी तक करते हैं। ये कंपनी 25 या 100 वर्गफीट के लॉन या टेरिस पर आर्गेनिक सब्जियां उगाने खातिर बीज से लेकर खाद का इंतजाम करके देती है। स्थानीय लोगों को रोजगार देने के साथ बेरोजगारों को राह भी दिखा रहे हैं कि कैसे खेती आय का जरिया बन सकता है। भास्कर खेती-किसानी सीरीज-23 में आर्गेनिक खेती के बारे में आइए जानते हैं एक्सपर्ट हृदेश राय (केंचुआ आर्गेनिक कंपनी के हेड) से

तीन महीने में 80 लाख की कर चुके हैं बिजनेस।
तीन महीने में 80 लाख की कर चुके हैं बिजनेस।

कोविड ने बदल दी जिंदगी जीने के मायने

आईटी की अच्छी नौकरी थी। कोविड में घर आ गया। अधारताल में मेरे घर के पास डेढ़ हजार वर्गफीट खाली जमीन थी। कोविड के कहर के बीच में समझ में आया कि आर्गेनिक फूड ही जिंदा रख सकता है। यू‌-ट्यूब से आर्गेनिक खाद बनाना सीखा। डेढ़ हजार वर्गफीट में कई तरह की सब्जियां उगाई। इन सब्जियों का स्वाद बाजार की सब्जियों से अलग था। उसी समय जेहन में आया कि जब मेरे जैसा एक आईटी कर्मी आर्गेनिक खेती कर सकता है, तो दूसरे लोग भी कर सकते हैं। कोविड में लोगों की आर्गेनिक के प्रति रूझान देखकर इस बिजनेस आईडिया पर फौरन दोस्त अभिषेक विश्वकर्मा के साथ काम शुरू कर दिया।

आर्गेनिक खेती से सब्जी की तैयारी करते हुए।
आर्गेनिक खेती से सब्जी की तैयारी करते हुए।

छत या टेरिस पर जरूरत की सब्जी उगा सकते हैं

आपके पास 25 से 100 वर्गफीट की भी जगह हो तो आप भी आराम से पांच से छह तरह की आर्गेनिक सब्जियां उगा सकते हैं। हम लोगों के घर किचन गार्डन डेवलेप करते हैं। केमिकल फ्री सब्जी उगाने के लिए जरूरी खाद, मिट्‌टी, बीज, प्रोसेस के बारे में ट्रेनिंग देते हैं। पौधों में कीड़ा लग जाए तो नेचर के तरीके से उपचार का तरीका बताते हैं, ये भी बताते हैं। अपनी ‘केंचुआ आर्गेनिक’ कंपनी के माध्यम से हम जैविक खाद से लेकर नीम की खली सहित अन्य कीटनाशक भी तैयार करते हैं।

केंचुआ ब्रांड नेम बना लिया।
केंचुआ ब्रांड नेम बना लिया।

ऑनलाइन भी हमसे कोई ले सकता है ट्रेनिंग

हम अपने सारे प्रोडक्ट मैन्युअल, ऑनलाइन सभी तरह से बेचते हैं। हमारा ई-कामर्स कंपनी से भी अनुबंध है। आर्गेनिक खाद आर्डर पर कंपनी घर से ले जाती है। किसी को सीधे खाद-बीज या मिट्‌टी चाहिए, तो वह भी सीधे इंटरनेट के माध्यम से केंचुआ डॉट कॉम के माध्यम से संपर्क कर सकता है। ऑर्डर पर हम अपने स्टोर से होम डिलीवरी कर देते हैं।

मटर की आर्गेनिक खेती।
मटर की आर्गेनिक खेती।

2500 एकड़ में जैविक खेती करा रहे

केंचुआ आर्गेनिक के माध्यम से दोनों युवा एमपी, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में 70 किसानों से अनुबंध कर रखे हैं। उनके 2500 एकड़ खेत में जैविक तरीके से खेती करा रहे हैं। उनके लिए जरूरी खाद से लेकर रोग लगने पर कीटनाशक तक खुद उपलब्ध कराते हैं। किसानों को अधिक लाभ हो, इस कारण वे उनके खेत में कई तरह की फसल एक साथ बोने के लिए प्रेरित करते हैं। एक किसान ने ऑर्गेनिक तरीके से मटर लगा रखा है। प्रति एकड़ उसे 11 क्विंटल उपज प्राप्त हुआ था।

ऑनलाइन भी आर्गेनिक खाद उपलब्ध करा रहे।
ऑनलाइन भी आर्गेनिक खाद उपलब्ध करा रहे।

आगे ब्यूटी प्रोडक्ट की तैयारी

केंचुआ ऑर्गेनिक कंपनी से 30 से 35 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं। शहर में छोटे स्तर पर आर्गेनिक खाद बनाने वालों को भी वह सहयोग दे रहे हैं। उनके उत्पाद अच्छी कीमत पर वह खुद ले लेते हैं। अब वह ऑर्गेनिक उत्पादों से स्कीन व ब्यूटी प्रोडक्ट भी तैयार करने में जुटे हैं। उनके जैविक फार्मिंग और किचन गार्डन आईडिया को बिजनेस के रूप में आगे बढ़ाने में जबलपुर इन्क्यूबेशन सेंटर की बड़ी भूमिका रही। सेंटर के मैनेजर अग्रांशु द्विवेदी और स्टार्टअप कंसल्टेंट श्वेता नामदेव व्यवसायिक बारीकियां सिखाने के साथ ही एक मंच मुहैया करा रहे हैं, जिससे वे अपने प्रोडक्ट को ग्लोबल स्तर तक पहुंचा सकें।

भास्कर खेती-किसानी एक्सपर्ट सीरीज में अगली स्टोरी होगी एग्रो कंसल्टेंट बनकर भी कमाई के अवसर खोज सकते हैं युवा। किसानों को खेती की नई तकनीक से जोड़कर उनका और खुद का कैसे बढ़ाएं आमदनी। आपका कोई सवाल हो तो इस नंबर 9406575355 वॉट्सऐप पर मैसेज करें।

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