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लाइफ मेडिसिटी हॉस्पिटल में बड़ा हादसा:थर्ड फ्लोर स्थित प्राइवेट रूम नंबर 301 में भर्ती न्यूरो पीड़ित महिला बाल-बाल बची, कमरे की सीलिंग भरभरा गई

जबलपुर18 दिन पहले
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जबलपुर में आगा चौक स्थित लाइफ मेडिसिटी हॉस्पिटल में बड़ा हादसा, बाल-बाल बची महिला की जान। - Dainik Bhaskar
जबलपुर में आगा चौक स्थित लाइफ मेडिसिटी हॉस्पिटल में बड़ा हादसा, बाल-बाल बची महिला की जान।

जबलपुर में लाइफ मेडिसिटी हॉस्पिटल में बड़ा हादसा हो गया। सोमवार 6 सितंबर की रात 7.30 बजे हॉस्पिटल के थर्ड फ्लोर के 301 नंबर कमरे की सीलिंग भरभरा कर गिर गई। कमरे में भर्ती न्यूरो पीड़ित महिला को हल्की चोटें आई हैं। उन्हें आनन-फानन में दूसरे कमरे में शिफ्ट किया गया।

रानीताल निवासी शुभलता जैन (57) को परिजनों ने न्यूरों की समस्या के चलते रविवार को लाइफ सिटी मेडिसिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। रायपुर स्थित एक एनजीओ से जुड़े उनके बेटे गौरव जैन ने बताया कि मां की बीमारी सुनकर 6 सितंबर सोमवार को ही वे भी शहर पहुंचे हैं।

सीलिंग भरभरा कर गिरने के बाद शुभलता जैन को दूसरे कमरे में शिफ्ट करते अस्पताल के कर्मी व परिजन।
सीलिंग भरभरा कर गिरने के बाद शुभलता जैन को दूसरे कमरे में शिफ्ट करते अस्पताल के कर्मी व परिजन।

तीसरी मंजिल पर कमरा नंबर 301 में हुआ हादसा

शुभलता जैन को कमरा नंबर 301 में भर्ती कराया गया था। गौरव के मुताबिक रात 7.30 बजे के लगभग कमरे की सीलिंग गिर गई। कमरे में मौजूद उनकी मां बाल-बाल बच गईं। उन्हें तुरंत दूसरे रूम में शिफ्ट किया गया। अभी उनकी मां ठीक है, लेकिन ये अस्पताल की बड़ी लापरवाही है। गनीमत रही कि सीलिंग मां के बेड के बगल में गिरा।

कमरे में इस तरह भरभरा कर गिरा सीलिंग।
कमरे में इस तरह भरभरा कर गिरा सीलिंग।

हादसे के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी

हादसा होते ही अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई। नर्सों ने शुभलता जैन को परिजनों की मदद से दूसरे कमरे में शिफ्ट किया। थर्ड फ्लोर के मैनजर पहुंचे और उस रूम में ताला डलवा दिया, ताकि किसी मीडिया वालों तक बात न पहुंच पाए। गौरव पहुंचे तो उन्हें भी कमरे को देखने से रोक रहे थे। इस पर उनके बीच बहस भी हुई। आखिर में गौरव को कमरा दिखाया गया। गौरव के मुताबिक उन्हें मामले में कोई शिकायत नहीं करनी है। अभी मां का इलाज उनकी प्राथमिकता में है। उधर, अस्पताल प्रबंधन की ओर से बताया गया कि ये एक हादसा था। पर मरीज सेफ है।

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