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गैलेक्सी मामले में 22 दिन बाद FIR:ऑक्सीजन की कमी से हुई 5 संक्रमितों की मौत के लिए मैनेजर और ऑपरेटर को बनाया आरोपी, डायरेक्टरों को क्लीन चिट

जबलपुरएक महीने पहले
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गैलेक्सी हॉस्पिटल के प्रबंधकों पर दिखाया दरियादिली। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
गैलेक्सी हॉस्पिटल के प्रबंधकों पर दिखाया दरियादिली। (फाइल फोटो)

22 अप्रैल की देर रात उखरी स्थित गैलेक्सी हॉस्पिटल में ऑक्सीजन समाप्त होने से हुई पांच मौतें अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही से हुई थीं। 22 दिन बाद पुलिस ने FIR दर्ज की, तो अस्पताल प्रबंधन के नाम आरोपियों की सूची से बाहर हो गए। पुलिस ने मामले में अस्पताल के मैनेजर और ऑक्सीजन सप्लाई करने वाले ऑपरेटर काे आरोपी बनाया है।

लार्डगंज पुलिस के मुताबिक प्रकरण में गैलेक्सी अस्पताल के मैनेजर संदीप और ऑक्सीजन सप्लाई ऑपरेटर के खिलाफ धारा 304, 285, 287 का केस दर्ज किया गया है। दोनों नामजद आरोपी की तलाश में पुलिस जुटी है। सूत्रों की मानें तो दोनों की गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। हालांकि प्रशासन और पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में खेल कर दिया।

23 अप्रैल को पांच मौत पर हुआ था हंगामा
गैलेक्सी अस्पताल में पांच मरीजों की ऑक्सीजन की कमी के चलते मौत मामले में 23 अप्रैल को परिजनों ने हंगामा किया था। मामले में कांग्रेस विधायकों ने भी हंगामा कर निष्पक्ष जांच की मांग की थी। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने मामले में संयुक्त कलेक्टर शाहिद खान को जांच अधिकारी नियुक्त किया। 24 घंटे में प्रतिवेदन पेश करने का निर्देश दिया।

17वें दिन जांच प्रतिवेदन पेश हुआ
गैलेक्सी हॉस्पिटल के प्रबंधन में कई रसूखदार शामिल हैं। उनके प्रभाव में जांच अटकी रही। दबाव बढ़ने और सीएम के आगमन से पहले 17वें दिन 10 मई की रात में जांच प्रतिवेदन पेश किया गया। सीएमएचओ डॉक्टर रत्नेश कुररिया ने जिम्मेदार अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश दिए, लेकिन पांच दिन बाद एफआईआर दर्ज हुआ।

ये की गई थी कार्रवाई

  • अस्पताल प्रबंधन से तत्काल कोविड के नए मरीजों की भर्ती पर रोक लगा दी है।
  • अस्पताल में कोविड मरीजों के इलाज संबंधी अनुमति भी निरस्त कर दी गई है।
  • अस्पताल में कोविड-19 के स्वीकृत संख्या से अधिक मरीजों को भर्ती किया गया था।
  • रात में अस्पताल में कोई जिम्मेदार मैनेजर नहीं था।
  • ऑक्सीजन सप्लाई करने के लिए नियुक्त ऑक्सीजन सुपरवाइजर प्रशिक्षित नहीं था।
  • ऑक्सीजन के समय जब संक्रमित तड़पने लगे तो बजाय मदद के वहां मौजूद डॉक्टर व स्टाफ भाग गए।
  • इन कारणों के चलते ही अस्पताल में भर्ती पांच संक्रमितों की मौत हुई थी।

22 अप्रैल की रात मौत का तांडव
22 अप्रैल की देर रात दो बजे के लगभग गैलेक्सी हॉस्पिटल में ऑक्सीजन समाप्त होने के चलते पटेल नगर निवासी अनिल शर्मा (49), विजय नगर निवासी देवेंद्र कुररिया (58), गाडरवारा नरसिंहपुर निवासी गोमती राय (65), नरसिंहपुर निवासी प्रमिला तिवारी (48) और छिंदवाड़ा निवासी आनंद शर्मा (47) की मौत हो गई थी। इस मामले में कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने संयुक्त कलेक्टर शाहिद खान की अगुवाई में जांच समिति गठित की थी।

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बचने के लिए 25 लाख का दिया था दान
गैलेक्सी प्रबंधन ने कार्रवाई से बचने के लिए 25 लाख रुपए रेडक्रॉस में दान दिया। पूर्व सीएम कमलनाथ, विवेक तन्खा सहित अन्य ने सोशल मीडिया में सवाल उठाया था। बावजूद एफआईआर दर्ज करने में खेल कर दिया गया। कांग्रेस नेता संजय राठौर ने आरोप लगाया कि ऑक्सीजन ऑपरेटर को नियुक्त करने वाला प्रबंधन कैसे दोषी नहीं है। उसने अप्रशिक्षित ऑपरेटर अस्पताल में क्यों रखा? अस्पताल के प्रबंधन को प्रशासन बचा रहा है।

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