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पश्चिम बंगाल के ठगों से कई खुलासे:दिल्ली से आए थे जबलपुर में पेंट-पुट्‌टी का काम करने, कालीमठ में किराए से कमरा भी ले लिए थे

जबलपुर3 महीने पहले
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पश्चिम बंगाल के दोनों जालसाज लार्डगंज पुलिस की रिमांड में कई चौंकाने वाले खुलासे कर रहे हैं। - Dainik Bhaskar
पश्चिम बंगाल के दोनों जालसाज लार्डगंज पुलिस की रिमांड में कई चौंकाने वाले खुलासे कर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल के दो ठगों को गिरफ्तार करने वाली जबलपुर की लार्डगंज पुलिस की रिमांड में आरोपियों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी इससे पहले दिल्ली में पेंट-पुट्‌टी का काम करते थे। पुलिस ने उनके दो सहयोगियों का पता लगाया है। एक दोनों आरोपियों को दिल्ली से जबलपुर लाया था। वहीं दूसरे ने अपने ठेके में बतौर मजदूरी काम दिलाने का भरोसा दिया था। आरोपी में एक ने कालीमठ में किराए से मकान भी ले लिया था। अब मकान मालिक पर भी कार्रवाई की तैयारी है।

लार्डगंज पुलिस ने 15 जून काे रानीताल में अरब देश की मुद्रा दिरहम को सस्ते में भारतीय मुद्रा में बदलने का झांसा देकर भानतलैया बकरा मंडी के सामने हुनमानताल निवासी सावन सोनकर (22) से दो हजार रुपए ठग लिए थे। रानीताल में दोनों आरोपी सावन सोनकर से मिले थे। दोनों ने मजबूरी बताई कि उनके पास भारतीय रुपए नहीं हैं, पर अरब देश की मुद्रा दिरहम के 50-50 रुपए के नोट है।

एक दिरहम की कीमत भारत में 20 रुपए है। जालसाजों ने उसे 50 दिरहम नाेट, जिसकी कीमत 1000 रुपए है, 200 रुपए में देने का सांझा दिया। 50 दिरहम के 10 नोट देकर दोनों ने दो हजार रुपए ले लिए। बदले में उसकी जेब में कागज के टुकड़े डाल दिए कि अभी यहां से निकल जाओ नहीं तो पुलिस के पचड़े में फंस जाओगे। सावन सोनकर की शिकायत पर दोनों आरोपी रानीताल से गिरफ्तार हुए थे।

पश्चिम बंगाल के दो ठग MP में गिरफ्तार:अरब देश की करेंसी बदलने के नाम पर धोखाधड़ी, 50-50 के सात दिरहम और दो हजार भारतीय मुद्रा जब्त

रिमांड पर लेकर पूछताछ में जुटी लार्डगंज पुलिस

लार्डगंज पुलिस के मुताबिक गिरफ्त में आए दोनों आरोपी नदिया जिला शांतिपुर पश्चिम बंगाल निवासी मोहम्मद इकबाल (30) और फैंसी मार्केट मोहल्ला थाना इकबालपुर जिला खिरदीपुर पश्चिम बंगाल नवासी कोकिन शेख (36) हैं। उनके पास से 50-50 के 7 दिरहम नोट और दो हजार रुपए भारतीय मुद्रा के जब्त हुए थे। कोर्ट से दोनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ में कई जानकारी सामने आई है।

दिल्ली से 6 जून को आए थे जबलपुर

दोनों आरोपी कबाड़ी और पुट्‌टी का काम करते हैं। यहां से पूर्व दोनों दिल्ली में रह रहे थे। वहीं पर उनकी मुलाकात जबलपुर निवासी दिलावर से हुई थी। दिलावर ये बोलकर जबलपुर लाया कि यहां अपनी परिचित ठेकेदार शफीक से बोलकर काम दिला देगा। 6 जून को दोनों जालसाज परिवार संग जबलपुर आ गए। मदनमहल स्टेशन से उतर कर दिलावर दोनों को लेकर ठेकेदार शफीक के पास ले गया। वहां उसने दोनों को काम पर रखने के लिए हामी भर ली। तीन हजार उसने दिलावर को और दो हजार रुपए शेख उमर इकबाल को दिए कि वे कमरा आदि ले लें।

कालीमठ में कमरा लिया था जालसाजों ने

उमर इकबाल और कोकिन परिवार सहित कालीमठ में किराए पर कमरा लिए थे। जबकि दिलावर रानीताल में कमरा लेकर रुका था। उमर इकबाल पत्नी के साथ रुका था। पूछताछ में पता चला कि दोनों ने दो जगह पेंट-पुट्‌टी का काम भी कर चुके हैं। उसका भी पुलिस ने क्रास चेक कराया। वहीं उनके एड्रेस का पश्चिम बंगाल में वेरीफिकेशन कराया जा रहा है। कालीमठ में आरोपी के कमरे की भी तलाशी ली गई। मकान मालिक ने कमरा देने से पहले पुलिस को सूचना नहीं दी थी। उस पर भी एफआईआर दर्ज हाे सकती है।

सीडीआर निकलवाया जा रहा आरोपियों की

दोनों आरोपियों के मोबाइल नंबर का सीडीआर निकलवाया है। इससे पता चलेगा कि वे कहां-कहां बातचीत करते थे। पूछताछ में पता चला कि आरोपी दिरहम नोट बदलने का झांसा देकर पैसे ले लेते थे। बाद में मारपीट कर अपना दिरहम वाला नोट छीन लेते थे। दोनों ने दो-तीन वारदात और अंजाम दिया है। इसके बारे में भी पता लगाया जा रहा है।

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