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चैत्र नवरात्र आज से:शुभ मुहूर्त में आह्वान के साथ होगी माँ की उपासना की शुरुआत, गाइडलाइन के बीच होगी शक्ति की आराधना

जबलपुर7 महीने पहले
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  • पंचांग पूजन के साथ होगा नूतन वर्ष व नव-संवत्सर 2078 का शुभारंभ

चैत्र मास की नवरात्रि मंगलवार 13 अप्रैल से बुधवार 21 अप्रैल तक रहेगी। इस बार पूरे नौ दिन देवी माँ की भक्ति की जा सकेगी। इन दिनों श्री राम नवमी पर्व भी मनाया जाएगा। चैत्र नवरात्रि में देवी माँ के नौ स्वरूप शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चन्द्रघंटा, कुष्माण्डा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और माँ सिद्धिदात्री की पूजा करनी चाहिए। चैत्र नवरात्रि के पहले दिन से ही हिन्दू नववर्ष शुरू होता है। इस बार नवसंवत 2078 शुरू होगा। ऐसा माना जाता है कि इसी तिथि पर ब्रह्माजी ने सृष्टि की रचना की थी।

खत्म होगा खरमास - पं. राजकुमार शर्मा शास्त्री ने बताया कि सूर्य के राशि परिवर्तन के बाद 14 अप्रैल से खरमास खत्म हो जाएगा। इसके साथ ही मांगलिक कार्य शुरू हो जाएँगे। सूर्य जब गुरु ग्रह के स्वामित्व वाले धनु या मीन राशि में रहता है, तब उस समय को खरमास कहा जाता है।

देवी माँ को चढ़ाएँ सुहाग सामग्री - पं. वासुदेव शास्त्री के अनुसार नवरात्रि में देवी माँ को सुहाग का सामान जैसे लाल चुनरी, चूड़ियाँ, कुमकुम, मेंहदी आदि चीजें खासतौर पर चढ़ानी चाहिए। लाल फूल भी अर्पित करें। नारियल चढ़ाएँ। मिठाई और मौसमी फलों का भोग लगाएँ। देवी माँ के मंत्रों का जाप करें। माता के सामने धूप-दीप जलाएँ और आरती करें। छोटी कन्याओं की पढ़ाई के लिए और भोजन के लिए अपनी शक्ति के अनुसार दान करें।

नववर्ष की कुंडली में मंगल का संयोग - हिंदू नववर्ष नवसंवत्सर 2078 का राजा मंगल है। संयोग से 13 अप्रैल को मंगलवार को ही सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इस कारण से मंगलवार के दिन मेष संक्रांति होने पर वर्ष का मंत्री या सेनापति भी मंगल ग्रह ही रहेगा। पं. रोहित दुबे के अनुसार कई दशकों के बाद होने जा रहा है कि जब वर्ष के राजा और मंत्री का पद मंगल जैसे क्रूर ग्रह को मिलने जा रहा है। मंगल को ज्योतिष में युद्ध और उत्पात का कारक माना जाता है। दुर्गेश मंगल है अतः सीमावर्ती राष्ट्रों में संघर्ष की भावना भी तीव्र हो जाती है।

धनेश शुक्र होने से व्यापारी वर्ग की स्थिति में कुछ सुधार होगा। संवत 2078 जिसका नाम आनन्द संवत्सर है, परंतु मंगल के प्रभाव से विपरीत फलदायी हो जाता है। हिंदू नववर्ष की कुंडली में चतुर्थ भाव के अधिपति चंद्र पंचमेश सूर्य तथा तृतीय स्थान के स्वामी बुध के साथ में राज योग बना रहे हैं, जिस पर दशम भाव से शनि की दृष्टि के चलते सरकार द्वारा जनस्वास्थ्य सेवा का विस्तार होगा और कोरोना महामारी के उपचार में तेज़ी आएगी।

घरों में लगाएँ ध्वज
चैत्र नवरात्र नववर्ष शक्ति उपासना का पर्व है, परंतु कोरोना महामारी के चलते भूखे न रहें, बल्कि ऋतु फलों और दूध का सेवन करें। उक्त संदेश जगद््गुरु डॉ. स्वामी श्यामदेवाचार्य महाराज ने महाकुंभ हरिद्वार में भागवत कथा के दौरान शहरवासियों के लिए दिया। श्री सनातन धर्म महासभा के मार्गदर्शक डॉ. स्वामी नरसिंहदास महाराज, अध्यक्ष श्याम साहनी, चंद्र कुमार भनोत, अशोक मनोध्याय, मोतीलाल पारवानी, बाबू विश्वमोहन ने लोगों से अपने घरों पर भगवा ध्वज लगाने की अपील की है।

ध्वजारोहण के साथ होगा पूजन-अर्चन
राम मंदिर मदन महल में प्रतिपदा पर सुबह ध्वजा रोहण होगा। वैदिक आचार्यों द्वारा मंत्रोच्चार के साथ ही माँ भगवती, भगवान राम-जानकी, लक्ष्मण व बंजरगबली का अभिषेक, श्रृंगार कर विशेष पूजन व कलश स्थापना की जाएगी। मंदिर समिति के गुलशन मखीजा, रमेश शर्मा, प्रवीण गुलाटी, योगेश अबरोल, जवाहर महाजन, मनोज नारंग, मनीष पोपली ने भक्तों से घरों पर ही पूजन करने की अपील की है।

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