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10 साल के बच्चे की हत्या:15 साल के पड़ोसी ने सिर पर डंडा मारा, बेहोशी में नर्मदा में फेंका, 10वें दिन 25 किमी दूर मिली लाश, बच्चे ने अपनी बहन के साथ देखा था आरोपी को

जबलपुर10 महीने पहले
राजा उर्फ धनराज मल्लाह (10) की लाश 10वें दिन 25 किमी दूर नरसिंहपुर जिले में नर्मदा नदी में उतराती मिली।
  • बेलखेड़ा के जुगपुरा गांव की घटना, पांच मार्च की रात से गायब था बच्चा
  • पुलिस पिछले चार दिनों से एनडीआरएफ और होमगार्ड की टीम के साथ कर रही थी सर्चिंग

10 साल के बच्चे की 15 वर्षीय पड़ोसी ने हत्या कर दी। उसकी लाश 10वें दिन 25 किमी दूर नरसिंहपुर जिले में मुराच घाट के पास उतराती मिली। आरोपी ने खुद के अपहरण की साजिश भी रची। बाद में आरोपी खुद पीड़ित परिवार और पुलिस वालों के साथ मिलकर बच्चे को ढूंढने का नाटक करता रहा, लेकिन मोबाइल लोकेशन से वारदात का खुलासा हो गया। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने जुर्म कबूल कर लिया। बेलखेड़ा पुलिस ने मामले में हत्या की धारा 302 और शव छिपाने की धारा 201 भादवि बढ़ाते हुए आरोपी को न्यायालय बोर्ड में पेश किया।

जुगपुरा थाना बेलखेड़ा निवासी राजा उर्फ धनराज मल्लाह (10) बीते पांच मार्च की रात आठ बजे से गायब था। चार भाई-बहनों में वह तीसरे नंबर का था और तीसरी में पढ़ता था। पिता रामदास ने 6 मार्च को बेलखेड़ा थाने में उसके अपहरण का प्रकरण दर्ज कराया था। एसपी ने 10 मार्च को बच्चे का पता बताने पर पांच हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। तब से परिवार व गांव वालों के साथ पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी।

मासूम राजा की हत्या में पुलिस ने 15 वर्षीय पड़ोसी को गिरफ्तार कर किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया।
मासूम राजा की हत्या में पुलिस ने 15 वर्षीय पड़ोसी को गिरफ्तार कर किशोर न्याय बोर्ड में पेश किया।

आरोपी ने अपने अपहरण का किया नाटक
पांच मार्च को राजा रात आठ बजे चाचा और 300 मीटर दूर रहने वाली नानी के घर जाने का बोलकर निकला था। वह रात 10 बजे तक नहीं लौटा, तो परिवार वाले उसे तलाशने निकले। खबर पाकर रात में ही बेलखेड़ा पुलिस भी गांव में पहुंच गई। सात मार्च को पड़ोस में रहने वाला 15 साल लड़का घाट पर संदिग्ध हालत में मिला था। उसके हाथ-पैर रस्सी से बंधे थे। मुंह में टेप चिपका था। तब उसने अपने परिवार वाले और पुलिस को बताया था कि बदमाश उसे अगवा कर ले जा रहे थे। हालांकि पुलिस को उसकी कहानी पर विश्वास नहीं हुआ।

मोबाइल लोकेशन से पकड़ाया
इधर, बच्चा भी गायब था। उसकी हरकत ने पुलिस को उस पर संदेह की वजह पैदा कर दी। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से मोबाइल लोकेशन निकलवाई, तो पता चला कि जब बच्चा घर से निकला था। उसके बाद संदेही का मोबाइल लोकेशन भी जुगपुरा घाट पर था। वहां करीब वह आधे घंटे रहा। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर सख्ती दिखाई। इसके बाद उसने वारदात कबूल कर ली।

हत्या की ये बताई वजह, बोला- शव को नर्मदा के बीच धारा में फेंका
हिरासत में लिए जाने के बाद आरोपी ने पुलिस बताया कि राजा की बहन के साथ उसकी बातचीत होती थी। राजा ने उनको साथ देख लिया था। इसके बाद वह घर में मां-पिता को बताने की बात कहकर ब्लैकमेल करने लगा था। कई बार उसे 100-200 रुपए वह दे चुका था। यहां तक कि वह उसका मोबाइल लेकर गेम खेलता रहता था। इससे वह परेशान हो गया था। पांच मार्च की रात आठ बजे वह शौच के बहाने राजा को जुगपुरा घाट ले गया। वहां बांस के डंडे से सिर पर मारा, तो वह बेहोश हो गया। फिर छोटी नाव में उसे रखा और नदी के बीच धारा में फेंक कर घर चला आया। जब राजा की तलाश शुरू हुई, तो वह भी गांव वालों के साथ उसे खोजने में लगा रहा, ताकि किसी को संदेह न हो।

एनडीआरएफ और होमगार्ड की चार टीमें मासूम राजा की तलाश में जुटी थी।
एनडीआरएफ और होमगार्ड की चार टीमें मासूम राजा की तलाश में जुटी थी।

चार दिन से नर्मदा नदी में एनडीआरएफ व होमगार्ड की चार टीमें जुटी थीं तलाश में
राजा के इस सनसनीखेज रस्योद्धाटन से पुलिस भी सन्न रह गई। पुलिस के सामने मुश्किल ये थी कि राजा का शव नहीं मिला था। इसके बाद एनडीआरएफ और होमगार्ड की चार टीमें गठित गई। चार दिन से चाराें टीमें जुगपुरा से नरसिंहपुर जिले की सीमा में पड़ने वाले नर्मदा घाटों तक सर्चिंग करते रहे। रविवार शाम को राजा की लाश नरसिंहपुर जिले के ठैमी थाना क्षेत्र अंतर्गत मुराच घाट के पास मिली। शव बुरी तरह से फूल गया है। कपड़ों से उसकी पहचान हो पाई।

मां राधाबाई और परिवार के अन्य लोगों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है।
मां राधाबाई और परिवार के अन्य लोगों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है।

परिवार वालों का रो-रो कर बुरा हाल
राजा की लाश 10वें दिन 25 किमी दूर मिलने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पिता रामदास उर्फ रामी मल्लाह और मां राधाबाई का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है। पिछले 10 दिनों से बेटे की सलामती की उम्मीद में मां राधाबाई थी। बेटे की लाश मिलने की खबर कानों में पड़ते ही वह बुरी तरह रोने लगी। राजा चार संतानों में तीसरे नंबर का था। 16 व 15 साल की दो बहनें उससे बड़ी हैं, जबकि एक तीन साल का छोटा भाई है।

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