आत्मदाह करने वाली छात्रा के पिता का दर्द:बेटी कहती थी- मैं डॉक्टर बनूंगी, गोद में तड़पती रही मेरी लाडो; दरिंदों को फांसी चढ़वा दो

जबलपुरएक वर्ष पहले

तीन नाबालिगों समेत 6 आरोपियों की धमकी, ब्लैकमेलिंग और प्रताड़ना से तंग आकर आत्मदाह करने वाली छात्रा अभिलाषा (16) की मौत से पूरा परिवार बिखर गया है। पिता के आंसू थम नहीं रहे। बिलखते हुए पिता मुकेश जैन ने बताया कि पूरे समय गोद में मेरी लाडो दर्द से तड़पती रही। वह कहती थी कि पापा मैं डॉक्टर बनकर दिखाउंगी। मेरी औलाद छीनने वाले दरिंदों को फांसी चढ़वा दो। मेरी बिटिया की ये आखिरी इच्छा पूरी करवा दो साहब !

मस्ताना चौक रांझी निवासी मुकेश जैन की पत्नी विद्या जैन का दो साल पहले निधन हो चुका है। 4 बेटियों में बड़ी कंचन की शादी हो चुकी हैं। उनके साथ तीन बेटियां स्वाति, रुचि और अभिलाषा उर्फ खुशी (16) रह रही थीं। स्वाति कॉलेज की पढ़ाई कर रही है। वहीं, रुचि 12वीं में पढ़ती है। खुशी 11वीं में वीएफजे स्थित केवी में पढ़ रही थी। मंगलवार 07 दिसंबर को खुशी ने केरोसिन उड़ेल खुद को आग लगा ली थी। इलाज के दौरान देर रात मेडिकल अस्पताल में मौत हो गई थी।

मां विद्या के साथ ब्लू कपड़े में अभिलाषा जैन।
मां विद्या के साथ ब्लू कपड़े में अभिलाषा जैन।

सुबह नौ बजे से पहले करवाया पीएम

मेडिकल कॉलेज में वैसे तो पीएम सुबह 10 बजे से शुरू होता है, लेकिन तूल पकड़ लिए इस प्रकरण में पुलिस-प्रशासन ने प्रयास कर नौ बजे के पहले ही पीएम करा लिया। इसके बाद खुशी का शव घर पहुंचा, तो कोहराम मच गया। बहनें उसके शव से लिपट कर रोने लगीं, तो पिता मुकेश बदहवासी की हालत में पहुंच गए।

बोली- पापा एक बार सीने से लगा लो

मेरी बच्ची पूरे समय दर्द से तड़पती रही। बोल रही थी- पापा बहुत दर्द हो रहा है। एक बार अपने सीने से लगा लो। मेरी बिटिया डॉक्टर बनना चाहती थी। कहती थी, मैं डॉक्टर बनकर दिखाउंगी पापा, मेरा जीजा मेरा सपोर्ट कर रहा है। मैंने भी कहा था कि मैं तुम्हारी पढ़ाई में कोई कसर नहीं छोडूंगा। अब काहे का डॉक्टर। मेरी औलाद को छीना है। मेरी छाती फाड़ डाली। मेरी बहुत प्यारी फैमिली थी। इन दरिंदों को मेरे घर की खुशी देखी नहीं गई। मेरी लड़की को इंसाफ चाहिए। इन कमीनों को फांसी चढ़वा दो।

अभिलाषा की मौत पर रोते-बिलखते परिजन।
अभिलाषा की मौत पर रोते-बिलखते परिजन।

मेरी बेटी को बहुत टाॅर्चर करती थी

मैं सेल्समेनी और ऑटो चलाने निकल जाता था। मेरी बेटी घर में अकेली पड़ जाती थी। अनुराग चौधरी, वरुण खन्ना, ममता केवट, तन्वी, अनुराग की मां उर्मिला और वरुण की मां आशा खन्ना बेटी को धमकी देकर ब्लैकमेल करती थी। इन सभी 6 आरोपियों को फांसी होनी चाहिए। मेरी बेटी को बहुत टाॅर्चर किया है। मेरी बेटी तीन घंटे तक थाने में बैठी रही, लेकिन शिकायत दर्ज नहीं हुई।

अर्थी पर लिटाए जाते समय रोते बिलखते परिजन और अन्य।
अर्थी पर लिटाए जाते समय रोते बिलखते परिजन और अन्य।

सुसाइड के लिए मजबूर करने की धारा बढ़ाई गई

एएसपी संजय अग्रवाल के मुताबिक लड़की के सुसाइड नोट और मृत्युकारित कथन व पुलिस बयान के आधार पर तीन नाबालिग सहित ममता, आशा व उर्मिला के खिलाफ ब्लैकमेल करने, धमकी देने और सुसाइड को मजबूर करने की धारा लगाते हुए केस दर्ज किया गया है। सभी 6 आरोपी हिरासत में हैं। मामले में और साक्ष्य एकत्र किया जा रहा है, जिससे मामले को पुख्ता बनाया जा सके। सभी आरोपियों को सख्त सजा दिलाने का प्रयास होगा।

रांझी मुक्ति धाम में हुआ अंतिम संस्कार

मुकेश जैन के घर की लाडली खुशी उर्फ अभिलाषा की मौत के बाद बुधवार को रांझी मुक्तिधाम में अंतिम संस्कार हुआ। चचेरे भाई आयुष जैन ने बहन को मुखाग्नि दी। रोते हुए बोला कि जिस बहन को डोली में बिठा कर विदा करना था। उसे अर्थी पर लिटा कर आखिरी विदाई देनी पड़ रही है।

ये भी पढ़ें-

दोस्ती+दुश्मनी+ब्लैकमेलिंग= सुसाइड:जबलपुर में 11वीं की स्टूडेंट ने आग लगाकर दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- मेरी शिकायत पुलिस ने नहीं सुनी

धमकी-ब्लैकमेलिंग से तंग छात्रा ने खुद को आग लगाई, मौत:जबलपुर में 11वीं की स्टूडेंट ने नोट में लिखा- लड़कों ने जिंदगी बर्बाद की, 5 गिरफ्तार

खबरें और भी हैं...