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  • Contempt Petition Filed In High Court, On The Other Hand, Junior Doctors Begged For Rs 30 Lakh Bond Amount In Lieu Of Resignation

जूडा के खिलाफ अब अवमानना याचिका:हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल, उधर, इस्तीफा के एवज में 30 लाख रुपए बांड राशि के लिए जूनियर डॉक्टरों ने मांगी भीख

जबलपुर7 दिन पहले
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जूडा ने भीख मांग कर सरकार के बांड राशि भरने के नोटिस का विरोध किया। - Dainik Bhaskar
जूडा ने भीख मांग कर सरकार के बांड राशि भरने के नोटिस का विरोध किया।

छह सूत्रीय मांग को लेकर 31 मई से हड़ताल पर गए जूनियर डाक्टरों के खिलाफ जबलपुर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है। एक्टिविस्ट डॉक्टर एमए खान ने अवमानना याचिका दायर की है। आरोप लगाया है कि हाईकोर्ट की सख्ती के बाद भी न तो जूडा ने हड़ताल समाप्त किए और न ही सरकार ने कोई एक्शन लिया। इसमें परेशानी मरीजों को रही है। अवमानना याचिका लगाए जाने के बीच जबलपुर में जूनियर डॉक्टरों ने भीख मांग कर अपना विरोध जताया।

एक्टिविस्ट डॉक्टर खान ने अवमानना याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट को बताया है कि 24 घंटे की मियाद कभी का समाप्त हो गया। हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद जूडा काम पर नहीं लौटे। उलटे उनकी ओर से सामूहिक इस्तीफा डीन को सौंप दिया गया। बावजूद राज्य सरकार द्वारा जूडा पर कार्रवाई नहीं करने को याचिका में चुनौती दी गई है। याचिका में हड़ताल की वजह से मरीजों की परेशानियों का हवाला दिया गया है। इस अवमानना याचिका पर हाईकोर्ट में सोमवार को सुनवाई हो सकती है।
हाईकोर्ट ने काम पर लौटने के दिए थे निर्देश
बता दें कि हाईकोर्ट इस मामले पर सुनवाई कर चुका है। प्रदेश में अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे जूनियर डॉक्टर्स (जूडा) को लेकर हाईकोर्ट ने सख्ती दिखाई थी। हाईकोर्ट ने गुरुवार तीन जून को इस मामले पर सुनवाई करते हुए जूडा की हड़ताल को असंवैधानिक बताया था। साथ ही हड़ताल को तत्काल प्रभाव से 24 घंटे में खत्म करने के आदेश दिए थे।
कार्रवाई से पहले ही सामूहिक रूप से दे दिया है इस्तीफा
हाईकोर्ट के आदेश को न मानते हुए जूनियर डॉक्टरों ने आंदोलन जारी रखा है। तीन हजार के लगभग जूनियर डॉक्टरों ने सामूहिक रूप से इस आदेश के बाद इस्तीफा सौंप दिया है। शासन द्वारा कार्रवाई के तौर पर 468 जूडा का नामांकन निरस्त किया गया है और इस्तीफा स्वीकार करने से पहले 30 लाख रुपए बांड भरने के नोटिस दिए हैं।
जूनियर डॉक्टरों ने भीख मांग कर जताया विरोध
जूनियर डॉक्टरों ने 30 लाख रुपए बांड राशि जमा करने संबंधी नोटिस मिलने के बाद रविवार को कटोरा लेकर भीख मांगा और अपना विरोध जताया। जूनियर डॉक्टरों के मुताबिक उनकी पढ़ाई पर अभिभावक आर्थिक रूप से टूट चुके हैं। अब 30 लाख रुपए का बोझ नहीं उठा सकते हैं।

ऐसे में उनके पास सरकार की जिद पूरी करने के लिए कटोरा उठाना ही विकल्प बचा था। जबलपुर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज सिंह के मुताबिक उच्च शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग के साथ हमने एक कोशिश की थी, लेकिन सरकार की हठधर्मिता से बात आगे नहीं बढ़ पाई।
कब क्या हुआ

  • 31 मई से जूडा एसोसिएशन अपनी 6 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर चला गया है।
  • गुरुवार को हाईकोर्ट ने जूनियर डॉक्टरों की मांगों को अवैध करार देकर 24 घंटे में वापस लेने को कहा था।
  • ऐसा नहीं करने पर सरकार को कानून के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
  • इस आदेश के तुरंत बाद मप्र आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर ने प्रदेश के पांच मेडिकल कॉलेज के 468 पीजी फाइनल ईयर के छात्रों के नामांकन रद्द कर दिए। इसके बाद अब यह छात्र परीक्षा देने के लिए योग्य नहीं रहे।
  • इस बात से नाराज प्रदेश भर के लगभग 3000 जूनियर डॉक्टरों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया।
  • चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि जूडा को हड़ताल समाप्त करना चाहिए। हमारे द्वार बातचीत के लिए हमेशा खुले हैं।
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