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  • The Official Figure Of Dengue Reached 433 In Jabalpur, There Was A Stir Due To The Second Death In Four Days, MLA Ajay Vishnoi Was Also In The Grip

अब डेंगू से युवक की मौत:जबलपुर में 433 पहुंचा डेंगू का सरकारी आंकड़ा, चार दिन में दूसरी मौत से मचा हड़कंप, विधायक अजय विश्नोई भी चपेट में

जबलपुरएक वर्ष पहले
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घमापुर निवासी नरेंद्र सिंह पटेल (39) की डेंगू से मौत हो गई। चार दिन में ये दूसरी मौत है। - Dainik Bhaskar
घमापुर निवासी नरेंद्र सिंह पटेल (39) की डेंगू से मौत हो गई। चार दिन में ये दूसरी मौत है।

डेंगू के डंक से चार दिन में जबलपुर में दूसरी मौत हो गई। घमापुर में एक युवक की मौत हो गई। उसका प्लेटलेट्स घटकर 18 हजार पर पहुंच गया था। उसे वेंटीलेटर पर रखा गया था। हालांकि एलायजा टेस्ट की आड़ में सरकारी विभाग के रिकॉर्ड में एक भी मौत नहीं हुई है। डेंगू की चपेट में पाटन विधायक अजय विश्नोई भी आ गए हैं। निजी अस्पताल में इलाज के बाद अब वे स्वस्थ्य होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। सरकारी आंकड़ों में शहर में डेंगू के केस 433 पहुंच गए हैं। इसमें 18 केस पिछले 24 घंटे में सामने आए हैं।

घमापुर निवासी नरेंद्र सिंह पटेल (39) कुछ दिनों से बीमार थे। जिनका उपचार घंटाघर के समीप स्थित डॉ. रजा के अस्पताल के चिकित्सकों की देखरेख में चल रहा था। इस दौरान नरेंद्र की हालत बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर परिजनों ने उन्हें निजी अस्पताल ले गए। वहां उन्हें वेंटीलेटर पर रखना पड़ा। बावजूद उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।

डेंगू से अस्पताल भरे पड़े, सरकारी आंकड़ों में 433 ही बीमार।
डेंगू से अस्पताल भरे पड़े, सरकारी आंकड़ों में 433 ही बीमार।

घटकर 18 हजार रह गया था प्लेटलेट्स काउंट

डेंगू के उपचार के दौरान नरेंद्र के रक्त में प्लेटलेट्स की संख्या घटकर करीब 18 हजार रह गई थी। जिसके बाद उसकी हालत और खराब हो गई। घंटाघर के समीप स्थित निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने प्लेटलेट्स चढ़ाने की सलाह दी थी। बुखार से पीडि़त नरेंद्र कई दिन तक घर पर रहकर चिकित्सक की सलाह पर दवाओं का सेवन करते रहे। पर तेजी से प्लेटलेट्स काउंट घटने और बोमटिंग से हालत खराब हो गई। आखिरकार बुधवार की रात नरेंद्र की मौत हो गई।

चार दिन के भीतर दूसरी मौत

शहर में डेंगू जानलेवा होता जा रहा है। चार दिन के अंदर ये दूसरी मौत सामने आई। इससे पूर्व 12 सितंबर को पुलिस आरक्षक ऊषा तिवारी की आशीष हास्पिटल में उपचार के दौरान डेंगू से मौत हो गई थी। बुधवार को शहर के मेट्रो हास्पिटल में डेंगू से पीडि़त तीन और पुलिस जवानों को भर्ती कराया गया। अब तक 90 से अधिक पुलिस वाले डेंगू की चपेट में आ गए। बुधवार 15 सितंबर की रात नौ बजे आई आखिरी रिपोर्ट में डेंगू के कुल 18 मरीज सामने आए। कुल आंकड़ा 433 पहुंच गया है।

शहर में शुरू हो गया मौत, तब याद आई जागरुकता अभियान।
शहर में शुरू हो गया मौत, तब याद आई जागरुकता अभियान।

डेंगू के साथ वायरल ने भी शहर को जकड़ा

डेंगू के साथ वायरल बुखार से भी लोग परेशान हैं। रोज 500 से अधिक लोग वायरल बुखार से अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। 15 सितंबर को मलेरिया विभाग ने शहर के 31 हजार 320 घरों का सर्वे किया इसमें 6284 घरों में लार्वा की जांच की गई। 56 घरों में 67 में लार्वा की पुष्टि हुई है। वहीं सर्वे में 764 लोग बुखार से पीड़ित मिले। सभी की आरडी किट से जांच की गई। शहर में डेंगू को लेकर समय पर फागिंग और कीटनाशक दवाओं का छिड़काव न होने से हालात बिगड़े। अब नगर निगम को इसकी सुध आई। 15 सितंबर को शहर के सभी वार्डों में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में अभियान शुरू हुआ। पनागर में सुशील तिवारी इंदु, केंट में अशोक रोहाणी, उत्तर में विनय सक्सेना शामिल हुए।

जनप्रतिनिधियों के साथ वार्डवार उतरी नगर निगम की टीम।
जनप्रतिनिधियों के साथ वार्डवार उतरी नगर निगम की टीम।

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