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भास्कर एक्सक्लूसिवजबलपुर ARTO बना रखी थी वसूली गैंग:5 गार्ड करते थे वसूली; जानिए पति-पत्नी ने कैसे की करोड़ों की काली कमाई…

सुनील विश्वकर्मा (जबलपुर)4 महीने पहले

जबलपुर ARTO संतोष पाल। वर्तमान में जबलपुर क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के प्रभारी आरटीओ हैं। 50 साल के इस अफसर के यहां EOW(आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) ने छापा मारा तो आय से ज्यादा संपत्ति का खुलासा हुआ। 65 हजार की सैलरी वाले इस अफसर ने 10 साल की नौकरी में करोड़ों की संपत्ति बना ली। ARTO ने पैसा कमाने के लिए पूरी गैंग बना रखी थी। सुरक्षा के नाम पर कलेक्टर से 5 गार्डों की मंजूरी ली। फिर इन्हें दफ्तर में ही अलग-अलग जिम्मेदारी सौंप दी। हर काम के लिए फीस तय कर दी। यही गार्ड कलेक्शन एजेंट बनकर पैसों की उगाही करते थे। क्लर्क पत्नी के साथ मिलकर ARTO ने कैसे बनाई करोड़ों की संपत्ति पढ़िए पूरी कहानी...।

ये हैं धनकुबेर पाल के पंचरत्न, सभी की जिम्मेदारी तय

1 . निखिल : प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी के मार्फत परिवहन दफ्तर जबलपुर में सुरक्षा गार्ड के पद पर पदस्थापना। ऑफिस ड्यूटी के बजाय एआरटीओ के लिए लाइसेंस के नए आवेदनों की स्क्रूटनी का काम करता था।

2 . विनोद : व्हीकल ट्रांसफर सेक्शन में ड्यूटी। व्हीकल ट्रांसफर की सुविधा शुल्क लेने का काम करता था।

3 . सज्जू : व्हीकल फिटनेस सेक्शन - मूल काम फिटनेस सेक्शन के अफसरों और संपत्ति की सुरक्षा करना। लेकिन, सज्जू यहां फिटनेस टेस्ट के लिए आने वाली गाड़ियों के फिटनेस सर्टिफिकेट इश्यू करने के नाम पर संतोष पाल के लिए सुविधा शुल्क लेना था।

4-5 . सौरभ-आयुष: ऑफिस में एआरटीओ की पत्नी रेखा पॉल के लिए काम करना। उसके सेक्शन के कामों के लिए ट्रांसपोर्टर्स और दूसरी कंपनियों से सुविधा शुल्क लेने का जिम्मा इन्हीं के पास था।

हर काम की तय कर रखी थी फीस

परिवहन दफ्तर के एजेंटों ने बताया कि ARTO ने हर काम की फीस तय कर रखी थी। साथ ही, सरकार से ऑफिस की सुरक्षा के नाम पर लिए गए सिक्योरिटी गार्ड को अघोषित रूप से अलग-अलग सेक्शन काम सौंप दिया था। इसके तहत सुरक्षा गार्ड निखिल को ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) सेक्शन दिया गया था। उसे प्रत्येक डीएल के लिए एजेंट के मार्फत 1200 रुपए अतिरिक्त फीस लेने के निर्देश थे। सुविधा शुल्क जमा होने के बाद ही एआरटीओ पाल संबधित का डीएल जारी करते थे।

दो गार्ड्स को पत्नी रेखा के कलेक्शन का काम सौंपा

परिवहन विभाग के अफसरों ने बताया कि ARTO ने पांच गार्ड्स में से दो (सौरभ, आयुष) की तैनाती पत्नी रेखा के सेक्शन में एजेंट के रूप में कर रखी थी। रेखा, परिवहन विभाग में ही ग्रेड - 2 क्लर्क है।

ARTO ने नितिन काे दिलाई चपरासी की नौकरी

एआरटीओ के पद पर पदस्थापना के बाद संतोष ने अपने करीबी नितिन को बुकिंग एजेंट बना लिया। परिवहन संबंधी सभी काम में लेन-देन का काम नितिन करता था। 2018 में जबलपुर में जब संतोष को दोबारा पदस्थापना मिली, तो उसने नितिन की चपरासी के पद पर पदस्थापना करा दी।

EOW की टीम को 16 लाख रुपए नकद और लाखों रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवर मिले हैं। ARTO संतोष पाल के खातों और लॉकर की जांच की जाएगी।
EOW की टीम को 16 लाख रुपए नकद और लाखों रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवर मिले हैं। ARTO संतोष पाल के खातों और लॉकर की जांच की जाएगी।

10 साल की नौकरी में 4 करोड़ का बंगला सहित बेशकीमती संपत्ति

65 हजार की सैलरी वाले इस अफसर ने 10 साल की नौकरी में 4 करोड़ का बंगला सहित बेशकीमती चल-अचल संपत्ति इकट्‌ठा कर ली। 10 हजार वर्गफीट के महल जैसे मकान में ऐश-ओ-आराम के तमाम इंतजाम मिले हैं। ARTO संतोष पाल की ऑफिस में ही उनकी पत्नी रेखा पाल क्लर्क हैं। पत्नी को 55 हजार रुपए मिलते हैं। दोनों की संपत्ति का जब आकलन किया गया तो उनकी आय से 650% ज्यादा मिली। एआरटीओ के दो बेटे भी हैं। संतोष पाल की परिवहन अमले में पहली नियुक्ति 2012 में हुई थी। इससे पहले वह LIC में काम करता था, जबकि 2018 में जबलपुर में पोस्टिंग हुई।

छत पर स्वीमिंग पूल और गार्डन भी

जबलपुर के शताब्दीपुरम में 10 हजार स्क्वेयर फीट में तीन मंजिला बंगला है। इसमें एक मिनी थिएटर, मिनी बार, जिम, लग्जरी बाथरुम भी है। छत पर स्वीमिंग पूल और गार्डन भी है। घर में लिफ्ट भी लगी है। सीढ़ियां भी सागौन की लकड़ी से बनाई गई हैं।

संतोष पाल ने घर में मिनी थिएटर बनवा रखा है।
संतोष पाल ने घर में मिनी थिएटर बनवा रखा है।

एक कार और कैश लेकर पत्नी को किया गायब

यह बात भी सामने आई है कि संतोष पाल को शाम को ही छापे की खबर लग गई थी। इस कारण उसने ऑडी कार, कुछ नकदी रुपए और कुछ अहम दस्तावेजों के साथ पत्नी रेखा को कहीं भेज दिया था। जब रेखा रात में घर लौटी तो वह खाली हाथ थी। जांच टीम पत्नी के मोबाइल लोकेशन के आधार पर इसका पता भी कर रही है।

बालाघाट, रीवा और सिंगरौली का प्रभार भी रहा

ARTO संतोष पाल की परिवहन विभाग में नौकरी लगने के बाद पहली पोस्टिंग इंदौर में हुई थी। यहां कुछ महीने काम करने के बाद जबलपुर ट्रांसफर करा लिया। यहां से नरसिंहपुर और बाद में छिंदवाड़ा ट्रांसफर हुआ। दोनों ही जिलों में 3 - 3 साल कार्यकाल रहा। छिंदवाड़ा में पोस्टिंग के दौरान उसे बालाघाट का प्रभारी जिला परिवहन अधिकारी बनाया गया। साल 2018 में संतोष ने दोबारा ट्रांसफर जबलपुर करा लिया। यहां पहले रीवा और बाद में सिंगरौली के जिला परिवहन अधिकारी का प्रभार अतिरिक्त दे दिया गया।

ARTO ने घर में लग्जरी बाथरूम बनवा रखा है। कीमत 10 लाख से ज्यादा बताई जा रही है।
ARTO ने घर में लग्जरी बाथरूम बनवा रखा है। कीमत 10 लाख से ज्यादा बताई जा रही है।

पूर्व मंत्री ने दिया था ARTO के खिलाफ धरना

कुछ साल पहले एआरटीओ संतोष पाल के खिलाफ पूर्व मंत्री हरेंद्र सिंह बब्बू ने भी धरना दिया था। उन्होंने भ्रष्टाचार में डूबे संतोष को हटाने की मांग की थी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। बताया जाता है कि सरकार के दबाव में पूर्व मंत्री को धरना समाप्त करना पड़ा। इसके अलावा कई बार कांग्रेसियों ने भी अफसर के खिलाफ प्रदर्शन किया था।

ARTO संतोष पाल के बंगले में लॉन के साथ स्वीमिंग पूल भी है।
ARTO संतोष पाल के बंगले में लॉन के साथ स्वीमिंग पूल भी है।

कोर्ट में भी दायर किया मामला

पिछले दिनों वकील राजा कुकरेजा ने क्षेत्रीय परिवहन विभाग में प्रभारी आरटीओ संतोष पाल के खिलाफ सूचना के अधिकार के तहत दस्तावेज निकाले। इसके बाद फिर विशेष न्यायालय में परिवाद दायर किया। राजा कुकरेजा ने 24 मई को कोर्ट को बताया कि दंपती की कमाई करोड़ों में पहुंच गई है। इसके बाद 19 जुलाई को कोर्ट के निर्देश पर EOW ने एआरटीओ के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की थी।

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