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मां-बाप का छिन गया साया, CM मामा बने छाया:बाल कल्याण योजना में जबलपुर के 5 बच्चे शामिल, 5-5 हजार मिलेंगी पेंशन, पढ़ाई का खर्च भी उठाएगी सरकार

जबलपुर24 दिन पहले
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सीएम शिवराज सिंह वीसी के माध्यम से कोविड में माता-पिता को खो चुके बच्चों के संरक्षकों से रूबरू हुए। - Dainik Bhaskar
सीएम शिवराज सिंह वीसी के माध्यम से कोविड में माता-पिता को खो चुके बच्चों के संरक्षकों से रूबरू हुए।

मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना के तहत जबलपुर जिले के दो परिवारों के पांच बच्चों को रविवार को लाभ दिया गया। इनमें से एक परिवार के दो और एक परिवार के तीन बच्चों के माता-पिता की मृत्यु हो गई है। सीएम शिवराज सिंह चौहान वीसी के जरिए इन बच्चों के संरक्षक कैलाश सोनी और देवेंद्र नायडू से बात की। बोले कि इन बच्चों को अपने बच्चों की तरह परवरिश करना। बच्चों को हर महीने पांच हजार रुपए पेंशन से लेकर पढ़ाई की जिम्मेदारी सरकार की होगी। बिटिया की शादी करना, तो बताना, उसका भी कुछ इंतजाम करूंगा।

राज्य शासन द्वारा कोविड-19 से माता-पिता या अभिभावक की मृत्यु के कारण अनाथ हुए बच्चों की आर्थिक सहायता, खाद्य सुरक्षा और अच्छी शिक्षा के लिए मुख्यमंत्री कोविड-19 बाल कल्याण योजना की स्वीकृति 21 मई को दी गई थी। इस योजना की शुरुआत रविवार 30 मई को हुई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीडियों कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अनाथ हुए बच्चों और उनके संरक्षकों से संवाद की। इस मौके पर बच्चों को 5 हजार रुपए प्रतिमाह दी जाने वाली मासिक पेंशन राशि के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए।

दो संरक्षकों से बात कर बोले- बच्चों को संभालना, खर्चा मामा उठाएगा

सीएम से वीसी में रूबरू हुए बरखेड़ा बाजार गंगई शहपुरा निवासी कैलाश सोनी ने बताया कि उनकी बहू (छोटे भाई की पत्नी) की मौत 4 अप्रैल को और छोटे भाई मनोज सोनी की मौत 20 मई को हो गई थी। उनके एक 10 साल का बेटा और 14 व 16 साल की दो बेटियां हैं। सीएम ने कहां बच्चों का अच्छे से परवरिश करना। पढ़ाई-लिखाई की चिंता ये मामा करेगा।

बच्चों के संरक्षकों को पेंशन संबंधी पत्र प्रदान करते हुए।
बच्चों के संरक्षकों को पेंशन संबंधी पत्र प्रदान करते हुए।

वहीं नरसिंह नगर रांझी निवासी देवेंद्र नायडू ने बताया कि उनकी बहु की मृत्यु 19 अप्रैल और छोटे भाई की मौत 24 अप्रैल को कोविड-19 से हो गई थी। उनकी 13 वर्ष की बिटिया और 12 वर्ष का बेटा है। बताया कि उनकी बेटी की शादी तय थी। सारा पैसा इलाज में खर्च हो गया। सीएम ने कहा कि चिंता मत करो। बिटिया की शादी होगी, तो बताना, कुछ इंतजाम करता हूं। वहीं नायडू ने कटनी में पदस्थ एक और छोटे भाई की पत्नी हेल्थ विभाग में है। उसका ट्रांसफर जबलपुर हो जाता तो मदद होती। सीएम ने एडीएम को नोट कर भेजवाने के निर्देश दिए।

सीएम बोले- यह मेरी जिंदगी का सबसे भयानक दौर

सीएम वीसी के दौरान कई बार भावुक हो गए। बोले कि कोरोना की दूसरी लहर उनकी जिंदगी का भयानक दौर था। मैं रात-रात भर सो नहीं पाया। कोशिशों के बावजूद कई भाई-बहनों को बचा नहीं पाए। मासूम बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठने से स्थिति अधिक पीड़ादायक बनी। जिन घरों में अब माता-पिता नहीं हैं। वहां वेदना बहुत अधिक है।

दूसरे योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा

सीएम ने कहा कि बेटियों की शादी के समय सहायता के संबंध में भी राज्य सरकार विचार करेगी। इसके साथ ही प्रभावित बच्चों को राज्य सरकार की दूसरे योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा।

बच्चों को केन्द्र की कारपस फंड योजना का लाभ भी मिलेगा

सीएम ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का 7वां वर्ष पूर्ण हुआ है। पीएम द्वारा बच्चों के लिए आरंभ की गई योजना में 10 लाख रुपए कारपस फंड की व्यवस्था है। यह सहायता भी बच्चों को प्राप्त होगी। अत: बच्चों को चिंता की जरूरत नहीं है। वे मेहनत करें, आगे बढ़ें और संकट को पार करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करें।

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