नींद में जिम्मेदार:रानीताल विद्युत शवदाह गृह जमींदोज हाथीताल का गैस शवदाह गृह जर्जर

जबलपुर6 महीने पहले
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ऊपर रानीताल का जमींदोज हो चुका विद्युत शवदाह गृह व हाथीताल में बना गैस शवदाह गृह। - Dainik Bhaskar
ऊपर रानीताल का जमींदोज हो चुका विद्युत शवदाह गृह व हाथीताल में बना गैस शवदाह गृह।
  • लाखों खर्च होने के बाद भी कोई काम नहीं आ रही व्यवस्था

रानीताल श्मशानघाट में बनाए गए विद्युत शवदाह गृह का अब अस्तित्व ही नहीं बचा है, जबकि प्रदेश शासन प्रदूषण को कम करने के लिए ऐसे शवदाह गृहों की स्थापना की वकालत कर रही है। जब शवदाह गृह बना था तो लोगों की अरुचि ने इसे कभी चालू ही नहीं होने दिया और आखिरकार जंग ने पूरी मशीनरी खा ली।

वहीं गुप्तेश्वर में बना गैस शवदाह गृह भी जब तब बंद हो जाता है। पिछले दिनों ही इसमें एक मृत देह फँस गई थी, जिसके बाद से लोग यहाँ अंतिम संस्कार कराने में हिचकिचा रहे हैं।

नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव ने सभी नगरीय निकायों को आदेश जारी कर कहा है कि उनकी सीमा में यदि विद्युत शवदाह गृह बना हुआ है और यदि वह संचालित नहीं है, तो उसे हर हाल में 15 दिनों के भीतर चालू किया जाए। नगर निगम ने करीब 15 साल पहले रानीताल में विद्युत शवदाह गृह का निर्माण कराया था लेकिन उसे कभी चालू ही नहीं किया जा सका, क्योंकि कोई भी परिजन उसमें अंतिम संस्कार के लिए राजी नहीं हुआ और धीरे-धीरे उसका वजूद ही समाप्त हो गया।

जगह कम पड़ने लगी जिसके चलते करीब साल भर पहले उसे जमींदोज कर दिया गया। वहीं गुप्तेश्वर में बना गैस शवदाह गृह चालू हालत में तो है लेकिन उसकी देख-रेख ठीक से नहीं हो रही है, जिससे पिछले दिनों एक शव उसमें फँस गया था। हालाँकि यहाँ अप्रैल माह में कोविड पॉजिटिव 19 मृतकों के शवों का अंतिम संस्कार किया गया है।

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