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शौर्य को मिला सम्मान:एलओसी पर शहीद हुए थे रवि रंजन सिंह, तो शोपिया में आतंकियों से मुठभेड़ में शहादत को प्राप्त हुए थे रोहित यादव

जबलपुर8 महीने पहले
जवानों और दो वीर नारियों को सेना मेडल देकर किया गया सम्मानित।
  • दोनों शहीदों की वीर पत्नियों को मिला मेडल तो हर आंख हो गई नम
  • जवानों की बहादुरी और शौर्य सुनकर गर्व से रोमांचित हो गया हर जवान

सेना के 20 जवानों के शौर्य और बहादुरी को सुनकर फख्र से सीना चौड़ा हाे गया। कर्त्तव्य की वेदी पर दो जवान शहीद हो गए। उनके मरणोपरांत उनकी वीर नारियों को लेफ्टिनेंट जनरल आईएस घुमन ने सेना के मेडल से सम्मानित किया तो हर आंख नम हो गई। नायक रवि रंजन सिंह जहां एलओसी पर बहादुरी दिखाते हुए शहादत को प्राप्त हुए थे। वहीं सिपाही रोहित कुमार यादव आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए थे। जबलपुर छावनी स्थित ग्रेनेडियर्स रेजिमेंटल सेंटर (जीआरसी) के कर्नल होशियार सिंह, पीवीसी परेड ग्राउंड में इन वीर जवानों के लिए सम्मान समारोह आयोजित हुआ। मध्य कमान के आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आईएस घुमन एक-एक जवानों को उनके शौर्यगाथा के बीच सम्मानित करते रहे, तो दर्शक दीर्घा में बैठे लोगों के तालियों की गड़गड़ाहट उनका हौसला बढ़ाती रही। जैसे ही माइक से शहीद नायक रविरंजन सिंह का नाम गूंजा तो उनकी वीर पत्नी रीता देवी का तालियों से स्वागत हुआ। आर्मी कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आईएस घुमन ने सेना मेडल प्रदान किया।

शहीद पति को मिले सेना मेडल प्राप्त करती हुई पत्नी रीता देवी।
शहीद पति को मिले सेना मेडल प्राप्त करती हुई पत्नी रीता देवी।

20 अगस्त 2019 को एलओसी पर हुए थे शहीद
पाकिस्तान ने 20 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा पर स्थित चाैकियाें और गांवाें काे निशाना बनाकर भारी गाेलाबारी की थी। दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देते हुए गांव वालों को सुरक्षित बचाने में बिहार के रोहतास निवासी नायक रवि रंजन कुमार सिंह (36) शहीद हो गए थे। वहीं चार जवान घायल हुए थे। रवि के बड़े भाई सुनील भी आर्मी में हैं। रक्षा बंधन पर वह घर से लौटे थे।
2002 में सेना में हुए थे भर्ती
वर्ष 2002 में वे सेना में भर्ती हुए थे। परिवार में पत्नी रीता देवी, 9 वर्षीय पुत्र शशि कपूर, 7 वर्षीय पुत्री सतना कुमारी, 3 वर्ष का पुत्र पीयूष कुमार है। डेहरी के गोपी बिगहा गांव के रवि रंजन कुमार सिंह के पिता रामनाथ यादव ने कहा कि बेटे की शहादत पर उसे गर्व है।

पति को मरणोपरांत मिले सेना मेडल को प्राप्त करते हुए वीर पत्नी वैष्णवी यादव।
पति को मरणोपरांत मिले सेना मेडल को प्राप्त करते हुए वीर पत्नी वैष्णवी यादव।

आतंकियों से लोहा लेते हुए शहादत को प्राप्त हुए थे सिपाही रोहित कुमार यादव
सम्मानित होने वाले 20 जवानों में दूसरे शहीद रोहित कुमार यादव थे। उनकी पत्नी वैष्णवी यादव को ये सम्मान दिया गया। रोहित यादव (25) 17वीं राजपूताना राइफल्स की 44वें आतंकवाद निरोधक दस्ते में शामिल थे। 17 मई 2019 को दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले के हंडेव गांव में अचानक आतंकियों से मुठभेड़ हो गई थी। इलाके में सेना की 44आरआर, सीआरपीएफ और एसओजी के जवान आतंकियों की मौजूदगी की सूचना पर तलाशी अभियान चला रहे थे।
हिजबुल मुजाहिद्दीन के तीन आतंकियों से हुई थी मुठभेड़
घेरा सख्त होता देख तीन आतंकियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी। इसी बीच एक गोली सेना के जवान रोहित कुमार यादव को लगी। घायल हालत में भी वे आतंकियों से लोहा लेते रहे और अंतत: शहादत को प्राप्त हो गए। जवानों ने हिजबुल मुजाहिद्दीन के तीन आतंकियों को मुठभेड़ में ढेर कर दिया था।
रोहित के पिता भी सेना में थे हवलदार
रोहित के पिता गंगा सिंह यादव भी पूर्व सैनिक हैं। 2004 में वे सेना से हवलदार पद से रिटायर हुए थे। बहू वैष्णवी के साथ पहुंचे पिता गंगा यादव ने कहा कि रोहित का पिता होना ही मेरे लिए सबसे बड़ा गर्व है। मेरा बेटा सच्चा सिपाही था और उसने देश के लिए शहादत दी है। रोहित की 24 अप्रैल 2016 में शादी हुई थी।
ग्रेनेड फटने से हो गए थे घायल, फिर भी आतंकी को मार गिराया
सेना मेडल से सम्मानित होने वाले नायक सुरेंद्र यादव की बहादुरी का किस्सा भी कम रोचक नहीं है। 19 मार्च 2019 को वे जम्मू कश्मीर के एक गांव में छिपे आतंकियों की तलाश में पहुंचे थे। जब एक आतंकी मारा गया तो दूसरा आतंकी घेराबंदी टीम पर ग्रेनेड फेंक कर और अंधाधुंध फायरिंग करते हुए घेराबंदी करने वाली टीम की ओर भागने लगा।
नजदीकी मुठभेड़ में मार गिराया
ग्रेनेड फटने से पहले नायक सुरेंद्र यादव ने अपने एक साथी को धकेल कर सुरक्षित बचाया और खुद उसकी चपेट में आकर बुरी तरह से घायल हो गए। बावजूद उनका जज्बा कम नहीं हुआ। वह रेंगकर आतंकी की ओर बढ़े और नजदीकी मुठभेड़ में उसे मार गिराया।
सम्मानित होने वाले जवानों ने दिखाया था शौर्य

  • 28 मार्च 2019 को 23वीं बटालियन में हलवदार सुनील सिंह जम्मू कश्मीर के जंगल में थे। तभी तीन आतंकियों ने हमला कर दिया। उन्होंने सटीक निशाना लगाते हुए एक आतंकी को ढेर कर दिया। जबकि दो भाग निकले।
  • 27 जुलाई 2019 को 23वीं बटालियन के मेजर आशुतोष तोमर की टीम ने दो आतंकियों से लोहा लिया। एक आतंकी को तोमर ने मार गिराया था।
  • 31 मई 2019 को 42वीं बटालियन राष्ट्रीय रायफल्स के हवलदार ललत्लनजोवा सर्च ऑपरेशन में थे। दो आतंकी एक घर में छिपे थे। एक को टीम ने मार गिराया। दूसरे पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी। हवलदार ललत्लनजोवा ने बहादुरी दिखाते हुए उसे मार गिराया।

जवानों ने बहादुरी दिखाते हुए आतंकियों को मार गिराया
इसी तरह सम्मानित होने वाले अन्य जवानों लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज कुमार भारद्वाज, मेजर विनायक विजय, मेजर निलव सुरेंद्र, मेजर भानु प्रताप सिंह, मेजर अजय कुमार, कैप्टन पीयूष शर्मा, कैप्टन रंजीत कुमार, कैप्टन सिद्धार्थ दास, कैप्टन रमन तिवारी, हवलदार पवन, हवलदार (अब नायब सूबेदार) हरिबीर सिंह, लांस हवलदार (अब हवलदार) सुमित सिंह, नायक समय लाल सिंह, नायक सुरेंद्र यादव, पैराट्रूपर हरि वियापक ने भी 2019 में ही कश्मीर में आतंकियों को नजदीकी मुठभेड़ में मार गिराया था।

सेना के जवान सलामी देते हुए।
सेना के जवान सलामी देते हुए।
जीआरसी में आयोजित सम्मान समारोह में जवानों का दिखा उत्साह।
जीआरसी में आयोजित सम्मान समारोह में जवानों का दिखा उत्साह।
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