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रेडीमेड गारमेंट मैन्यूफैक्चरिंग हब बनेगा जबलपुर:जिले में गारमेंट एंड फैशन डिजाइन क्लस्टर में स्थापित इकाइयों से वस्त्र निर्माण शुरू

जबलपुर9 महीने पहले
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गोहलपुर में रेडीमेड गारमेंट में कपड़े का निर्माण शुरू। - Dainik Bhaskar
गोहलपुर में रेडीमेड गारमेंट में कपड़े का निर्माण शुरू।
  • एक जिला-एक उत्पाद योजना के तहत रेडीमेड गारमेंट एण्ड होजरी मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर का भी चयन
  • जिले में अब तक तीन गतिविधियां मटर प्रोसेसिंग, रेडीमेड गारमेंट व आईटी सेक्टर को चयनित की गई है

जिले के रेडीमेड गारमेंट्स कारोबार की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांडिंग की जाएगी। यहां के वस्त्र निर्माण व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने एक जिला-एक उत्पाद योजना में रेडीमेड गारमेंट को भी चयन किया है। इससे 35 हजार लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। वर्तमान में 80 इकाइयों में रेडीमेड कपड़े बनाए जा रह हैं। इसके साथ ही जबलपुर में एक जिला-एक उत्पाद योजना के तहत तीन गतिविधियां चयनित की गई हैं। पहली मटर प्रसंस्करण, दूसरी रेडीमेड गारमेंट एंड होजरी मैन्यूफैक्चरिंग और तीसरी आईटी सेक्टर शामिल है।

जिले में पिछले कई वर्षों से रेडीमेड गारमेंट निर्माण का व्यवसाय चल रहा है। अब उन्नत प्रौद्योगिकी और संसाधनों से इसे आधुनिक स्वरूप में संगठित क्लस्टर के तौर पर सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है। व्यापारियों और कंपनियों को यहां के स्थानीय वस्त्र निर्माताओं के साथ संवाद में हिचकिचाहट महसूस हो रही थी। यहां के बिखरे हुए कारोबार को देखकर आर्डर देने में भी नामचीन कंपनियां कतराती थीं। यहां जो कंपनियां आती भी थीं तो वे हिसाब से मूल्य निर्धारण करती थीं।

रेडीमेड गारमेंट बनाने से लेकर कीमत भी निर्धारित कर पाएंगे
अब ऐसा नहीं होगा। वस्त्र तैयार करने से लेकर उसकी कीमत का निर्धारण भी यहां के वस्त्र निर्माता कर पाएंगे। जिले में 60 करोड़ 75 लाख रुपए की लागत से गोहलपुर के लेमागार्डन में करीब 8 एकड़ क्षेत्र में जबलपुर गारमेंट एवं फैशन डिजाइन क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। इस क्लस्टर में गारमेंट मेकिंग इकाइयों को सभी तरह की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

गोहलपुर में करोड़ों की लागत से डाइंग एवं वाशिंग प्लांट स्थापित।
गोहलपुर में करोड़ों की लागत से डाइंग एवं वाशिंग प्लांट स्थापित।

करोड़ों की लागत से उपकरण स्थापित
इसमें करीब सवा करोड़ रुपये की लागत से बना कॉमन फेसिलिटी सेंटर और करीब 5 करोड़ 17 लाख रुपए की लागत से निर्मित डाईंग प्रिंटिंग और वाशिंग प्लांट की विश्वस्तरीय सुविधा शामिल है। कॉमन फेसिलिटी सेंटर से जहां वस्त्र निर्माण, तकनीक, प्रशिक्षण और फिनिशिंग की जानकारी मिलेगी। वहीं डाइंग एवं वाशिंग प्लांट विशेषकर जींस के रंगाई व धुलाई में आसानी होगी। परिसर में अभी कई अन्य निर्माण कार्य जारी है।

200 इकाइयां स्थापित, 35 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
इस क्लस्टर में करीब 200 इकाइयां स्थापित होंगी और लगभग 35 हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। इस क्लस्टर के 31 मार्च पूरा करने का लक्ष्य है। महाप्रबंधक उद्योग एवं व्यापार देवव्रत मिश्रा के मुताबिक इस क्लस्टर में स्थापित 80 इकाइयों ने वस्त्र निर्माण शुरू भी कर दिया है। यहां अभी सलवार सूट, शर्ट, ट्राउजर, कुर्ता-पायजामा, लोअर, कुर्ती, वेडिंग सूट, स्कूल ड्रेस, लैगिंग्स और जीन्स के पैंट-शर्ट बनाये जा रहे हैं।

देश भर में यहां तैयार गारमेंट की डिमांड, ई-कामर्स प्लेटफार्म पर भी उपलब्ध
वर्तमान में जबलपुर गारमेंट एंड फैशन डिजाइन क्लस्टर में तैयार कपड़े दक्षिण भारतीय राज्यों सहित महाराष्ट्र, उत्तरप्रदेश, ओडिशा सहित अन्य राज्यों में लोगों द्वारा काफी पसंद किए जा रहे हैं। बड़े शहरों में चेन्नई, हैदराबाद, बैंगलुरु और नागपुर, मुंबई जैसे शहरों में यहां तैयार रेडीमेड कपड़ों की खासी मांग है। लगभग 50 वस्त्र निर्माण इकाइयां तो ई-कामर्स के द्वारा मार्केटिंग कर रही हैं। जिला प्रशासन शत-प्रतिशत ई-कामर्स प्लेटफार्म के प्रयास में जुटी है।