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क्रांतिकारी पिता-पुत्र की गिरफ्तारी को जीवंत किया:अमर शहीद राजा शंकरशाह व कुंवरशाह 164 साल पहले 14 सितंबर को हुए थे गिरफ्तार, निकाली गई बलिदान स्मृति यात्रा

जबलपुरएक महीने पहले
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164 वर्ष पहले 14 सितंबर को अंग्रेजों ने क्रांतिकारी अमर शहीद राजा शंकरशाह-कुंवर रघुनाथ शाह गिरफ्तार हुए थे। उसे जीवंत करने बलिदान स्मृति यात्रा निकाली गई। - Dainik Bhaskar
164 वर्ष पहले 14 सितंबर को अंग्रेजों ने क्रांतिकारी अमर शहीद राजा शंकरशाह-कुंवर रघुनाथ शाह गिरफ्तार हुए थे। उसे जीवंत करने बलिदान स्मृति यात्रा निकाली गई।

अंग्रेजी हुकूमत को ललकारने वाले क्रांतिकारी पिता-पुत्र राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथशाह की गिरफ्तारी को 164 वर्ष बाद जीवंत दिखाया गया। बीजेपी के तत्वावधान में टाउन हाल से मालगोदाम तक बलिदान स्मृति यात्रा निकाली गई। जीवंत दृश्याकंन में जंजीरों में जकड़े पिता-पुत्र को अंग्रेज अफसर गिरफ्तार कर ले जा रहे थे। इस दौरान जगह-जगह शहर के लोगों ने पुष्प वर्षा कर क्रांतिकारी पिता-पुत्र के बलिदान को स्मरण करते हुए अपनी भावनाएं प्रकट की।

स्वतंत्रता के प्रथम आंदोलन 1857 की क्रांति में देश के प्रथम बलिदानी राजा शंकरशाह एंव कुंवर रघुनाथशाह की बलिदान गाथा का जीवंत दृश्यांकन करते हुए 164 वर्षों बाद उनकी बलिदान स्मृति यात्रा भाजपा ने सांसद राकेश सिंह के तत्वाधान में गांधी भवन से बलिदान स्थली तक निकाली गई। यहां बता दें कि जबलपुर के गोंडवाना साम्राज्य के राजा शंकरशाह और उनके पुत्र कुंवर रघुनाथशाह देश के पहले राजा थे, जिन्हें अंग्रेजो ने तोप के मुंह में बांधकर उड़ा दिया था। इतिहास के पन्ने में भुला दिए गए पिता-पुत्र के इस बलिदान गाथा और जबलपुर के गौरव को जन जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से उनके बलिदान के बाद पहली बार इस तरह का जीवंत दृश्यांकन किया गया।

बलिदान स्मृति यात्रा में बड़ी संख्या में शहर के लोग शामिल हुए।
बलिदान स्मृति यात्रा में बड़ी संख्या में शहर के लोग शामिल हुए।

गांधी भवन से निकाली गई यात्रा

बलिदानी राजा शंकरशाह और कुंवर रघुनाथशाह की बलिदान स्मृति यात्रा गांधी भवन से प्रारंभ हुई। सबसे आगे उनकी गिरफ्तारी का जीवंत दृश्यांकन का अभिनय करते हुए राजा शंकरशाह, कुंवर रघुनाथ शाह उनकी धर्मपत्नीयां रानी फुलकुंवर और मन कुंवर को अंग्रेज सैनिक तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर ई क्लार्क के नेतृत्व में गिरफ्तार करके ले जाते हुए चल रहे थे। यात्रा मार्ग में राजा शंकरशाह रघुनाथशाह के सहयोगी रहे बलिदानी क्रांतिकारियो की भेषभूषा में 15 महारथी सूबेदार बलदेव तिवारी, दसनामी महान्तपुरी बाबा, मंहत संग्राम गिरी, शहीद गंगापुरी गोसाईं, राजा हृदय शाह, महारथी मेहरबान सिंह, जवाहर सिंह, गजराज सिंह, रामनिवास चौबे, देवी सिंह, सुदीन दास, कूड़न सिंह, सरजू प्रसाद ठाकुर, महारथी मोनी सिंह भी साथ-साथ चल रहे थे।

बलिदान स्मृति यात्रा के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा कर पिता-पुत्र के बलिदान को नमन करते शहरवासी।
बलिदान स्मृति यात्रा के दौरान जगह-जगह पुष्पवर्षा कर पिता-पुत्र के बलिदान को नमन करते शहरवासी।

रास्ते भर लोगों ने पुष्पवर्षा कर क्रांतिकारी पिता-पुत्र की शहादत को नमन किया

बलिदान यात्रा में कलाकारों के जीवंत दृश्यांकन ने 164 वर्ष पूर्व हमारे बलिदानियों की गिरफ्तारी की याद को ताजा कर दिया। यात्रा मार्ग में स्वागत मंचो से राजा शंकरशाह-कुंवर रघुनाथ शाह पर पुष्प वर्षा होती रही। यात्रा गांधी भवन, घंटाघर, हाईकोर्ट चौक होते हुए बलिदान स्थली मालगोदाम पहुंची। यहां सांसद राकेश सिंह के साथ सभी जनप्रतिनिधियों और पार्टी के लोगों ने राजा शंकरशाह रघुनाथ शाह के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

बलिदान स्मृति यात्रा में जीवंत दृश्यांकन करने वाले कलाकारों के साथ सांसद राकेश सिंह।
बलिदान स्मृति यात्रा में जीवंत दृश्यांकन करने वाले कलाकारों के साथ सांसद राकेश सिंह।

बलिदान की गाथा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निकाली गई स्मृति यात्रा

सांसद राकेश सिंह ने कहा हम सौभाग्यशाली है कि हमारे जबलपुर में देश के आदिवासी जननायक राजा शंकरशाह रघुनाथ शाह ने 1857 की क्रांति में अंग्रेजो से लोहा लिया और अपनी भूमि की रक्षा के लिए समझौता न करते हुए अपने प्राणों का उत्सर्ग कर दिया। देश के स्वतंत्रता संग्राम में अनेकों क्रांतिकारियों ने बलिदान दिया है। पर देश का पहला राजवाड़ा गोंडवाना साम्राज्य रहा जिसके राजा और उनके पुत्र को तोप के मुंह बांधकर उड़ाया गया। उनके बलिदान की गाथा को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए उनके गिरफ्तारी वाले दिन 14 सितम्बर को ही यह बलिदान स्मृति यात्रा निकाली गई।

बलिदान स्मृति यात्रा के बाद शहीद स्थल पर सांसद राकेश सिंह पार्टी विधायक व पदाधिकारियों के साथ।
बलिदान स्मृति यात्रा के बाद शहीद स्थल पर सांसद राकेश सिंह पार्टी विधायक व पदाधिकारियों के साथ।

गोंड़कालींन धरोहरों पर चित्रकला और छायाचित्र प्रदर्शनी का उद्धघाटन 15 को

जबलपुर की गोंड़कालींन ऐतिहासिक धरोहरों पर आयोजित चित्रकला और छायाचित्र प्रदर्शनी का उद्घाटन बुधवार 15 सितम्बर की शाम 5 बजे रानी दुर्गावती कला वीथिका भंवरताल में किया जाएगा। साथ ही राजा शंकरशाह-कुंवर रघुनाथ शाह की बलिदानी गाथा पर नुक्कड़ नाटक का आयोजन भी किया जाएगा। सांसद ने कहा आज़ादी के 75वें वर्ष में अमृत महोत्सव के आलोक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर देश में अनेकों कार्यक्रम आयोजित हो रहे है। ऐसे बलिदानियों जो हमारे देश की आज़ादी में अपने प्राणों को न्यौछावर किया है, उनकी बलिदान गाथा को लोगो तक पहुंचाने के लिए ही यह आयोजन किया गया है। यह लगातार 5 दिनों तक चलेगा।

बलिदान स्मृति यात्रा में शामिल महिलाएं।
बलिदान स्मृति यात्रा में शामिल महिलाएं।

बलिदान दिवस बना सियासत का केंद्र:आदिवासी राजा शंकरशाह-रघुनाथ शाह बलिदान दिवस कार्यक्रम में अमित शाह के बाद कांग्रेस के दिग्विजय सिंह भी होंगे शामिल

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