ई-टिकट बनाने वाले दलालों पर कार्रवाई:RPF जबलपुर ने 130 ई-टिकट जब्त किए, पर्सनल आईडी पर बना कर बेच रहे थे रेलवे का बुक टिकट

जबलपुर4 महीने पहले
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आरपीएफ ने दलालों पर कसा शिकंजा। - Dainik Bhaskar
आरपीएफ ने दलालों पर कसा शिकंजा।

रेल सुरक्षा बल ने टिकट बनाने वाले दलालों पर कार्रवाई की है। आरपीएफ ने रांझी व पाटन में दबिश देकर 130 ई-टिकट जब्त किए। आरोपी उसे पर्सनल आईडी पर बना कर बेच रहे थे। आरपीएफ ने आरोपियों के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा में कार्रवाई की है। जब्त ई-टिकट की कीमत 66 हजार 686 रुपए बताई जा रही है।

पश्चिम मध्य रेल के आरपीएफ कमांडेंट अरुण कुमार त्रिपाठी के मुताबिक अनाधिकृत रूप से ई-टिकट बनाने वाले वेंडरों पर कार्रवाई की जा रही है। रेलवे से इसके लिए लाइसेंस लेने का प्रावधान है। सूचना आ रही थी कि रांझी व पाटन में कुछ लोग पर्सनल आईडी का प्रयोग कर ई-टिकट बनाकर बेच रहे हैं। इस सूचना पर आरपीएफ सब इंस्पेक्टर आरके चाहर और बीपी मेहरा, प्रधान आरक्षक शिवचरण शर्मा की अगुवाई में टीम ने रांझी सुभाष नगर झंडा चौक में दबिश दी।

यहां एमपी ऑनलाइन शॉप को चेक करने पर दुकान संचालक राम अभिलाषा गौतम द्वारा रेलवे अधिकृत एजेंट की अनुमति के बीना ई-टिकिट बनाया जा रहा था। उसके कम्प्यूटर को चेक करने पर कुल 121 ई-टिकट मिले। इसकी कीमत 57 हजार 640 रुपए है। हैरानी की बात ये है कि 107 ई-टिकटों पर यात्रा की जा चुकी है। वहीं मौके पर 14 ई-टिकट और 01 सीपीयू को जब्त किया। आरोपी को गिरफ्तार कर रेलवे मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया।

पाटन में भी आरपीएफ ने दी दबिश

आरपीएफ की टीम ने इसी तरह पाटन में भी पटेल मोबाइल शॉप और अंशिका ऑनलाइन सेंटर पर दबिश दी। यहां भी पर्सनल आईडी पर ई-टिकट बनाकर व्यापार किया जा रहा था। दुकानदार अंशुल पटेल और भूपेंद्र अहिरवार के पास से 21 ई-टिकट जब्त किए गए। इसकी कीमत 13 हजार 671 रुपए है। टीम ने सीपीयू भी जब्त कर लिया। दोनों के खिलाफ रेल अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया है।

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