शेयर ब्रोकर हत्याकांड का खुलासा:साढ़े चार साल जेल में रहने का निकाला था गुस्सा निकाला, शार्गिद निकले कातिल

जबलपुर4 महीने पहले
जयदीप हत्याकांड का खुलासा।

जबलपुर के लार्डगंज क्षेत्र में शेयर ब्रोकर जयदीप ठाकुर (42) की हत्या का आज पुलिस ने खुलासा किया। वादाखिलाफी पर उसकी हत्या उसके ही शार्गिदों ने की थी। लार्डगंज पुलिस ने दोनों आरोपियों को आज कछपुरा ब्रिज के नीचे से गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपी हत्या के बाद मुंबई फरार हो गया था। वह मुंबई-हावड़ा से लौटा ही था कि पुलिस ने दबोच लिया। दोनों आरोपियों को पुलिस ने तीन दिन की रिमांड पर लिया है।

एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा किया। बताया कि इस हत्याकांड के तार कटनी में 2017 में दर्ज हत्या के प्रयास मामले से जुड़ा है। पुलिस ने जयदीप ठाकुर की हत्या प्रकरण में श्रीनाथ की तलैया निवासी सिद्धार्थ श्रीवास्तव (20) और यादव कॉलोनी निवासी गौरव पटेल को गिरफ्तार किया है। दोनों गहरे दोस्त हैं।

जयदीप ठाकुर (42) की हत्या का खुलासा।
जयदीप ठाकुर (42) की हत्या का खुलासा।

कटनी के इस मामले में जयदीप के साथ शामिल था सिद्धार्थ

जयदीप की हत्या करने वाला सिद्धार्थ कभी उसका खास शार्गिंद हुआ करता था। जयदीप सिंह राठौर ने थाना माधव नगर जिला कटनी में सिद्धार्थ श्रीवास्तव और अज्जू उर्फ अजय विश्वकर्मा के साथ मिलकर सेंट्रल स्कूल के टीचर पर 2017 को आंख में मिर्च पाउडर डालकर चाकू से जानलेवा वार किया था। आरोपियों ने उस पर 45 से अधिक वार किए थे। महीनों अस्पताल में जिंदगी और मौत से संघर्ष के बाद वह बच पाया था। उसकी गलती इतनी थी कि उसकी शादी का रिश्ता जयदीप की प्रेमिका से तय हो गई थी। हालांकि बाद में ये रिश्ता भी टूट गया था।

साढ़े चार साल जेल में रहा सिद्धार्थ

जयदीप ने सेंट्रल स्कूल के टीचर पर हमला कराने के लिए सिद्धार्थ और अज्जू को 25 हजार रुपए और जमानत दिलाने में सहयोग करने की बात कही थी। जयदीप एक साल बाद ही जमानत पर बाहर आ गया। वहीं अज्जू भी डेढ़ साल बाद बाहर गया। जबकि सिद्धार्थ 30 अप्रैल 2017 से अक्टूबर 2021 तक जेल में रहा। इस दौरान कटनी कोर्ट से इस मामले में आरोपियों को 10-10 साल और पांच-पांच हजार अर्थदंड की सजा भी हाे गई। सिद्धार्थ को हाईकोर्ट से जमानत मिल पाई। कोर्ट के चक्कर में उसके 17 लाख से अधिक खर्च हो गए। इस पूरे दौरान जयदीप ने पलट कर एक बार भी सिद्धार्थ की खोज-खबर नहीं ली।

सिद्धार्थ ने दोस्त गौरव के साथ मिलकर की थी हत्या।
सिद्धार्थ ने दोस्त गौरव के साथ मिलकर की थी हत्या।

वादाखिलाफी से था नाराज

सिद्धार्थ मुख्य आरोपी न होते हुए भी सबसे अधिक जेल में रहा। जयदीप के वादाखिलाफी से वह नाराज था। और उसे सबक सिखाने की ठान बैठा था। जेल से छूटने के बाद वह मौके की तलाश में था और 15 मई को उसे ये मौका मिल गया। उस दिन जयदीप घर में अकेला था। मां ओमवती राठौर प्रयागराज (यूपी) रिश्तेदारी में आयोजित शादी में गई हुई थीं। सिद्धार्थ अपने दोस्त गौरव पटेल के साथ शाम 5.30 बजे जयदीप के घर गया। वहां अचानक उसके सिर पर रॉड से वार किया। उसके गिरते ही गौरव पटेल ने मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और सिद्धार्थ ने चाकू से सीने-पेट पर 12 से अधिक वार कर डाले। हत्या के बाद दोनों फरार हो गए।

16 मई की शाम को पुलिस को खबर लग पाई थी

इस जघन्य हत्या की खबर लोगों को 24 घंटे बाद अगले दिन 16 मई की शाम को लग पाई थी। शेयर व गोल्ड एक्सचेंज ब्रोकर का काम करने वाले जयदीप का रक्तरंजित शव उसके दो मंजिला घर की पहली मंजिल वाले कमरे में मिली थी। दो फीट वाली गली में स्थित इस मकान में हत्या किसने की और कब की, किसी को खबर नहीं थी। पुलिस को पड़ोसी राकेश उर्फ रम्बल विश्वकर्मा ने सूचना दी थी। ओमवती उनकी बुआ लगती हैं। दरअसल ओमवती ने लव मैरिज की थी। जयदीप के घर का दरवाजा खुला देखकर वे उसे देखने कमरे में गए तो वहां उसकी लाश पड़ी थी। फिर पुलिस को खबर दी थी। जयदीप की हत्या के बाद आरोपी मोबाइल भी लूट ले गए थे।

इस हालत में घर में पड़ा था शव।
इस हालत में घर में पड़ा था शव।

तीन दिन की रिमांड पर पुलिस ने लिया

लार्डगंज टीआई प्रफुल्ल श्रीवास्तव के मुताबिक आरोपियों को तीन दिन की रिमांड पर लिया गया है। हत्या में प्रयुक्त डंडा, चाकू और जयदीप का मोबाइल, जो आरोपियों ने कहीं तोड़ कर फेक दिया है, बरामद करना है। आरोपियों से वारदात के समय पकड़े गए उनके कपड़े भी जब्त किए जाने हैं। इस खुलासे में लार्डगंज पुलिस के अलावा साइबर सेल और क्राइम ब्रांच की टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका थी।

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