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  • Three Years Ago In Jabalpur, A 16 year old Teenager Was Killed By Entering The House, The Elder Sister Was Also Murdered, The Special Court Sentenced

जबलपुर में हत्यारे को उम्रकैद:3 साल पहले घर में घुसकर 16 साल की लड़की हत्या की थी, विशेष कोर्ट ने कहा- मासूम का जीवन छीनन जघन्य अपराध

जबलपुर2 महीने पहले
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विशेष कोर्ट ने किशोरी की हत्या करने वाले सनकी प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई। - Dainik Bhaskar
विशेष कोर्ट ने किशोरी की हत्या करने वाले सनकी प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई।

तीन साल पहले 16 वर्षीय लड़की के घर में घुसकर हत्या करने और बड़ी बहन पर जानलेवा हमला करने वाले को विशेष कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही, आरोपी पर 11 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

विशेष न्यायाधीश ज्योति मिश्रा की अदालत में मामला चल रहा था। कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि किसी मासूम का जीवन छीनना जघन्य अपराध है। इसके लिए उम्रकैद से कम सजा नहीं दी जा सकती।

01 अगस्त 2018 काे खेला था खूनी खेल

प्रकरण में अभियुक्त सुंदरपुर पनागर निवासी अमित बर्मन पर आरोप था कि उसने 1 अगस्त 2018 की रात में तिलगवां निवासी रेणु यादव (16) को घर से घसीट कर 500 मीटर दूर खेत तक ले गया और बका से पीठ-जांघ पर कई वार कर मौत के घाट उतार दिया था। आरोपी ने रेणु की बड़ी बहन रजनी के सिर पर भी जानलेवा वार किया था।

ये थी पूरी घटना की वजह

दरअसल आरोपी अमित बर्मन रेणु यादव से प्यार करता था। घटना से कुछ समय पहले वह रेणु से मोबाइल पर बात कर रहा था। तभी रेणु की मां ने उसे देख लिया। बेटी पर सख्ती दिखाई तो उसने अमित बर्मन से बात करना बताया। मां के मना करने पर रेणु ने बातचीत बंद कर दी। यही बात अमित बर्मन को नागवार गुजरी।

01 अगस्त 2018 को रेणु के पिता छोटेलाल यादव सुंदरपुर गए हुए थे। रेणु मां मीना बाई और बहनों रानी व रजनी के साथ खेत में बने मकान में सो रही थीं। तभी अमित बर्मन ने दरवाजे पर दस्तक दी। इसके बाद उसने खूनी खेल को अंजाम दिया।

सुबह मिली थी रेणु की लाश

रेणु को आरोपी घर से खींच कर खेत की ओर ले गया था। जबकि उसकी बहन रजनी के सिर पर जानलेवा वार कर घायल कर दिया था। घरवालों को रेणु की सिर्फ चीख ही सुनाई पड़ी। दहशत में वे उसे ढूंढ़ने की हिम्मत नहीं दिखा पाए। किसी तरह मीना बाई ने पति को सूचना दी। इसके बाद गांव के लोगों को भी जानकारी लगी।

रात में रेणु को तलाशा गया, लेकिन उसकी लाश सुबह ही 500 मीटर दूरी पर मिली थी। पनागर पुलिस ने मामले में घर में घुसकर हत्या के प्रयास, अपहरण व हत्या सहित पॉक्सो एक्ट का प्रकरण दर्ज किया था। मामला जघन्य में चिन्हित कर इसकी विशेष कोर्ट में ट्रॉयल शुरू हुआ।

तीन साल चली सुनवाई, अब हुई सजा

जिला अभियोजन अधिकारी अजय कुमार जैन के मुताबिक तीन साल मामले की सुनवाई चली। साक्ष्य और अहम गवाहों के बयान के आधार पर आरोपी को फांसी देने की मांग की गई थी, लेकिन सुनवाई के बाद कोर्ट ने इसे नृशंस वारदात बताते हुए आजीवन कारावास और 11 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है।

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