कोरोना टीकाकरण:जिले में अब तक 42 हजार से ज्यादा को लगी कोरोना वैक्सीन की पहली डोज

जबलपुर9 महीने पहले
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  • 16 जनवरी से 6 मार्च के बीच 27 दिन हुआ वैक्सीनेशन, लगभग साढ़े 9 हजार लोगों ने लगवाया दूसरा डोज

जिले समेत पूरे देश में 16 जनवरी से कोरोना टीकाकरण का आगाज हुआ था, तब से लेकर अब तक जबलपुर जिले में 42 हजार से ज्यादा हितग्राहियों को कोरोना वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है। इसमें स्वास्थ्य कर्मी, फ्रंट लाइन वर्कर्स समेत बुजुर्ग और गंभीर बीमारी से पीड़ित हितग्राही शामिल रहे। यही नहीं 22 फरवरी से दूसरी डोज का शुभारंभ हुआ और अब तक लगभग साढ़े 9 हजार हितग्राहियों ने ही दूसरी डोज लगवाई है।

जिले में 1 मार्च के बाद 4 दिनों में लगभग 11 हजार टीके लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जून माह तक जिले में पौने 5 लाख लोगों को टीका लगाने टारगेट रखा गया है, लेकिन यह लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकेगा, जब टीके के डोज उपलब्ध हों। जिले में शनिवार को 4936 हितग्राहियों को टीका लगा था।

ऐसा रहा अब तक का टीकाकरण

  • 16 जनवरी से 6 मार्च तक 27 दिनों में टीके लगे
  • 42756 हितग्राहियों को पहली डोज लगी
  • 22 फरवरी से दूसरा डोज लगना शुरू
  • 9462 हितग्राहियों को दूसरी डोज लगी

पोलिंग बूथ के हिसाब से प्लानिंग
ज्यादा से ज्यादा लोगों को टीके लग सकें, इसलिए विभाग की तैयारी हर विधानसभा क्षेत्र में पोलिंग बूथों के हिसाब से लोगों को वैक्सीन लगाने की है। शहर में 4 विधानसभा क्षेत्र हैं। हर विधानसभा में 4 केंद्र बनाकर टीके लगाए जाने की प्लानिंग है।

आज सोमवार से वैक्सीनेशन में अहम बदलाव

  • जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एसएस दाहिया ने बताया कि निजी अस्पतालों में अब 250 की बजाय 150 टीके ही लगेंगे। यही नहीं निजी अस्पतालों को इस बात के निर्देश भी दिए गए हैं कि 60 से अधिक उम्र की कैटेगरी में ज्यादा से ज्यादा टीके लगाएँ और 45 से 59 वर्ष की कैटेगरी में बिना सर्टिफिकेट के टीका नहीं लगेगा। इस कैटेगरी में बिना सर्टिफिकेट टीकाकरण को लेकर आ रहीं शिकायतों के बाद यह निर्णय लिया गया है।
  • ब्लॉक स्तर फ्रंट लाइन वर्कर्स को कोवैक्सीन की दूसरी डोज अभी फिलहाल के लिए नहीं लगाई जाएगी। कोवैक्सीन के वेस्टेज और कम संख्या में आ रहे हितग्राहियों की संख्या को देखते हुए विभाग ने यह निर्णय लिया है। शहरी क्षेत्र में कोई बदलाव नहीं है।
  • मार्च के दूसरे हफ्ते में 25 केंद्रों पर ही टीके लगेेंगे, संभवत: वैक्सीन के नए डोज आने पर तीसरे हफ्ते से केंद्रों की संख्या बढ़ाई जा सकती है। वहीं इस हफ्ते आज यानी सोमवार, बुधवार और शनिवार को ही वैक्सीनेशन होगा। गुरुवार को शिवरात्रि के चलते कोई सेशन नहीं रखा गया है।

50 वर्ष से अधिक है उम्र तो कोरोना वैक्सीन जरूर लगवाएँ

प्रसिद्ध जोड़ प्रत्यारोपण सर्जन डॉ. विक्रम आई शाह ने साझा किए अनुभव

कोरोना की शुरूआत में कुछ महीनों ट्रीटमेंट के प्रोटोकॉल तय नहीं थे, इसलिए मौतें ज्यादा हुईं, लेकिन बाद में ट्रीटमेंट प्रोटोकाल सेट हुए। जिससे लोग संक्रमित तो हुए, लेकिन मृत्यु कम हो गईं। इसके बाद भी सावधानी से रहने की जरूरत है। 50 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को वैक्सीन लगवानी ही चाहिए। यह बात प्रसिद्ध प्रत्यारोपण सर्जन और शैल्बी लिमिटेड के सीएमडी डॉ. विक्रम आई शाह ने रविवार को शैल्बी हॉस्पिटल विजय नगर में प्रेसवार्ता में कही। उन्होंने बताया कि शैल्बी हॉस्पिटल्स की श्रंखला में 11 अस्पताल शामिल हैं, जो 5 राज्यों के 8 शहरों में हैं, जहाँ बहु विशिष्ट स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की जा रही हैं।

कोविड महामारी के दौरान शैल्बी जबलपुर ने सभी उम्र के संक्रमितों का गंभीरता से इलाज किया है। यहाँ 5 ऑपरेशन थियेटर हैं, जो क्लास-100 सर्टिफाइड हैं। इसके अलावा कई दुर्लभ उपकरण भी हैं, जो इलाज में सहायक हैं। अस्पताल के सीएओ डॉ. अखिल जैन ने बताया कि डॉ. शाह शैल्बी अस्पताल में जबलपुर विगत 7 वर्षों में 5000 जोड़ प्रत्यारोपण सर्जरी कर चुके हैं। इस मौके पर अस्पाताल से जुड़े अन्य विशेषज्ञ चिकित्सक मौजूद रहे।

आयुध कर्मी बोले- हमें कब लगेगी वैक्सीन, जीएम ने कहा- ठीक है, तैयार हो जाएँ

​​​​​​​यूनियनों की मीटिंग में और भी अन्य मुद्दों पर हुई चर्चा

नगर प्रतिनिधि, जबलपुर| आयुध निर्माणी खमरिया के कर्मचारियों की ओर से जीएम के सामने बात रखी गई कि उन्हें कोरोना की वैक्सीन कब से लगना शुरू होगी। महाप्रबंधक रविकांत ने कहा, ठीक है.. तैयार हो जाएँ। खास बात यह है कि विगत दिनों आयोजित की गई इस मीटिंग के चंद घंटों के बाद ही वैक्सीनेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सोमवार से वैक्सीनेशन में तेजी आएगी। इसके लिए आयुध कर्मियों को कहीं भटकने की भी जरूरत नहीं, ओएफके के अस्पताल में ही वैक्सीन लगाई जाएगी।
ओएफके की समस्त मान्यता प्राप्त यूनियनों के साथ प्रशासन की मीटिंग में चेंजिंग रूम का मुद्दा भी गंभीरता से उठाया गया। कामगार यूनियन का कहना रहा कि चेंजिंग रूम की हालत बेहद जर्जर है, तत्काल सुधार कार्य कराना चाहिए। जीएम ने भरोसा दिया कि यह समस्या भी जल्द दूर की जाएगी। महाप्रबंधक ने सिविल इंजीनियरिंग विभाग को आदेशित किया कि विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर शीघ्रता से सौंपी जाए।

खास तौर पर F-6 अनुभाग के चेंज रूम को मॉडल चेंज रूम में परिवर्तित किया जाए। मीटिंग के दौरान सभी अनुभागों में एयर सर्कुलेशन फेन का काम अतिशीघ्र पूर्ण किये जाने पर भी विचार-विमर्श किया गया। बैठक में यूनियन अध्यक्ष राजेंद्र चडारिया, महामंत्री रूपेश पाठक, कार्यालय मंत्री अनूप बाथम उपस्थित थे।
वेतन निर्धारण टाइम पर
यूनियनों का कहना रहा कि वर्ष 2017 में पदोन्नति पाने वाले कर्मचारियों के पदोन्नति का मामला न्यायालय में होने के कारण कर्मचारियों को एक इंक्रीमेंट का नुकसान हुआ है, जबकि कुछ कर्मचारियों को सीनियारिटी की भी क्षति हुई। इस पर महाप्रबंधक ने आदेशित किया कि इस पर जाँच कर वेतन निर्धारण कर वार्षिक वेतन वृद्धि समय पर दी जाए। नाइट ड्यूटी एरियर के भुगतान का भी आदेश दिया गया है।

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