MP में रामचरित मानस पढ़ेंगे छात्र:रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी इसी सत्र से लागू करेगी कोर्स, गर्भसंस्कार और एग्रीकल्चर की भी होगी पढ़ाई

जबलपुरएक वर्ष पहले
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रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में इस सत्र से छात्रों को कई डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने जा रहा है। - Dainik Bhaskar
रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में इस सत्र से छात्रों को कई डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने जा रहा है।

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय (रादुविवि) में अब छात्र रामचरित मानस, गर्भसंस्कार के साथ एग्रीकल्चर की भी पढ़ाई कर सकेंगे। विवि में इस बार आधा दर्जन नए कोर्स शुरू किए जा रहे हैं। कार्यपरिषद और डीन कमेटी की अनुशंसा के बाद इसे इसी सत्र से लागू कर दिया गया है।

छात्रों को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से नए डिग्री व डिप्लोमा काेर्स शुरू किया जा रहा है। गर्भसंस्कार पर पढ़ाई के साथ रामचरित मानस की प्रासंगिकता और कर्मकांड जैसे विषयों पर पढ़ाई के विषय को प्रवेश प्रक्रिया में शामिल कर लिया गया है। कुलपति प्रो. कपिलदेव मिश्रा के मुताबिक नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कई नए कोर्स तैयार किए गए हैं। इसी सत्र से इसकी पढ़ाई होगी।

दो सेमेस्टर का होगा रामचरित मानस पाठ्यक्रम
कुलपति प्रो. मिश्रा के मुताबिक, वर्तमान युवक में रामचरित मानस की प्रासंगिकता विश्ज्ञय पर डिप्लोमा काेर्स दो सेमेस्टर का होगा। इसमें वर्तमान परिप्रेक्ष्य में युवाओं को खुद को बलवान और चुनौतियों से लड़ने समर्थवान बनाने की प्रेरणा दी जाएगी। इसके साथ ही डिप्लोमा इन जिम इंस्ट्रक्टर का भी दो सेमेस्टर का डिप्लोमा कोर्स शुरू किया गया है। साथ ही डिप्लोमा इन कर्मकांड और गर्भसंस्कार की भी पढ़ाई विवि में शुरू होगी।

एनालिटिकल स्पेक्ट्रोस्कोपी
वुमन एम्पॉवरमेंट विषय पर तीन महीने का सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू किया गया है। इसके अलावा एनालिटिकल सपेक्ट्रोस्कोपी एवं क्रोमेटोग्राफी, मटेरियल कैरक्टराइजेशन का सर्टिफिकेट कोर्स की शुरूआत की गई है। जिम इंस्टेक्टर का कोर्स पहले ही शुरू किया जा चुका है। विवि की खुद की आधुनिक जिम के साथ ट्रेनिंग की जाएगी।

B.Sc ऑनर्स एग्रीकल्चर का पाठ्क्रम भी शुरू
यूनिवर्सिटी अब एग्रीकल्चर की पढ़ाई भी कराएगा। विद्या परिषद की मंजूरी के बाद B.Sc ऑनर्स एग्रीकल्चर की पढ़ाई इसी सत्र से शुरू की जा रही है। यूनिवर्सिटी ने इसके लिए प्रो. सुरेंद्र सिंह को प्रभारी बनाया है। उज्जैन स्थित विक्रम विवि द्वारा तैयार एग्रीकल्चर पाठ्यक्रम को आरडीयू भी अपनाएगा। पहले चरण में 60 सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा। यह कोर्स स्ववित्तीय होगा। रादुविवि इसके लिए कृषि विश्वविद्यालय से एमओयू करेगा। जरूरत पड़ने पर वहां के रिटायर्ड शिक्षकों की भी मदद ली जाएगी।

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