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लापता शिक्षक की 25 दिन बाद मिली लाश:जबलपुर के अगरिया में थे पदस्थ, गिदरहा नहर में सड़ी-गली लाश को लेकर सुसाइड और मर्डर में उलझा मामला

जबलपुर25 दिन पहले
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नहर में बुरी तरह से सड़ी-गली हालत में मिली मंगल सिंह करोपे (55) की लाश। - Dainik Bhaskar
नहर में बुरी तरह से सड़ी-गली हालत में मिली मंगल सिंह करोपे (55) की लाश।

रहस्यमय ढंग से 10 अक्टूबर को गायब हुए शासकीय विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य मंगल सिंह करोपे (55) का 25 दिन बाद अगरिया नहर में सड़ी गली लाश मिली। परिजनों ने जूते, बाजू में बंधी ताबीज, जनेऊ, गमछे से शव की पहचान की। शव नहर के कचरे में फंसी थी। वर्तमान में नहर में पानी की सप्लाई बंद है। पूरा मामला सुसाइड और मर्डर के बीच उलझा हुआ है। मझगवां पुलिस ने पीएम रिपोर्ट के आधार कार्रवाई की बात कही है।

मझगवां पुलिस के मुताबिक सिहोरा ब्लॉक के शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल अगरिया में प्रभारी प्राचार्य मंगल सिंह करोपे (55) बीते 10 अक्टूबर से गायब थे। वे 10 अक्टूबर की सुबह मढ़ा बंजर गांव स्थित अपने घर से 4:30 बजे मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। वह रोज 3 से 4 किमी दूर तक जाते थे और लौट आते थे। वे अपना मोबाइल भी घर में चार्ज में लगा कर छोड़ गए थे। बनियान और टॉवल में निकले थे। पत्नी जयंती बाई ने उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी।

परिजनों ने 10 अक्टूबर को दर्ज कराई थी गुमशुदगी।
परिजनों ने 10 अक्टूबर को दर्ज कराई थी गुमशुदगी।

25 दिन बाद मिली गिदरहा नहर में लाश

मझगवां पुलिस के मुताबिक शुक्रवार शाम छह बजे के लगभग स्थानीय ग्रामीण की सूचना पर गिदरहा नहर में एक सड़ी-गली लाश मिली। लाश पूरी तरह से सड़ चुकी थी। पूरे शरीर पर शैवाल और कचरा लिपटा हुआ था। उनके गमछे में गठान भी लगा था। शव का हुलिया देख मझगवां पुलिस ने मंगल करोपे के परिजनों को सूचना दी। परिजनों ने मौके पर पहुंच कर शव की पहचान की। पुलिस ने शव को पीएम के लिए भिजवाया। शनिवार को पीएम के बाद परिजनों को पुलिस ने शव सौंपा।

मंगल सिंह करोपे के परिजनों का दावा अपहरण के बाद हुई है हत्या।
मंगल सिंह करोपे के परिजनों का दावा अपहरण के बाद हुई है हत्या।

सुसाइड और हत्या में उलझा मामला

मझगवां पुलिस के मुताबिक गुमशुदगी में मंगल सिंह करोपे की पत्नी जयंती बाई ने दो साल से मानसिक हालत ठीक न होने का जिक्र किया है। इस कारण प्रथम दृष्टया मामला सुसाइड का लग रहा है, लेकिन पीएम के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी। वहीं बेटी हेमलता करोपे का दावा है कि उनके पिता मानसिक रूप से स्वस्थ थे। सरपंच ने गुमराह करते हुए गुमशुदगी में इस बात का जिक्र करा दिया था। बाद में उच्चाधिकारियों को इस संबंध में शिकायत भी दी थी।

परिजनों का दावा अपहरण के बाद की गई हत्या

पत्नी हेमलता, बेटा मेहताब सिंह करोपे का दावा है कि उनके पिता सुसाइड कर ही नहीं सकते हैं। वह नियमित स्कूल जाने के साथ बच्चों को अच्छे से पढ़ाते थे। गांव व समाज में उनकी प्रतिष्ठा थी। वे काफी मिलनसार थे। यही बात गांव के कुछ लोगों को नागवार लगती थी। 9 अगस्त को गांव के सामाजिक लोगों से उनका विवाद हुआ था।

बेटी हेमलता करोपे के मुताबिक उस दिन विवाद के दौरान उसके पिता के साथ मारपीट भी हुई थी। परिजनों को संदेह है कि उनके पिता को अगवा करने के बाद बंधक बनाकर कहीं रखा गया था। बाद में हत्या कर शव को नहर में फेंका गया है।

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चार बेटियां और एक बेटा हैं परिवार में

मंगल सिंह करोपे का भरा-पूरा परिवार है। उनकी चार बेटियों चंचला, रेशमा, किरण और बेटा मेहताब सिंह की शादी हाे चुकी है। वहीं छोटी बेटी हेमलता की अभी शादी होनी है। वह एमपीईबी में कार्यरत हैं। 25 दिन से परिवार तिल-तिल कर जी रहा था। परिवार उम्मीद लगाए बैठा था कि शायद पिता लौट आएंगे। 25 दिन से परिवार सिर्फ उनकी तलाश में जुटा था। शुक्रवार को शव मिलने के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।

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