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  • The City Will Not Keep The Idol Of Sethani, Will Worship The Picture, Neither Will The Girl's Banquet Nor The Prasad Will Be Distributed, The Decision In The Meeting Of The 157 Year Old Sunrahai Durgotsav Committee

दुर्गोत्सव समिति की बैठक:नगर सेठानी की मूर्ति नहीं रखेंगे, तस्वीर का पूजन करेंगे, न कन्या भोज होगा और न ही प्रसाद बँटेगा,157 साल पुरानी सुनरहाई दुर्गोत्सव समिति की बैठक में निर्णय

जबलपुरएक महीने पहले
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शहर में कोरोना महामारी की व्यापकता को देखते हुए दुर्गोत्सव समितियों द्वारा शारदेय नवरात्रि में देवी माँ की मूर्ति स्थापना नहीं करने का निर्णय लिया जा रहा है। बुधवार को नगर सेठानी के नाम से जानी जाने वाली सुनरहाई दुर्गोत्सव समिति द्वारा भी शहर हित में निर्णय लिया गया है कि इस वर्ष मूर्ति की जगह केवल घट की स्थापना की जाएगी। समिति के अध्यक्ष मुकेश राठौर ने बताया कि सुनरहाई दुर्गोत्सव समिति शहर में सबसे 156 साल प्राचीन समिति है। समिति द्वारा माता

की तस्वीर रखकर नौ दिनों तक सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पुजारी द्वारा माता का विधिवत पूजन-अर्चन किया जाएगा। समिति द्वारा इस वर्ष न तो कन्या भोज कराया जाएगा और न ही लोगों को प्रसाद बाँटा जाएगा। बैठक में राजेश टंचवाले, महेन्द्र छनिया, कृष्णकांत सुहाने, दिनेश राठौर, बज्रेन्त सोनी बंटी, सुभाष अग्रवाल, राजेश सोनी, नवीन सराफ आदि करीब 50 पदाधिकारी उपस्थित थे।

धनुषधारी दुर्गा उत्सव समिति मिलौनीगंज

धनुषधारी दुर्गोत्सव समिति मिलौनीगंज ने भी नवरात्री में दुर्गा माँ की प्रतिमा स्थापना नहीं करने का निर्णय लिया है। समिति के अध्यक्ष पं. सतीश उपाध्याय ने बताया कि समिति द्वारा घट स्थापना एवं दीप प्रज्जवलित कर नौ दिन विधिनुसार पूजा की जाएगी। कन्या भोज के दिन अंध मूक-बधिर बालिकाओं की सेवा की जाएगी। साथ ही संस्था से जुड़े मूर्तिकार, बैंड, लाइट, स्टेज डेकोरेटर, शहनाई एवं भण्डारा बनाने वाली गरीब महिलाओं को राशन किट का वितरण किया जाएगा।

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