नया मोड़:हाईकोर्ट में आज फिर होगी ऑक्सीजन और रेमडेसिविर पर सुनवाई

जबलपुर6 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस अतुल श्रीधरन की डिवीजन बैंच ने शुक्रवार को फिर से इस मामले को सुनवाई के लिए लगा दिया। - Dainik Bhaskar
चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस अतुल श्रीधरन की डिवीजन बैंच ने शुक्रवार को फिर से इस मामले को सुनवाई के लिए लगा दिया।
  • गुरुवार को आना था आदेश, शुक्रवार के लिए फिर लिस्ट हुआ केस

प्रदेश में ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी को लेकर मप्र हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई में गुरुवार को उस समय नया मोड़ आ गया, जब मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद आदेश की प्रतीक्षा की जा रही थी, लेकिन चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस अतुल श्रीधरन की डिवीजन बैंच ने शुक्रवार को फिर से इस मामले को सुनवाई के लिए लगा दिया।

हाईकोर्ट द्वारा कोरोना के इलाज पर स्वत: संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई की जा रही है। इस मामले में कोर्ट मित्र वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ ने डिवीजन बैंच को बताया कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी प्रदेश में ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी बनी हुई है। कोरोना टेस्ट की आरटीपीसीआर रिपोर्ट 36 घंटे में नहीं दी जा रही है।

राज्य सरकार ऑक्सीजन के लिए पूरी तरह केन्द्र सरकार पर निर्भर है। वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद मोहन माथुर ने कहा कि निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट की अनिवार्यता को लागू किया जाए। हाईकोर्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज शर्मा ने आवेदन दायर कर कहा था कि बोकारो से ऑक्सीजन लेकर सागर रवाना हुए टैंकर को बीच रास्ते में झांसी में रोक लिया गया। इसके कारण ऑक्सीजन टैंकर 16 घंटे विलंब से सागर पहुँचा।

राज्य सरकार की ओर से जानकारी दी गई कि ऑक्सीजन टैंकर को छोड़ दिया गया है। राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता पुरुषेन्द्र कौरव, उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने पक्ष प्रस्तुत किया, जबकि केन्द्र सरकार की ओर से अधिवक्ता विक्रम सिंह हाजिर हुए।

खबरें और भी हैं...