प्रदेश की सबसे लंबी रेल सुरंग:रीवा-सीधी नई रेल लाइन परियोजना में 3KM से ज्यादा लंबी होगी ये सुरंग, तेजी से चल रहा है काम

जबलपुर2 महीने पहले
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रीवा-सीधी के बीच छुहिया घाटी के बीच रेलवे एमपी का सबसे लंबा सुरंग बना रहा है। - Dainik Bhaskar
रीवा-सीधी के बीच छुहिया घाटी के बीच रेलवे एमपी का सबसे लंबा सुरंग बना रहा है।

पश्चिम मध्य रेलवे (पमरे) ललितपुर-सिंगरौली नई रेल परियोजना के निर्माण कार्य पर तेजी से काम करा रहा है। रीवा-सीधी नई रेल लाइन को रीवा और सीधी जिले को बांटने वाली छुहिया घाटी को पार करना होगा। इस दुर्गम पहाड़ी को काटकर रेलवे द्वारा प्रदेश की सबसे लंबी 3338 मीटर की सुरंग का निर्माण किया जा रहा है।

रीवा-सीधी के बीच नई रेल लाइन परियोजना के अंतर्गत बनने वाले गोविंदगढ़-बगवार स्टेशनों के बीच 3338 मीटर लंबाई की ब्रॉडगेज सिंगल लाइन अंडरग्राउंड रेलवे टनल नंबर 01 का निर्माण पूरा होने से सीधी भी रेलवे लाइन से जुड़ जाएगा। यह प्रदेश की सबसे लंबी रेलवे सुरंग होगी।

इस तरह सुरंग बन रहा है।
इस तरह सुरंग बन रहा है।

यहां बताते चले के छुहिया घाटी काफी घुमावदार रास्ता वाला और सबसे व्यस्त मार्ग है। इस रूट पर लोडिंग वाहनों का सबसे अधिक दबाव रहता है। अक्सर यहां जाम लगता है। इसी जाम के चलते सीधी बस हादसा हुआ था। नहर में बस गिरने से उसमें सवार 54 लोगों की मौत हो गई थी। रेलवे लाइन तैयार हो जाने से लोडिंग वाहनों का दबाव कम हो जाएगा। अधिकतर परिवहन मालगाड़ियों से होने लगेगा।

मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल की मॉनीटरिंग में हो रहा निर्माण

इस रेलवे लाइन के निर्माण कार्य शुरू करने से पहले इसकी पूरी डिजाइन सरंचना पर गहन अध्ययन किया गया। डिजाइन अनुसार कार्य को अंजाम देने के लिए और तकनीकी मार्गदर्शन के लिए मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल को नियुक्त किया गया। जिला प्रशासन की अनुमति के बाद नियंत्रित ब्लास्टिंग का कार्य किया गया। जिससे पहाड़ी की प्राकृतिक सरंचना कायम रहे।

प्रदेश की सबसे लंबी सुरंग बन रही रीवा-सीधी रेलवे मार्ग पर।
प्रदेश की सबसे लंबी सुरंग बन रही रीवा-सीधी रेलवे मार्ग पर।

दोनों छोर से सुरंग खनन का चल रहा काम

इस रेलवे लाइन के निर्माण कार्य में सुरंग खोदने का काम अनुमोदित डिजाइन के अनुसार ही पूरा किया गया। सुरंग का निर्माण कार्य गोविंदगढ़ (रीवा छोर) और बगवार (सीधी छोर) से किया गया। इसमें दोनों छोर से उच्च तकनीक की इंजीनियरिंग मशीन जिससे ड्रिलिंग और टनलिंग का कार्य एक साथ हो का उपयोग कर सुरंग की खुदाई शुरू की गई है।

सुरंग को मजबूती देने रॉक बोल्ट लगाए गए हैं

सुरंग में होरिजेंटल रॉक जोड़ों की कठिन चुनौतियों को भी बेहतर तरीके से समाहित कर निर्माण कार्य किया जा रहा है। सुरंग को मजबूती प्रदान करने के लिए अतिरिक्त रॉक बोल्ट लगाए जा रहे हैं। इस निर्माण कार्य में इंजीनिरिंग के अलावां भौगोलिक सरंचना के अनुसार हर गतिविधियों पर ध्यान दिया जा रहा है। पमरे द्वारा रीवा-सीधी-सिंगरौली की इस 165 किमी लंबी नई रेल लाइन परियोजना को वर्ष 2022 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित है।

2022 तक सीधी भी जुड़ जाएगा रेल लाइन से।
2022 तक सीधी भी जुड़ जाएगा रेल लाइन से।

सीधी का पहला रेलवे स्टेशन रघुनाथपुर में बन रहा

रीवा-सीधी-सिंगरौली की इस रेलवे लाइन में बांसा के बाद सीधी जिले का पहला रेलवे स्टेशन रघुनाथपुर में बन रहा है। बांसा और रघुनाथपुर के बाद रामपुर नैकिन, चुरहट और इसके साथ ही सीधी का रेलवे स्टेशन बनाया जा रहा है। इस रेलवे लाइन से सीधी जिले के 91 गांव प्रभाावित हुए हैं। रेलवे यहां जमीन अधिग्रहित करने के एवज में 1900 लोगों को नौकरी भी दे रहा है।