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पिता के हार न मानने की जिद:2 बार CM हेल्पलाइन, SP ऑफिस के 5 चक्कर, थाने 50 बार गया; हार कर हाईकोर्ट गया तब 117 दिन बाद खुली बेटी की मर्डर मिस्ट्री

जबलपुर8 महीने पहले

जबलपुर में लापता बेटी काे तलाशने के लिए पिता 50 बार थाने गया, पांच बार एसपी से मिला और 2 बार CM हेल्पलाइन में भी शिकायत की। IG-DIG से मिला, जब बेटी नहीं मिली तो हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाई तब जाकर जांच में तेजी आई। 117 दिन बाद पता चला कि उसके प्रेमी ने GCF फैक्ट्री के खंडहर हो चुके क्वार्टर में हत्या कर दी है। उसका सिर्फ कंकाल मिला। जानिए सिलसिलेवार क्या हुआ था, कहां पर पुलिस की चूक हुई और पिता के जिद पर पुलिस ने दोबारा आरोपी तक कैसे पहुंची...

31 मई 2021 की दोपहर 12.30 बजे। रांझी झंडा चौक वंशकार मोहल्ला की रहने वाली खुशबू वंशकार (23) के मोबाइल पर कॉल आता है। इसके बाद वह घर से यह बोलकर निकलती है कि वह ब्यूटी पार्लर जा रही है। पिता के मुताबिक, बेटी इसके बाद घर नहीं लौटी। चार संतानों में सबसे बड़ी बेटी की गुमशुदगी उसी रात पिता ने रांझी थाने में दर्ज कराई।

पिता नंदकिशोर वंशकार ने बेटी की तलाश में रात-दिन एक कर दिया।
पिता नंदकिशोर वंशकार ने बेटी की तलाश में रात-दिन एक कर दिया।

यहां से शुरू हुआ पिता का संघर्ष
पिता नंदकिशोर वंशकार के मुताबिक, उस समय थाने में आरके मालवीय टीआई थी। बेटी की गुमशुदगी दर्ज कर उन्होंने उसका CDR निकलवाया। आखिरी कॉल हत्या के आरोपी बजरंग नगर गंगामैया निवासी आकाश बेन का निकला। कॉल डिटेल से उसके नंबर पर ही सबसे अधिक बातें होने की जांच भी हो रही थी। उधर, पूछताछ में आकाश बेन पुलिस पर इक्कीस साबित हुआ। खुशबू के पिता के तीन बार कहने पर पुलिस ने इस संदिग्ध से पूछताछ की, लेकिन कुछ परिणाम नहीं निकला।

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उधर, बेटी के गायब होने के बाद से परेशान पिता ने उम्मीद में हर चौखट पर दस्तक दी। दो बार सीएम हेल्पलाइन, 5 बार एसपी से मिला। एक-एक बार IG-DIG कार्यालय में भी गुहार लगाई। 50 से अधिक बार रांझी थाने इस उम्मीद से पहुंचता रहा कि शायद उसकी बेटी की कोई खबर मिल जाए। ये करते हुए तीन महीने निकल गए।

बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाई
पिता नंदकिशोर का दावा है कि वह थाने जाता तो तत्कालीन टीआई का रूखा सा जवाब मिलता कि तुम भी अपने स्तर पर पता लगाओ कि तुम्हारी बेटी के किससे चक्कर चल रहे थे। पिता उसने हाईकोर्ट की शरण ली। बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाई। कोर्ट ने एसपी को आदेश दिया कि खुशबू को ढूंढ़ कर याचिकाकर्ता की कस्टडी में सौंपते हुए कोर्ट में पेश करो। तब जाकर पुलिस सक्रिय हुई।

मां सुधा वंशकार व पिता नंदकिशोर वंशकार के साथ समाज के लोगों ने प्रदर्शन भी किया था।
मां सुधा वंशकार व पिता नंदकिशोर वंशकार के साथ समाज के लोगों ने प्रदर्शन भी किया था।

नए टीआई को एसपी ने दिया चैलेंज
इधर, रांझी टीआई रहे आरके मालवीय डीएसपी प्रमोट होकर स्थानांतरित हो गए। थाने की कमान मिली टीआई विजय सिंह परस्ते को। कोर्ट की फटकार और इस केस को सुलझाने का चैलेंज एसपी ने नए टीआई को सौंपा। प्रकरण की विवेचना थाने के एसआई आरके मार्को कर रहे थे।

टीआई विजय सिंह परस्ते के मुताबिक, उन्होंने केस डायरी मंगवाई, अब तक की जांच को समझा। इसके बाद विवेचक मार्को, एसआई महिमा रघुवंशी, एएसआई कैलाश मिश्रा, लखमणि मरकाम, प्रधान आरक्षक धीरेंद्र तिवारी के साथ इस केस से जुड़े बिंदुवार प्रश्नावली तैयार की गई।

आकाश बेन और खुशबू वंशकार।
आकाश बेन और खुशबू वंशकार।

आकाश बेन ही क्यों था संदिग्ध

  • कॉल डिटेल में आखिरी कॉल आकाश बेन का ही था।
  • पुलिस की पूछताछ में ये भी साफ हो चुका था कि वो खुशबू से प्यार करता था।
  • खुशबू की शादी घरवालों ने दिनेश नाम के युवक से तय कर दी थी।
  • खुशबू के कॉल डिटेल में दिनेश से भी बातचीत का पता चला था।
  • दिनेश हत्या कर दे, ऐसा कोई कारण नहीं समझ में आ रहा था।
  • इधर, आकाश बेन के मामले में ऐसा नहीं था। उसके पास हत्या की वजह थी।
  • कॉल डिटेल से पता चला कि खुशबू मई से आकाश से बातचीत कम करने लगी थी।

आकाश को घेरने के लिए सवालों के भंवर में फंसाया
मौजूदा टीआई विजय सिंह परस्ते के मुताबिक, आकाश को चौथी बार पूछताछ के लिए 23 सितंबर को उठाया गया। इस बार उसे 20 सवालों से घेरा गया। कुछ सवालों का उसने जवाब दिया, तो उन जवाब से कई और सवाल किए गए। 4 घंटे तक उससे टीआई सहित अन्य सवाल दागते रहे। आखिर में वह कोई जवाब नहीं दे पा रहा था। नजरें झुका चुका था। सवालों के भंवर में फंसकर उसने सच उगल दिया। बोला भी कि इससे पहले उससे इतने सवाल नहीं हुए थे।

इस खंडहर में ले जाकर की थी पहली मंजिल पर हत्या।
इस खंडहर में ले जाकर की थी पहली मंजिल पर हत्या।

दूसरी बार ले गया था वीकल फैक्ट्री वाले खंडहर में
आकाश बेन ने इसके बाद हत्या की पूरी दास्ता सुनाई। बताया कि वह खुशबू से प्यार करता था। वह भी प्यार करती थी, लेकिन दिनेश से शादी तय होने के बाद उसने दूरी बना ली थी। उसका इस तरह बदल जाना उसे नागवार गुजरा। वह जब भी फोन करता, तो वह काट देती थी। उसे सबक सिखाने के इरादे से उसने आखिरी बार मिलने को कहा था।

चारों तरफ से झाड़ियों से घिर इस खंडहर में अमूमन कोई नहीं जाता।
चारों तरफ से झाड़ियों से घिर इस खंडहर में अमूमन कोई नहीं जाता।

वीकल फैक्ट्री के उस खंडहर में वे पहले भी जा चुके थे। 30 मई को भी वह एक बार वहां गया था। 31 मई की दोपहर 12.30 बजे उसने कॉल किया। वह घर से ब्यूटी पार्लर जाने का बोलकर निकली थी। सुभाष नगर झंडा चौक स्थित ब्यूटी पार्लर के बाहर से उसने खुशबू को स्कूटी पर बैठा कर निकला था।

इस तरह खोपड़ी सहित कंकाल मिला था।
इस तरह खोपड़ी सहित कंकाल मिला था।

खंडहर में ले जाकर तुरंत कर दी थी हत्या
आरोपी आकाश बेन के मुताबिक, वह सीधे खुशबू को लेकर खंडहर में पहुंचा। वहां पहली मंजिल पर पहुंचा। आगे खुशबू चल रही थी। उसने अचानक उसे पीछे से दबोचा और गले पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार कर मार डाला। इसके बाद चाकू और शव को वहीं छोड़कर वह एक्टिवा लेकर घर आ गया था। हत्या के बाद भी वह अपने रूटीन काम में पहले की तरह लगा रहा, जिससे किसी को संदेह भी नहीं हुआ। पुलिस जब-जब उसे बुलाती, वह थाने पहुंच जाता था।

सागर FSL भेजा गया है कंकाल, DNA जांच होगी
टीआई विजय सिंह परस्ते के मुताबिक, आरोपी के कथन की पूरी वीडियोग्राफी कराई गई है। वहीं उसी की निशानदेही पर कंकाल बरामद किया गया था। इसकी भी पूरी वीडियोग्राफी कराई गई है। कंकाल खुशबू का ही है, इसके लिए उसके बाल, हड्‌डी और परिजनों के ब्लड सैंपल की डीएनए मैचिंग कराई जा रही है। झंडा चौक से उसे ले जाते हुए कुछ लोगों ने देखा था, उनके भी बयान लिए गए हैं।

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