पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Jabalpur
  • The Riders Are Filled All Day On The Middle Road, Only Parking Is Being Done In ISBT Made In Crores Of Rupees

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

दीनदयाल चौराहा अवैध बस स्टैंड में तब्दील:बीच सड़क पर दिनभर भरी जाती हैं सवारियां, करोड़ों रुपए में बने आईएसबीटी में हो रही सिर्फ पार्किंग

जबलपुर13 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
चौराहे के पास खड़ी बसें और वहीं से बैठाए जा रहे यात्री। यही वजह है कि खूबसूरत चौराहा और करोड़ों का आईएसबीटी दोनों बदहाल हैं। - Dainik Bhaskar
चौराहे के पास खड़ी बसें और वहीं से बैठाए जा रहे यात्री। यही वजह है कि खूबसूरत चौराहा और करोड़ों का आईएसबीटी दोनों बदहाल हैं।
  • गेट के बाहर लग रहा बसों का जमावड़ा, जिम्मेदारों को सरोकार नहीं
  • ऑपरेटर्स कर रहे मनमानियां, चौराहे के आसपास अतिक्रमण भी बढ़े

करोड़ों की लागत से तैयार आईएसबीटी (इंटर स्टेट बस टर्मिनस) जब तैयार हो रहा था तो ऐसा लग रहा था कि अब शहर का कायाकल्प होगा। शहर के जिम्मेदार अधिकारी जगह-जगह बने अवैध बस अड्डों पर चौकड़ी लगाते ऑपरेटर्स को एक ही स्थान से बसें चलाने बाध्य करेंगे।

लेकिन हुआ बिल्कुल विपरीत। वर्तमान में आईएसबीटी के बाहर दीनदयाल चौराहा पूरी तरह अघोषित बस स्टैण्ड में तब्दील हो चुका है। जहां ढीठता दिखाते हुए जबरन खड़े होकर बस ऑपरेटर सवारियां बैठाते हैं और आईएसबीटी सिर्फ बसों की पार्किंग के काम आ रहा है।

यहां चौराहे के हालात दिनों दिन बिगड़ते जा रहे हैं। कार्रवाई न होने के कारण ऑपरेटर्स आईएसबीटी के भीतर से सवारियां बैठाना ही नहीं चाहते। कोरोना के चलते अब भी आईएसबीटी से पूरी बसें नहीं चल रही हैं। जो चल रहीं वे चौराहे पर ही खड़ी नजर आती हैं।

सवारियां भी ये अच्छे से जानती हैं कि उन्हें बसें चौराहे से ही मिलेंगी। इसलिए वे भी आईएसबीटी के भीतर नहीं जातीं। इससे चौराहे की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। यहां सुबह से लेकर रात तक जाम की स्थिति बनती है।

लोग हॉर्न बजाते रहते हैं और बस ऑपरेटर बसें हटाने राजी नहीं होते। सूत्रों के मुताबिक कुछ तथाकथित एजेंट सवारियों को आईएसबीटी के भीतर जाने से रोकते हैं। उनकी देखा देखी दूसरे ऑपरेटर्स भी सवारियां भरने के फेर में चौराहे के बीच में बसें खड़ी कर देते हैं।

6 सौ है बसों की संख्या

आईएसबीटी से चलने वाली कुल बसों की संख्या 6 सौ के करीब है। बस ऑपरेटर राज्य शासन पर बसों का किराया 50 फीसदी तक बढ़ाने की जिद पर अड़े हैं। इसलिए जानबूझकर सवारियों को परेशान कर सभी बसों को ऑनरोड करने से कतरा रहे हैं।

पहले बसों की टैक्स माफी, अब किराया बढ़ोत्तरी। ऑपरेटर्स को सवारियों की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है। जो बसें चल रही हैं उन्हें परमिट की शर्तों का उल्लंघन कर घंटों बाहर चौराहे पर ही खड़ा रखते हैं। जब बसें पूरी तरह भर जाती हैं उसके बाद ही रवानगी लेती हैं।

ऐसे बन रहे हालात

  • सवारिया दीनदयाल चौराहे के फुटपाथ पर बैठने मजबूर।
  • पानी के इंतजाम न होने से यहां-वहांभटकती हैं।
  • पूछताछ खिड़की हमेशा बंद रहती है।
  • सवारियों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है।
  • अधिकारी बस ऑपरेटर्स पर लगाम कसने में नाकाम।
  • शाम ढलने के बाद असामाजिक तत्वों का जमावड़ा।

आज का राशिफल

मेष
Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
मेष|Aries

पॉजिटिव- व्यस्तता के बावजूद आप अपने घर परिवार की खुशियों के लिए भी समय निकालेंगे। घर की देखरेख से संबंधित कुछ गतिविधियां होंगी। इस समय अपनी कार्य क्षमता पर पूर्ण विश्वास रखकर अपनी योजनाओं को कार्य रूप...

और पढ़ें

Open Dainik Bhaskar in...
  • Dainik Bhaskar App
  • BrowserBrowser