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  • The Son Trapped In The Balcony Was Worried About The Old Mother, So Ritu, Surrounded By Suffocating Smoke And Flames, Tried To Save The Daughter Even After Her Death.

भीषण अग्नि हादसे में भी मां की ममता सब पर:बालकनी में फंसे बेटे को बूढ़ी मां की चिंता थी, तो दमघोटू धुएं और लपटों से घिरी रितु मौत के बाद भी बेटी को बचाने की कोशिश की

जबलपुर4 महीने पहले
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परी मां रितु सोनी के साथ। 10 दिन पहले ही भोपाल से जबलपुर आए थे मां-बेटी। - Dainik Bhaskar
परी मां रितु सोनी के साथ। 10 दिन पहले ही भोपाल से जबलपुर आए थे मां-बेटी।

जबलपुर में भीषण अग्निहादसे में तीन जिंदगियां खाक हो गई, लेकिन मां की ममता जीत गई। दमघोटू धुएं और आग की लपटों से बचकर निकले आदित्य ने गार्ड से सबसे पहले मां को बचाने की गुहार लगाई। वहीं आदित्य की बहन रितु ने दम निकलने तक बेटी को बचाने की जद्दोजहद करती रही। रितू छत की सीलिंग से पिघल कर गिरे प्लास्टिक को पीठ पर सह गई। मां-बेटी की एक-दूसरे से चिपकी लाश देख पुलिस वालों का भी कलेजा फटा जा रहा था।

रेलवे में प्रोटोकॉल इंस्पेक्टर आदित्य सोनी दो बहनों के इकलौते भाई हैं। बड़ी बहन रितु की शादी भोपाल में लालघाटी एयरपोर्ट रोड निवासी रत्नेश सराफ से हुई है। रत्नेश सराफ डीडी एमपी में न्यूज रीडर हैं। परी उर्फ धनविस्टा सोनी (7) उनकी इकलौती बेटी थी। 10 दिन पहले ही मां-बेटी जबलपुर आए थे। दरअसल रितु की मां अरुणबाला सोनी कैंसर पीड़ित हैं और अक्सर बीमार रहती हैं।

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नेहा सोनी ने कुछ दिन पहले ही अपना जन्मदिन मनाया था।
नेहा सोनी ने कुछ दिन पहले ही अपना जन्मदिन मनाया था।

नरसिंहपुर करेली के रहने वाले हैं आदित्य सोनी

आदित्य की एक बहन वर्षा आस्ट्रेलिया में है। आदित्य का पैतृक गांव करेला नरसिंहपुर है। तीन साल पहले ही वह पिंक सिटी में घर बनाकर शिफ्ट हुए थे। उनकी शादी बैतूल की रहने वाली नेहा सोनी से 12 साल पहले हुई थी, लेकिन खुद की औलाद नहीं थी। शहर में उनके फूफा सुरेश कुमार जयप्रकाश नगर में रहते हैं। आदित्य ने सबसे पहले उन्हें हादसे की सूचना दी। मेडिकल के मरचुरी में सुरेश ही बेटों के साथ पीएम कराने पहुंचे थे। भतीजी व नातिन के साथ बहू का शव देख उनका गला भर आया।

सीलिंग की प्लाई और घरेलू सामानों के चलते तेजी से फैली आग।
सीलिंग की प्लाई और घरेलू सामानों के चलते तेजी से फैली आग।

सीलिंग के चलते तेजी से फैली आग

आदित्य सोनी ने छत पर सीलिंग बनवाया था। इसकी वजह से पूरा घर लाक्षागृह बन गया था। रितु पर यही सीलिंग पिघल कर गिरा था। कमरे में रखा सारा सामान कोयला बन गया। कमरे के अंदर इतना हीट था कि प्लास्टर टूट कर ईट दिखने लगा। खिड़कियों के कांच चट कर निकल गए। घर से निकले धुएं ने अगल-बगल की दीवारें काली पड़ गई थी।

रितु सोनी मरते दम तक बेटी को बचाने की जद्दोजहद करती हुईं।
रितु सोनी मरते दम तक बेटी को बचाने की जद्दोजहद करती हुईं।
मासूम परी का शव देख पुलिस वालों का भी कलेजा फटा जा रहा था।
मासूम परी का शव देख पुलिस वालों का भी कलेजा फटा जा रहा था।
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