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चुनरी से गला कसा, आवाज गई; 3 साल बाद लौटी:जबलपुर में 18 साल की युवती फिर बोल सकेगी, जानिए कैसे...

जबलपुर6 महीने पहलेलेखक: संतोष सिंह

जबलपुर मेडिकल कॉलेज की सुपर स्पेशलिटी में कार्डियो थोरेसिक वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) डिपार्टमेंट ने 18 साल की युवती को नई जिंदगी दी। सिहोरा निवासी युवती का तीन साल पहले चुनरी से गला कसने से श्वास नली बंद हो गई थी। आवाज भी चली गई थी।

युवती गरीब परिवार से है। पिता कुछ दिन पहले उसे लेकर मेडिकल कॉलेज आए। यहां ईएनटी विभाग में उसे दिखाया। जहां से उसे सुपर स्पेशलिटी के सीटीवीएस विभाग में रेफर किया गया। सीटीवीएस विभाग के डॉक्टर एसएस निमिष राय ने इसे चैलेंज के तौर पर लिया। ऑपरेशन काफी जटिल था।

ऑपरेशन में युवती की हमेशा के लिए आवाज जाने का भी खतरा था। सांस लेने के लिए श्वास नली में सुराख कर कृत्रिम नली लगाई गई थी। उसे हटाने पर उसकी जान भी जा सकती थी। सीटी स्कैन से पता चला कि वोकल कॉर्ड से 5 मिमी नीचे 2.2 सेमी लंबाई में श्वास नली पूरी तरह से दब चुकी थी। इतने बड़े हिस्से को काट कर अलग करने और श्वास नली को फिर से जोड़ना भी एक चुनौती थी।

चार घंटे चला ऑपरेशन
सुपर स्पेशलिटी के डायरेक्टर डॉ. वायआर यादव के मार्गदर्शन में डॉक्टर राय, डॉ. विश्वनाथ और एनेस्थीसिया टीम के साथ डॉ. लता, डॉ दीपक और सभी सीटीवीएस विभाग के कर्मचारियों ने इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। ये ऑपरेशन पिछले शुक्रवार को हुआ। सीटीवीएस विभाग की टीम ने बंद हो चुकी श्वास नली को काटकर अलग कर दिया। इसके बाद श्वास नली को आपस में जोड़ दिया। ये पूरा ऑपरेशन आयुष्मान कार्ड पर हुआ। अभी युवती को अगले 15 दिन गहन निगरानी में रखा जाएगा। युवती अब खुद से सांस लेने लगी है। उसकी आवाज भी लौट आई है। कृत्रिम श्वास नली निकल चुकी है।

अभी ये सावधानी जरूरी
श्वास नली के बीच का दो सेमी का हिस्सा काटकर जोड़ना पड़ा है। इस कारण उसे अभी गर्दन मोड़कर और झुका कर रखना होगा। श्वास नली सही तरीके से काम करती रहे, इस कारण शुरुआती कुछ दिन उसे भाप दी जा रही है। इसके बाद उसे गर्दन की एक्सरसाइज कराई जाएगी। फिर वह पूरी तरह से नॉर्मल हो जाएगी।

डीन सहित अधीक्षक ने दी बधाई
मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. गीता गुईन, अधीक्षक डॉ. जितेंद्र गुप्ता ने सीटीवीएस विभाग के डॉक्टरों को बधाई दी। बताया कि इससे पहले भी श्वास नली संबंधी जटिल ऑपरेशन किए गए, लेकिन ये अपने आप में अनोखा केस था। रिस्क भी था, लेकिन बिटिया अब पूरी तरह से स्वस्थ्य है। उसे वेंटिलेटर से हटा दिया गया है। अभी वह डॉक्टरों की निगरानी में अगले 15 दिन रहेगी। इसके बाद छुट्‌टी मिलेगी।