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होमगार्ड टीम पर भारी पड़े गांव के गोताखोर:त्रिवेणी घाट पर परिवार के साथ भंडारा करने गया युवक नहाते समय नर्मदा में डूब गया था, 30 घंटे बाद स्थानीय गोताखोरों ने निकाली लाश

जबलपुर20 दिन पहले
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राजू ठाकुर (35) की तलाश कर होमगार्ड की रेस्क्यू टीम थक कर लौट गई, तो गांव के गोताखोरों ने ढूंढ निकाला। - Dainik Bhaskar
राजू ठाकुर (35) की तलाश कर होमगार्ड की रेस्क्यू टीम थक कर लौट गई, तो गांव के गोताखोरों ने ढूंढ निकाला।

होमगार्ड की विशेष प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम पर गांव के गोताखोर भारी पड़े। जिला मुख्यालय से 65 किमी दूर बेलखेड़ा के त्रिवेणी घाट पर मंगलवार को 35 वर्षीय युवक डूब गया था। 30 घंटे बाद गांव के गोताखोरों ने उसे हादसा स्थल से 500 मीटर दूर छोटी नाव और जाल की मदद से ढूंढ निकाला। जबकि स्टीमर और कांटे की मदद से होमगार्ड की रेस्क्यू टीम पांच किमी के दायरे में ढूंढ कर दो घंटे पहले ही निकल गई थी।

बेलखेड़ा पुलिस के मुताबिक गुँदरई गांव निवासी राजू ठाकुर (35) परिवार और रिश्तेदारों के साथ भंडारा करने त्रिवेणी संगम छरौआ घाट पहुंचे थे। 35 से 40 की संख्या में सभी थे। भंडारा के दौरान राजू ठाकुर अन्य लोगों के साथ नर्मदा में नहाने उतर गया था। वह बहाव में कई बार इधर-उधर तैरता रहा। फिर बीच धारा उसकी सांस उखड़ गई और देखते ही देखते नर्मदा की गहराई में समा गया।

राजू ठाकुर (35) की जीवित अवस्था की फोटो।
राजू ठाकुर (35) की जीवित अवस्था की फोटो।

हादसे के बाद मच गई चीख-पुकार

घाट पर राजू ठाकुर की पत्नी आरती बाई, दो बच्चे राज ठाकुर (12) व बड्‌डू ठाकुर (8) और पिता देवी सिंह सहित परिवार के लोग मौजूद थे। राजू के डूबते ही चीख-पुकार मच गई। भंडारा में विघ्न पड़ चुका था। हादसे की सूचना बेलखेड़ा थाने को दी गई। तब तक स्थानीय गांव के गोताखोर उसकी तलाश में नर्मदा की गहराई छानने उतर गए। लगभग दो घंटे बाद शहर से होमगार्ड की रेस्क्यू टीम पहुंची। बुधवार को दोपहर दो बजे होमगार्ड की टीम ने हाथ खड़े कर दिए। रेस्क्यू टीम पांच किमी के दायरे में नर्मदा को छान चुकी थी। उनके लौटने के बावजूद स्थानीय गांव के गोताखोरों ने हौसला नहीं हारा। वे छोटी नाव और जाल की मदद से राजू की तलाश में लगे रहे। आखिरकार हादसे से 500 दूर राजू की लाश जाल में फंस गई।

होमगार्ड की रेस्क्यू टीम सर्चिंग करती हुई।
होमगार्ड की रेस्क्यू टीम सर्चिंग करती हुई।

खेती-किसानी करता था राजू

राजू गांव से दूर पथरिया में रहकर खेती करता था। वहीं परिवार के अन्य लोग गुँदरई गांव में रहते हैं। उसकी ससुराल तेंदूखेड़ा दमोह में है। भंडारे में ससुराल से भी लोग शामिल होने आए हुए थे। दो दिन से परिवार वाले चमत्कार की उम्मीद लगाए बैठे थे। लाश मिलने के बाद ये भी टूट गई। बेलखेड़ा पुलिस ने शव का पीएम कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

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