सीसीटीवी की मदद से दबोचा चोर:मरही माता मंदिर में गेट तोड़कर घुसे बदमाश; प्रतिमा का हाथ तोड़कर चांदी का मुकुट ले गया

जबलपुर10 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
मरही माता का मंदिर और क्षतिग्रस्त मूर्ति। - Dainik Bhaskar
मरही माता का मंदिर और क्षतिग्रस्त मूर्ति।
  • घमापुर क्षेत्र में है सैकड़ों वर्ष पुराना मंदिर, पांच वर्ष पहले भी हो चुकी है चोरी

जिले में सक्रिय चोरों ने गुरुवार रात को घमापुर में मरही माता मंदिर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर प्रतिमा का हाथ तोड़कर चांदी का मुकुट चुरा ले गया। पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई। सुबह लोगों ने प्रतिमा टूटी देखी, तो आक्रोश फैल गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी का मुकुट जब्त कर लिया। पुलिस उसे हिरासत में लेकर अन्य चोरी की वारदात के बावत पूछताछ में जुटी है।

मंदिर परिसर में पुलिस को मिला था मूर्ति के हाथ का टुकड़ा।
मंदिर परिसर में पुलिस को मिला था मूर्ति के हाथ का टुकड़ा।

पांच वर्ष पहले भी हो चुकी है चोरी
जानकारी के अनुसार मरही माता मंदिर को लेकर क्षेत्र में काफी आस्था है। पांच वर्ष पूर्व भी मंदिर में चोरी की वारदात हो चुकी है। उस समय मूर्ति खंडित होने पर हंगामा मचा था। तब पुलिस-प्रशासन ने मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कराई थी। एक बार फिर मंदिर में चोरी और मूर्ति खंडित करने की खबर मिलते ही सुबह आक्रोशित लोग पहुंच गए। मंदिर से जुड़े लोगों ने पुलिस ने रात में गश्त न करने का आरोप लगाया। हंगामे की खबर पाकर घमापुर पुलिस भी पहुंची। मंदिर में लगे सीसीटीवी को खंगाला गया।

आक्रोशित लोगों ने हंगामा किया। साथ ही, पुलिस पर गश्त न करने का आरोप लगाया।
आक्रोशित लोगों ने हंगामा किया। साथ ही, पुलिस पर गश्त न करने का आरोप लगाया।

ताला तोड़कर दिया अंजाम
पुलिस के मुताबिक सिद्धबाबा क्षेत्र के मरही माता मंदिर में चोर गेट का ताला तोड़कर घुसा था। उसने मूर्ति पर 150 ग्राम वजन का छत्र चुरा ले गया। फुटेज के आधार पर पुलिस ने क्षेत्र के पवन नाम के युवक को दबोचा। उससे पूछताछ चल रही है। पुलिस की मानें, तो पुलिस उससे चोरी का मुकुट जब्त कर लिया है। उससे कुछ और चोरी की वारदात खुलने का अनुमान है।

बहुत पुराना है मंदिर
मंदिर के पुजारी प्रभुदास सोनवाह ने बताया कि मरही माता का मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है। मंदिर में सुबह से शाम तक बड़ी संख्या में भक्त पूजा-पाठ करने पहुंचते हैं। दानपेटी को चोर ने हाथ तक नहीं लगाया। वह सिर्फ चांदी का छत्र ले गया। मूर्ति के दोनों हाथ टूटने के संबंध में आरोपी ने बताया कि धोखे से मूर्ति का हाथ टूट गया। प्रतिमा का हाथ टूटने के बाद ही वह मंदिर से निकल गया था।