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ये लापरवाही घातक हो सकती है:जबलपुर में 8.32 लाख लोगों को लगी वैक्सीन, महज 16% ने लगवाया सेकेंड डोज; एक्सपर्ट बोले- 1 डोज से तैयार नहीं होती एंटीबॉडी

जबलपुर3 महीने पहले
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जबलपुर में वैक्सीनेशन अभियान में लोगों की लापरवाही कोविड की तीसरी वेव में घातक साबित हो सकती है। जिले में अब तक 8 लाख 32 हजार से ज्यादा लोगों ने वैक्सीन लगवा ली है, लेकिन सेकेंड डोज की बात करें तो तस्वीर निराश करने वाली है। महज 16% लोग सेकेंड डोज लगवाने पहुंचे हैं। यही चिंता वैक्सीनेशन से जुड़े अधिकारियों को भी सता रही है। कंप्लीट वैक्सीनेशन नहीं हुआ तो इसका कोई फायदा नहीं होगा। गुरुवार को सिर्फ सेकेंड डोज लगाए जा रहे हैं।

जिला टीकाकरण अधिकारी शत्रुघ्न दाहिया के मुताबिक बुधवार को जिले में वैक्सीनेशन का रिकॉर्ड बना। 25 हजार टारगेट की तुलना में 29 हजार लोगों को वैक्सीन लगाई गई। कुल 162 सत्र आयोजित किए गए थे। 45+ वालों की संख्या जहां 6470 रही तो 18+ वालों की संख्या 22 हजार 425 रही।

जिले में 39 केंद्रों पर लगाया जा रहा सिर्फ सेकेंड डोज

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. एसएस दाहिया के मुताबिक वैक्सीनेशन अभियान के तहत गुरुवार को जिले में कोवैक्सिन की दूसरी डोज के विशेष सत्र आयोजित किए गए हैं। जिले में कुल 39 सेंटर्स बनाए गए हैं। 33 सेंटर्स पर कोवीशील्ड लगाई जा रही है। वहीं 6 सेंटर्स पर को-वैक्सीन लगाई जा रही है। 12 सेंटर्स सिर्फ 45+ वालों के लिए बनाए गए हैं। वहीं 8 सेंटर्स पर 18+ वालों को वैक्सीन लगाई जा रही है। 19 सेंटर्स पर दोनों तरह के लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है।

सेकेंड डोज नहीं लगवाया तो कोई फायदा नहीं होगा

वैक्सीन की दोनों डोज लगवाना अनिवार्य है। एक डोज से शरीर में एंटीबॉडी तैयार नहीं हो पाती है। दूसरा डोज लगवाने के 14 दिन बाद शरीर में प्रतिरोधक क्षमता कोविड से लड़ने लायक विकसित हो जाती है। यही कारण रहा कि सेकेंड वेव में दोनों डोज लगवाने वालों की मौत नहीं हुई। 28 दिन में कोवैक्सिन का दूसरा डोज लगवाएं और 56 से 84 दिनों के बाद कोवीशील्ड का दूसरा डोज लगवा सकते हैं।

डॉक्टर रत्नेश कुरारिया, CMHO, जबलपुर

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