देवशयनी एकादशी आज / इस बार अधिकमास होने के कारण पाँच महीने तक होगा देवशयन

X

  • इस दौरान पूजा-पाठ से मिलेगी सकारात्मक ऊर्जा, देवउठनी एकादशी तक सभी मांगलिक कार्य रुक जाएँगे

दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:00 AM IST

जबलपुर. आषाढ़ मास शुक्लपक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहा जाता है। इस बार यह पर्व 1 जुलाई को है। इस दिन भगवान योग निद्रा में चले जाएँगे और कार्तिक महीने के शुक्लपक्ष की एकादशी 25 नवंबर को जागेंगे। इस दौरान किसी भी प्रकार के मांगलिक काम नहीं होंगे। पं. रोहित दुबे ने बताया कि शास्त्रों के अनुसार देवशयनी एकादशी पर व्रत करने से जाने-अनजाने में किए  पाप खत्म हो जाते हैं। इस दिन शंखासुर राक्षस को मारने के बाद भगवान विष्णु क्षीर सागर में 4 महीने के लिए योग निद्रा में चले गए थे। इसलिए इस दिन भगवान को शयन करवाने की परंपरा है। पं. वासुदेव शास्त्री ने बताया कि देवशयनी एकादशी से चातुर्मास भी शुरू हो जाता है। आषाढ़ शुक्लपक्ष की एकादशी से कार्तिक शुक्लपक्ष की एकादशी तक का समय चातुर्मास कहलाता है। इस बार चातुर्मास के दौरान अधिकमास होने से भगवान विष्णु करीब 5 महीने तक शयन करेंगे। अब 1 जुलाई से 25 नवंबर तक विवाह और अन्य महत्वपूर्ण मांगलिक काम नहीं हो पाएँगे। चातुर्मास के दौरान पूजा-पाठ, कथा, अनुष्ठान से सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी। पं. राजकुमार शर्मा शास्त्री ने बताया कि चातुर्मास में  16 संस्कार रुक जाते हैं। हालाँकि पूजन, अनुष्ठान, मरम्मत करवाए गए घर में प्रवेश, वाहन और आभूषण खरीदी जैसे काम किए जा सकते हैं।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना