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310 गांव में एक भी कोरोना संक्रमित नहीं:कटनी जिले के गांवों में ग्रामीणों ने स्वयं लगाया जनता कर्फ्यू, नियम तोड़ने वालों पर की जाती है जुर्माने की कार्रवाई

कटनी3 महीने पहले
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इस तरह गांवों में लिख दी गई सूचना। - Dainik Bhaskar
इस तरह गांवों में लिख दी गई सूचना।

कटनी में बढ़ते कोरोना संक्रमण और मरते मरीजों के बीच जिले के 310 गांव ऐसे भी जहां कोरोना नहीं पहुंच पाया है या फिर ये कहा जाए कि ग्रामीणों की समझदारी ने कोरोना को गांव में घुसने का मौका ही नहीं दिया। ग्रामीणों ने जनता कर्फ्यू से लेकर गांव के प्रवेश द्वार तक को बंद कर दिया है। सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क लगाने का पालन भी सख्ती से कर रहे है। जिसका नतीजा यह है कि गांव में कोरोना संक्रमित एक भी मरीज नहीं है। इन गांव में जो भी व्यक्ति नियम तोड़ता है तो उसके खिलाफ गांव में ही जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जाती है।

जानकारी के अनुसार जिले में 407 ग्राम पंचायतों में 310 गांव ऐसे है जहां पर कोरोना के एक्टिव केस नहीं है। 84 गांव ऐसे हैं जहां पर कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 1 से चार के बीच है जबकि 13 गांव ऐसे हैं जहां पर 5 से ज्यादा एक्टिव केस है। आंकड़ों के आधार पर कहा जा सकता है कि ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में कोरोना संक्रमण शहरी क्षेत्रों में अधिक फैल रहा है।

नहीं है एक्टिव केस
जिन जनपद पंचायतों में ग्राम पंचायतों में कोरोना के एक्टिव केस एक भी नहीं है उनमें बहोरीबंद जनपद पंचायत के 68, ढीमरखेड़ा के 59, बड़वारा के 56, कटनी के 46, विजयराघवगढ़ 45, रीठी के 36 गांव शामिल हैं। इसके अलावा जिन गांव में कोरोना के एक्टिव केस एक से चार के बीच है उसमें बहोरीबंद जनपद पंचायत के 8 गांव, ढीमरखेड़ा के 9, बड़वारा के 10, कटनी के 12, विजयराघवगढ़ के 27 और रीठी के 18 गांव शामिल है। इसी तरह जिन ग्राम पंचायतों में 5 से ज्यादा एक्टिव केस हैं उसमें बहोरीबंद में 3 गांव, ढीमरखेड़ा में 5, बड़वारा में एक भी नहीं, कटनी में 1, विजयराघवगढ़ में 2 और रीठी के 2 गांव शामिल है।

गांव में बाहरी लोगों का आना बंद कर दिया गया।
गांव में बाहरी लोगों का आना बंद कर दिया गया।

वैक्सीनेशन से मना कर दिया था
कोरोना संक्रमण से गांव की सुरक्षा और बाहरी लोगों का गांव में प्रवेश वर्जित करने को लेकर ग्रामीणों की प्रतिबद्धता का उदाहरण कुछ दिन पहले ढीमरखेड़ा विकासखंड के बिचुआ गांव में देखने को मिला था। जहां पर ग्रामीणों ने वैक्सीनेशन करने गई टीम को गांव के अंदर नहीं जाने दिया था और वैक्सीनेशन कराने से भी इंकार कर दिया था। ग्रामीणों का कहना था कि उनके गांव में कोरोना नहीं है। गांव में बाहर से लोग नहीं आएंगे तो कोरोना भी नहीं आएगा।

कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के अनुसार कटनी जिले के 310 गांव ऐसे हैं जहां कोरोना के एक भी एक्टिव केस नहीं हैं। कुछ गांव में मामले हैं भी तो संख्या बहुत कम है। गांव को कोरोना मुक्त रखने के लिए ग्रामीण अभी भी प्रयासरत् हैं। बाहरियों का प्रवेश रोकने से लेकर गांव के अंदर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे उपाय अपना रहे हैं।

रिपोर्ट: रवि पांडेय

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