लोकल की ब्रांडिंग करेगा WCR:जबलपुर सहित 45 रेलवे स्टेशनों पर वोकल फॅार लोकल की स्कीम जल्द

जबलपुर2 महीने पहले

पश्चिम मध्य रेलवे अब लोकल की ब्रांडिंग करेगा। जोन के 45 स्टेशनों को पहले चरण में शामिल किया गया है। इन स्टेशनों पर एक जिला एक उत्पाद के तहत लोकल फॉर वोकल स्कीम को बढ़ाया जाएगा। जबलपुर स्टेशन पर संगमरमर की मूर्ति और उसके उत्पाद रखे जाएंगे। वहीं मदनमहल स्टेशन पर हैंडी क्राफ्ट्स का आउटलेट्स खुलेगा। जल्द ही स्टेशन पर खोवा की जलेबी भी मिलेगी।

सीपीआरओ राहुल जयपुरिया के मुताबिक रेलवे बोर्ड के निर्देशानुसार पूरे देश में “एक स्टेशन एक उत्पाद” योजना का विस्तार किया जा रहा है। देश भर में एक हजार तो पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर, भोपाल व कोटा रेल मंडल के 45 स्टेशनों पर पहले चरण में इसे लागू किया जा रहा है। इस स्कीम का उद्देश्य स्थानीय उत्पाद और व्यापार को प्रोत्साहन देना है।

स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देना है मकसद

स्थानीय उत्पादों और प्राचीन दुर्लभ कलाकृतियों को बढ़ावा देना है। रेलवे इस व्यवसाय से जुड़े उद्यमों के लिए बेहतर अवसर विकसित करने में मदद करेगा और रेल यात्रियों के लिए भी स्थानीय उत्पाद उपलब्ध कराएगा, जो कि आपकी यात्रा में सोवेनियर दिलाएगा और यात्रा अविस्मरणीय रहेगी।

जबलपुर मंडल के 15 स्टेशनों पर ये आउटलेट्स खुलेंगे

जबलपुर मंडल के 15 रेलवे स्टेशनों पर एक स्टेशन एक उत्पाद लागू करने की योजना है। इसके अतंर्गत जबलपुर स्टेशन पर संगमरमर की मूर्ति और उसके उत्पाद, मदन महल स्टेशन पर हैंडी क्राफ्ट्स, पिपरिया स्टेशन पर हैंडीक्राफ्ट, सतना स्टेशन पर पापड़, अचार, मुरब्बा, आंवला, कैंडी इत्यादि, सागर स्टेशन पर पूजन सामग्री, दमोह स्टेशन पर हर्बल प्रोडक्ट्स, मड़वासग्राम स्टेशन पर बांस के खिलौने, क्ले टॉय, कटनी स्टेशन पर पत्थर की नक्काशी (स्टोन कर्विंग), कटनी मुड़वारा स्टेशन पर टाँय एंड डॉल (खिलौने और गुड़िया), ब्यौहारी स्टेशन पर बताशा और करी, नरसिंहपुर स्टेशन पर हैंडी क्राफ्ट्स, करेली स्टेशन पर जैविक गुड़, सुहागपुर स्टेशन पर लकड़ी के खिलौने (वुडन टॉय), मैहर स्टेशन पर महिलाओं के पारंम्परिक सामान और आभूषण (वूमेंस ट्रैडीशनल एसेसरीज एंड ज्वैलरी), गाड़रवारा स्टेशन पर रेशम के धागों से बने आभूषण (ज्वेलरी मेड फॉर सिल्क थ्रेड) स्टॉल उपलब्ध कराने की योजना बनाई जा रही है।

भोपाल रेल मंडल में 15 स्टेशनों पर ये मिलेगा

भोपाल मंडल के 15 रेलवे स्टेशनों पर एक स्टेशन एक उत्पाद योजना के अतंर्गत हरदा स्टेशन पर बांस उत्पाद, इटारसी स्टेशन पर लकड़ी के खिलौने, जुट के सामान, होशंगाबाद स्टेशन पर स्मारिका, बांस के खिलौने, रानी कमलापति स्टेशन पर हथकरघा और साड़ी, भोपाल स्टेशन पर जरी ज़रदोज़ी शिल्प कला, विदिशा स्टेशन पर सांची का स्मृति चिन्ह, गंजबासौदा स्टेशन पर फ्लैग टोन टाइल्स, बीना स्टेशन पर जुट उत्पाद, अशोकनगर स्टेशन पर चंदेरी उत्पाद, गुना स्टेशन पर मसाला और हथकरघा, शाजापुर स्टेशन पर संतरा और उनके उत्पाद, बांस के हस्त शिल्प के खिलौने, ब्यावरा राजगढ़ स्टेशन पर हस्तशिल्प उत्पाद, रुठियाई स्टेशन पर हस्त शिल्प उत्पाद, शिवपुरी स्टेशन पर कपड़ा जैकेट, संत हिरदाराम नगर स्टेशन पर बाघ प्रिंट और हथकरघा शिल्प स्टाल उपलब्ध कराने की योजना है।

कोटा मंडल के 15 स्टेशनों पर ये उत्पाद मिलेगा

कोटा मंडल के 15 रेलवे स्टेशनों पर एक स्टेशन एक उत्पाद योजना के अतंर्गत भरतपुर स्टेशन पर कच्ची घानी सरसों का तेल, बयाना स्टेशन पर मीठे मलाई के लड्डू, श्री महावीरजी स्टेशन पर जैन दर्शन की साहित्य सामग्री, गंगापुर सिटी स्टेशन पर मीठी खीर मोहन, सवाई माधोपुर स्टेशन पर हस्तशिल्प मुद्रण आइटम, बूंदी स्टेशन पर बूंदी पेंटिंग, बारां स्टेशन पर मांगरोल हथकरघा कपड़ा, कोटा स्टेशन पर कोटा डोरिया साड़ी, डकनिया तलाव स्टेशन पर कोटा डोरिया सूट एवं दुपट्टा, झालावाड सिटी स्टेशन पर मधु सखी झालावाडी हनी, भवानी मंडी स्टेशन पर मधु सखी झालावाडी हनी, शामगढ़ स्टेशन पर हाथ से बने मसाले, चैमहला स्टेशन पर मधु सखी झालावाडी हनी, रामगंज मंडी स्टेशन पर आंवला कैंडी, हिंडौनसिटी स्टेशन पर मीठी मांग, मूंग दाल बर्फी आदि का स्टाल उपलब्ध कराने की तैयारी है।

रीवा, कोटा व भोपाल में पहले से आउटलेट्स।
रीवा, कोटा व भोपाल में पहले से आउटलेट्स।

तीन स्टेशनों पर पहले से लागू

पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर मण्डल के रीवा स्टेशन पर, भोपाल मण्डल के भोपाल स्टेशन पर तथा कोटा मण्डल के कोटा स्टेशन पर एक स्टेशन एक उत्पाद योजना पहले से ही चल रही है। रीवा में सुपारी क्राफ्ट के उत्पाद बिक रहे हैं। वहीं कोटा में कोटा डोरिया साड़ी और भोपाल में जरी ज़रदोज़ी शिल्प कला प्रोडक्ट के स्टाल पहले से संचालित हैं।