पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Jabalpur
  • Whether To Go To The Capital Of The State By Road Or To The Neighboring State City Of Nagpur, Everyone Has To Resort To Alternative Route With More Distance.

अधूरी सड़कें:सड़क मार्ग से प्रदेश की राजधानी जाना हो या फिर पड़ोसी राज्य के शहर नागपुर, सभी में ज्यादा दूरी के साथ वैकल्पिक मार्ग का सहारा

जबलपुर25 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
  • सालों की कवायद में भी मुख्य सड़कें पूरी नहीं बन पाईं, बारिश में अभी लंबा सफर और दु:खदायी
Advertisement
Advertisement

कोरोना काल में ज्यादातर ट्रेनों के पहिए थमे हुए हैं, इसी तरह बसें भी बंद हैं। इन हालातों में सड़क मार्ग से शहरों में आना-जाना है, लेकिन सड़कों की हालत बदतर होने से यहाँ भी किसी तरह की राहत नहीं है। प्रदेश की राजधानी भोपाल हो, छग की राजधानी रायपुर या पड़ोसी राज्य तक नागपुर का सफर मुख्य मार्गों से पूरा नहीं हो सकता है। सभी जगह जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग का सहारा कहीं न कहीं लेना ही पड़ता है। वैकल्पिक मार्ग में  समय भी ज्यादा लगता है साथ ही ईंधन की खपत ज्यादा होने के साथ ही दूरी भी ज्यादा तय करनी पड़ रही है। सालों की कवायद के बाद भी मुख्य सड़कें अभी तक पूरी तरह से नहीं बन पाईं हैं। जिम्मेदार एजेंसी से जुड़े अधिकारी दावा करते हैं कि जल्द ही मुख्य हाईवे सड़क निर्माण पूरा होगा पर दावे कई सालों से खोखले साबित हो रहे हैं। 

जबलपुर से मण्डला और रायपुर तक  

  • सीधे मण्डला, रायपुर जाने में 18 किमी. मार्ग बदतर। 
  • जबलपुर से निवास और मण्डला, रायपुर का विकल्प। 
  • मुख्य मार्ग बीते 8 सालों से पूरा नहीं बन सका। 
  • अभी बारिश में अधूरा हिस्सा ज्यादा खतरनाक है। 

जबलपुर से नागपुर का सफर 

  • वैकल्पिक मार्ग सिवनी, छिंदवाड़ा से जाना पड़ रहा। 
  • खवासा से मोहगाँव के बीच 28 कि.मी. में  निर्माण। 
  • मुख्य मार्ग को बीते एक माह से बंद कर दिया गया। 
  • अब यात्रा का ज्यादा समय, दूरी भी ज्यादा 

शहर से  प्रदेश की राजधानी भोपाल 

  • मुख्य मार्ग एनएच-12 अब भी अधूरा है। 
  • वैकल्पिक मार्ग सागर, विदिशा होकर जाना पड़ रहा। 
  • अब भी 60 फीसदी निर्माण हो सका पूरा। 
  • वन का पेंच, राहत की उम्मीद अभी नहीं। 
  • यहाँ सीधे मार्ग में तकलीफें कम नहीं जबलपुर से दमोह मार्ग में टोल वसूली के बाद सड़क बदतर है तो अमरकंटक, बिलासपुर में 3 साल पहले मार्ग को चौड़ा करने की अनुमति एनएचएआई से मिलने के बाद अब तक काम आरंभ नहीं हो सका है। इन शहरों तक मुख्य सड़क का सहारा ही लिया जाता है पर इनमें भी किसी न किसी तरह परेशानी बनी हुई है। अमरकंटक सड़क पर तो कोई तेज गति से चल ही नहीं सकता है, क्योेंकि इसके मोड़ को अब तक खत्म नहीं किया जा सका। लोक निर्माण एनएच कबीर चबूतरा तक 60 फीट चाैड़ी सड़क बनाने के लिए टेण्डर जारी कर चुका है पर इसके लिए अब तक पूरी तरह से भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इस तरह किसी राह में चैन नहीं है।पी-4 
  • इस तरह बढ़ जाती है दूरी| जबलपुर से नागपुर सीधे जाने पर 273 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है तो वैकल्पिक मार्ग अभी फिलहाल इससे ज्यादा दूरी तय कराता है। जबलपुर से मण्डला-रायपुर सीधे जाने में 30 किलोमीटर कम लगते हैं तो जबलपुर से बरेला निवास या जबलपुर से कुण्डम-निवास और मण्डला जाने पर 30 किलोमीटर ज्यादा लगते हैं। प्रदेश की राजधानी मुख्य मार्ग एनएच-12 से 325 किलोमीटर में पहुँचा जा सकता है तो विकल्प के रूप में सागर, विदिशा से इससे ज्यादा दूरी तय करनी पड़ती है। इस तरह किसी भी हिस्से में जाइए अभी किसी तरह का चैन नहीं है। 

Advertisement
0

आज का राशिफल

मेष
मेष|Aries

पॉजिटिव- अगर कोई विवादित भूमि संबंधी परेशानी चल रही है, तो आज किसी की मध्यस्थता द्वारा हल मिलने की पूरी संभावना है। अपने व्यवहार को सकारात्मक व सहयोगात्मक बनाकर रखें। परिवार व समाज में आपकी मान प्रतिष...

और पढ़ें

Advertisement