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गांजा का आरोपी बन गया वन्य जीव तस्कर:जबलपुर की WCCB टीम ने ओडिशा वन विभाग के साथ मिलकर दो तस्करों को दबोचा, आरोपियों के कब्जे से 14.2 किग्रा पैंगोलिन स्केल्स जब्त

जबलपुर4 महीने पहले
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आरोपियों को डब्ल्यूसीसीबी व वन विभाग की टीम ने दबोचा। - Dainik Bhaskar
आरोपियों को डब्ल्यूसीसीबी व वन विभाग की टीम ने दबोचा।

वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (WCCB) जबलपुर की टीम ने ओडिशा वन विभाग के साथ मिलकर दो वन्य जीव तस्कराें को दबोचा है। दोनों तस्करों के पास से टीम ने 14.2 किग्रा पैंगोलिन स्केल्स जब्त किए। आरोपियों में एक शातिर गांजा तस्कर है और 2013 में 27 महीने की जेल काट चुका है।

आईपीएस तिलोत्तमा वर्मा और क्षेत्रीय उपनिदेशक मध्य क्षेत्र जबलपुर अभिजीत रॉय चौधरी के मुताबिक मुखबिर की सूचना पर ओडिशा में टीम कार्रवाई करने पहुंची थी। टीम ने वहां की वन विभाग की टीम की मदद से ढेंकनाल जिले में दबिश दी। वहां बाइक से दाे तस्कर बोरी में 14.2 किग्रा पैंगोलिन स्केल्स लेकर किसी ग्राहक को बेचने निकले थे। उसी दौरान टीम ने दोनों काे दबोच लिया।

आरोपियों की पहचान फिरोज खान निवासी हाउसिंग वार्ड बाजे चौक टाउन जिला ढेंकनाल और रत्नाकर रावत के रूप में हुई। विशेषज्ञों की माने तो एक पेंगोलिन से दो से तीन किग्रा ही स्केल्स निकल सकता है। जब्त स्केल्स के लिए आरोपियों ने सात से आठ पेंगोलिन का शिकार किया होगा।

80 लाख रुपए के गांजा तस्करी में रत्नाकर जा चुका है जेल

रत्नाकर रावत शातिर गांजा तस्कर है। 2013 में आरोपी 27 महीने जेल में रह चुका है। उसे 80 लाख रुपए के गांजे के साथ गिरफ्तार किया गया था। गांजा के साथ आरोपी वन्यजीवों की तस्करी करने लगा। पेंगोलिन काफी दुर्लभ वन्यजीव श्रेणी में आता है। हाल के दिनों में इसका शिकार बढ़ गया है। लोगों को भ्रम है कि इसकी कीमत काफी मिलती है। इसके स्केल्स से उत्तेजक दवाओं का निर्माण करने की बात कही जाताी है।

जब्त पेंगोलिन के स्केल्स।
जब्त पेंगोलिन के स्केल्स।

भ्रम में हो रहा पेंगोलिन का शिकार, नहीं मिलती कोई कीमत

हालांकि डब्ल्यूसीसीबी के अधिकारी इस तरह के दावों को खारिज करते हैं। इस कार्रवाई को डॉ प्रकाश चंद गुगनानी, डॉ रश्मि रंजन एसीएफ की मॉनीटरिंग में अंजाम दिया गया। टीम ने आरोपियों के दोनों मोबाइल भी जब्त किए हैं। आरोपियों से पूछताछ जारी है। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि आरोपियों ने ओडिसा के जंगल में पेंगोलिन का शिकार करने के बाद स्केल्स निकाला था।

पूरी कार्रवाई रेंजर गौतम प्रधान की अगुवाई में की गई। यहां बताते चले के डब्ल्यूसीसीबी मध्य क्षेत्र जबलपुर के अंतर्गत एमपी, छग, ओडिशा व झारखंड स्टेट आते हैं। इससे पहले 10 दिन पहले कालाहाडी में 8 तेंदूआ, एक टाइगर और नाखून, दांत आदि के साथ सात आरोपियों को दबोचा था। ये टीम छग और ओडिशा में सक्रिय था।

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