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खेती-किसानी के ख्वाब पूरे करने वाले सेंटर की कहानी:दो साल में 85 से ज्यादा स्टार्टअप शुरू; इनवेस्टर्स तक पहुंचाते हैं युवाओं के यूनिक आइडियाज

मध्यप्रदेश9 महीने पहलेलेखक: संतोष सिंह

जबलपुर इन्क्यूबेशन सेंटर एमपी के युवाओं के सपनों को पंख दे रहा है। खासकर खेती-किसानी से जुड़ा स्टार्टअप शुरू करने वाले युवकों को निवेशकों के साथ जोड़कर सफल बनाने में मदद कर रहा है। खेती किसानी से जुड़े अब तक 85 स्टार्टअप से ज्यादा रन कर चुके हैं। खेती-किसानी से लेकर अन्य यूनिक आइडिया है, तो आप भी इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़कर आइडिया को साकार कर सकते हैं। इक्यूबेशन सेंटर किस तरह युवओं के स्टार्टअप को मदद कर सकता है? भास्कर खेती-किसानी सीरीज-27 में आईए जानते हैं एक्सपर्ट अग्रांशु द्विवेदी मैनेजर और उनकी सहयोगी श्वेता नामदेव कंसल्टेंट, (इन्क्यूबेशन सेंटर जबलपुर) से…

स्टार्टअप के इको सिस्टम को मजबूत करते हैं

जबलपुर इन्क्यूबेशन सेंटर खेती-किसानी से जुड़े किसी भी स्टार्टटप के इको सिस्टम को मजबूत करने में मदद करता है। आपके पास स्टार्टअप (आइडिया) है। उस पर काम करना चाहते हैं, तो सीधे कटंगा उद्योग भवन जबलपुर में संपर्क कर सकते हैं। वेबसाइट WWW.jicJabalpur.org पर भी आप अपने आइडिया को शेयर कर सकते हैं। इसके बाद यहां की टीम संपर्क करती है। सबसे पहले एक स्क्रीनिंग कमेटी आइडिया की समीक्षा करती है। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद हम प्लेटफाॅर्म मुहैया कराते हैं, जिससे वो अपने आइडिया को मूर्त रूप दे पाएं।

इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़कर देश के सबसे बड़े ड्रोन के लिए जुटा पाया फंड।
इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़कर देश के सबसे बड़े ड्रोन के लिए जुटा पाया फंड।

खेती-किसानी से जुड़े स्टार्टअप की बड़ी संभावना

जबलपुर सहित महाकौशल का पूरा क्षेत्र खेती-बाड़ी पर निर्भर है। ऐसे में यहां के युवक खेती-बाड़ी से जुड़े स्टार्टअप शुरू कर सपनों को नई उड़ान दे सकते हैं। जबलपुर इन्क्यूबेशन सेंटर में नौ महीने इन्क्यूबेट करने का अवसर देते हैं। इसे तीन महीने बढ़ाकर एक साल भी कर सकते हैं। इस दौरान हम स्टार्टअप को विकसित करने, उससे जुड़े विशेषज्ञों से सम्पर्क कराकर उसकी बारीकियों को समझने, फंडिंग आदि की व्यवस्था कराते हैं, जिससे स्टार्टअप को रन किया जा सके।

इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़कर केंचुआ ऑर्गेनिक कंपनी को विस्तार देने में मिली मदद।
इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़कर केंचुआ ऑर्गेनिक कंपनी को विस्तार देने में मिली मदद।

इन्क्यूबेशन सेंटर में कई तरह की सुविधाएं

यहां स्टार्टअप शुरू करने वाले युवक को ऑफिस मुहैया कराते हैं। वो तीन सदस्यों के साथ वहां बैठ सकता है। यहां फ्री वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। वर्किंग स्पेस, फंडिंग, मेंटरशिप, नेटवर्क को बढ़ाने में मदद करते हैं। समय-समय पर इन्वेस्टर मीट, वेबिनार, डिजिटल सेमिनार आदि से एक्सपर्ट और फंडिंग करने वाले लोगों से जोड़ते हैं। कई सफल लोगों से अनुभव शेयर कराते हैं कि कैसे उन्होंने अपने स्टार्टअप को मुकाम तक पहुंचाने में सफलता हासिल की। इससे अच्छा मार्गदर्शन मिल जाता है।

किसानों को खेती-बाड़ी के गुर सिखाने के लिए मिला स्पेस।
किसानों को खेती-बाड़ी के गुर सिखाने के लिए मिला स्पेस।

85 से अधिक स्टार्टअप कर चुके हैं रन

इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़कर खेती में ड्रोन के प्रयोग, चलित मृदा प्रयोगशाला, ताजा फार्मिंग, केंचुआ आर्गेनिक, सृजन एग्रो कंसल्टेंसी जैसे कई खेती-बाड़ी से जुड़े स्टार्टअप सफल हो चुके हैं। इन युवाओं को फंड से लेकर स्टार्टअप को विस्तार करने का बड़ा मंच मिला। मौजूदा समय में ये सभी स्टार्टअप रन कर चुके हैं। इन्क्यूबेशन सेंटर में इसके अलावा आईटी, गारमेंट, फिल्म मेकिंग सहित अन्य क्षेत्र में भी यूनिक स्टार्टअप शुरू करने वाले को मदद मिल रही है।

इन्क्यूबेशन सेंटर से नए स्टार्टअप को शुरू करने में मिली मदद।
इन्क्यूबेशन सेंटर से नए स्टार्टअप को शुरू करने में मिली मदद।

भास्कर खेती-किसानी एक्सपर्ट सीरीज में अगली स्टोरी होगी इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़कर कैसे युवा सपनों को दे रहे पंख। आपका कोई सवाल हो तो इस नंबर 9406575355 वॉट्सऐप पर मैसेज करें।

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