चातुर्मास:पुण्यशीलाजी ने कहा- ज्ञान, दर्शन, चारित्र, तप यह चार मोक्ष मार्ग हैं

पेटलावद11 दिन पहले
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तपस्वी के सम्मान में आडंबर रहित जय कारा यात्रा निकाली। - Dainik Bhaskar
तपस्वी के सम्मान में आडंबर रहित जय कारा यात्रा निकाली।

भगवान महावीर स्वामी ने अपने जीवन के हजारों दिनों तक उत्कृष्ट तप आराधना कर अपने कर्म क्षय कर लिए। हत्यारा अर्जुन माली मुनि अर्जुन माली बने आहार की जगह प्रहार सहे तप आराधना की और अल्प समय में कर्म क्षय कर मोक्ष पा गए। ज्ञान, दर्शन, चारित्र, तप यह चार मोक्ष मार्ग भगवान ने बताए हैं। ज्ञान दर्शन चरित्र के साथ उत्कृष्ट तप आराधना जुड़ जाती है। तो जीव शीघ्र मोक्ष पा लेता है, तप से अंतिम समाधि मरण की आराधना सरल हो जाती है। तप से काया का मुंह छूट जाता है, तप का महत्व सूर्य के प्रकाश जैसा होता है।

जिससे बाग के फूल खिल जाते हैं, वहीं कितना ही कृत्रिम प्रकाश कर लो उससे फूल नहीं खिल सकते हैं। जीव को तप करते हुए उसमें श्रद्धा होना आवश्यक है। वरना मास खमण के पारणे मास खमण कर ले तो भी वे वांछित फल नहीं देंगे। तप साधना जीव के कर्म को सुखाने वाली साधना है, संगीता बहन ने असाता में भी उत्कृष्ट आराधना की है, उनकी हम अनुमोदना करते हैं। उक्त प्रेरणास्पद प्रवचन चातुर्मास का चौथा मास खमण पूर्ण करने वाली संगीता प्रदीप लोढ़ा के सम्मान में श्री संघ द्वारा आयोजित तप अभिनंदन समारोह में पुण्य पुंज साध्वी पुण्य शीला जी ने कहे।

आस्था जी ने कहा धर्म मार्ग पर चलने से दुर्गती के मार्ग बंद हो जाते हैं। धर्म मार्ग सर्वश्रेष्ठ मार्ग है। चतुर गुणा जी ने तपस्या पर सुमधुर स्तवन सुनाया। तपस्वी के सम्मान में अध्यक्ष अनोखेलाल मेहता के घर से आडंबर रहित जय कारा यात्रा निकली। जिसमें कई लोगों ने भाग लिया। प्रदीप झमक लाल लोढ़ा परिवार की ओर से चौबीसी का आयोजन भी किया गया। रविवार को शिविर में कई बच्चों ने भाग लिया। तपस्वी का सम्मान 31 उपवास की बोली लेकर निशा पटवा ने किया। अभिनंदन पत्र का वाचन व संचालन राजेंद्र कटकानी ने किया।

समारोह में अध्यक्ष अनोखेलाल मेहता, उपाध्यक्ष महेंद्र कटकानी, कोषाध्यक्ष विमल मोदी, अखिल भारतीय युवा संगठन के अध्यक्ष नीरज जैन, गण परिषद के कोषाध्यक्ष नरेंद्र मोदी, महिला मंडल अध्यक्ष आजाद भंडारी, बहु मंडल अध्यक्ष अनिता मोदी, बालिका मंडल अध्यक्ष सखी झाडमता, चंदना श्राविका संगठन की मधु मेहता सहित कई गांव के श्रावक-श्राविकाएं मंडलों के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।

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