पिता की मौत के बाद मां ने छोड़ा साथ:शिक्षकों ने उठाया बेटी की शादी का खर्च, उपहार में दिया गृहस्थी का सामान

कटनी8 दिन पहले

रीठी विकासखंड के मुहांस गांव के शिव मंदिर परिसर में गरीब कन्या का विवाह उसके परिवार बजाय क्षेत्र के शिक्षकों ने कराया। युवती की बारात का स्वागत करने के साथ ही पूरा खर्च शिक्षकों ने वहन किया। बेटी को विदा करते हुए उसे गृहस्थी का सामान भी उपहार के रूप में दिया।

रीठी विकासखंड के भदनपुर गांव निवासी वंदना भुमिया के पिता की मृत्यु हो गई थी। इस बीच उसकी मां भी उसे छोड़कर चली गई। उसके साथ उसकी एक और छोटी बहन है। दोनों का पालन पोषण वृद्ध दादा खुशाली भुमिया कर रहे थे। खुशाली की परिस्थिति ऐसी नहीं थी कि वे अपनी नातिन का विवाह धूमधाम से कर पाते। इस बात की जानकारी जनशिक्षा केन्द्र बड़गांव के शिक्षकों को लगी। जिसके बाद सभी ने मिलकर बेटी का विवाह करने का निर्णय लिया।

खुशाली ने वंदना का विवाह खम्हरिया जिला पन्ना निवासी धर्मेंद्र भुमिया के साथ तय किया और शिक्षकों ने मिलकर जनशिक्षक विपिन तिवारी के संयोजन में मुहांस शिव मंदिर में विवाह समारोह का आयोजन किया। मंदिर परिसर में जनशिक्षा केन्द्र बड़गांव के साथ ही अन्य स्कूलों के शिक्षकों ने भी समारोह में पहुंचकर सहयोग दिया। खम्हरिया से आई बारात का स्वागत शिक्षकों ने परिजनों के साथ किया। उसके बाद विवाह की सभी रस्में भी माता-पिता बनकर पूरी कराई। विवाह गीतों से मंदिर परिसर गूंजता रहा और शाम को गृहस्थी का सभी सामान देकर वंदना को विदा किया।

विवाह समारोह में यह लोग रहे मौजूद

विवाह समारोह के दौरान बीआरसी देवी सिंह ठाकुर, जनशिक्षा केन्द्र प्रभारी अनूप सिंह ठाकुर, कृष्ण कुमार गुप्ता, अशोक विश्वकर्मा, कृष्ण कुमार गुप्ता, प्रदीप खर्द, सुशील पाठक, अशोक सेन, रामस्वरूप पांडे, दशरथ पटेल, सोनेलाल पटेल, मिल्लू लाल चक्रवर्ती, मनोज पाटकर, गायत्री लोधी, दिनेश दुबे, सुनील दुबे, रामराज लोधी, मुस्ताक खान, बलिराम राय, भारत लोधी, डॉ आशीष विश्वास, विंजन सेन, मोहन पाठक, मुकेश विश्वकर्मा, सुरेश महोबिया, जमीर खान, स्वरूप लाल चैधरी सहित शिक्षक व समाजसेवी उपस्थित थे।

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